राजनैतिक दवाब मै की गईं एफआईआर को जाँच करा करें निरस्त

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सुग्रीव यादव स्लीमनाबाद : जनपद पंचायत अध्यक्ष के सहयोगियों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज की गईं एफआईआर के बाद रविवार को जनपद अध्यक्ष लाल कमल बंसल, जिला पंचायत सदस्य रीना राकेश लोधी, युवजन सभा प्रदेशाध्यक्ष यजुवेन्द्र यादव सहित सैकड़ो की संख्या लोग हल्ला बोल करते हुए बहोरीबंद थाना पहुंचे!जहाँ उन्होंने पुलिस के खिलाफ राजनैतिक दवाब मै आकर की गईं एफआईआर का विरोध जताया!उन्होंने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के नाम तहसीलदार आशीष अग्रवाल व थाना प्रभारी सुदेश सुमन को ज्ञापन सौपा!सौपे गए ज्ञापन के माध्यम से मांग की गईं कि जनपद पंचायत बहोरीबंद से संबंधित विभिन्न घटनाओं एवं आंदोलन के दौरान हुई गतिविधियों की निष्पक्ष जाँच कराई जाये!16 सितंबर 2026 से जनपद पंचायत बहोरीबंद के समक्ष आंदोलन /धरना प्रारम्भ किया गया था!17 सितंबर को बहोरीबंद जनपद सीईओ द्वारा अध्यक्ष लाल कमल बंसल को कथित रूप कथित रूप से जाति सूचक शब्दों एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया एवं 18 सितंबर को आंदोलन स्थल पर गतिविधियों की वास्तविकता सामने लाने के लिए जनपद पंचायत परिसर स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरो की रिकार्डिंग सुरक्षित कराकर निकलवाई जाये तथा उसकी जाँच कराई जाये!आंदोलन स्थल पर लगाए गए टेंट को दिनांक 17 सितंबर को उखाड़े जाने के संबंध मै टेंट लगाने वाले व्यक्ति से पूछताछ कर उसका बयान दर्ज किया जाये!टेंट वाले द्वारा बताया गया कि जनपद सीईओ के कहने पर टेंट उखाड़ा गया!
यह भी जाँच कराई जाये कि आंदोलन कारी धरने पर बैठे थे वहाँ जेसीबी चलवाकर तथा पानी डलवाकर आंदोलन स्थल को तालाब जैसी स्थिति मै किया गया!दिनांक 24 सितंबर को सहायक ग्रेड 3 राकेश तिवारी के द्वारा थाना बहोरीबंद मै शिकायत दर्ज किये जाने की निष्पक्ष जाँच कराई जाये!
यह भी जाँच की जाये कि उस दिन राकेश तिवारी अवकाश पर थे अथवा कार्यालय मे उपस्थित थे!उनके अवकाश आवेदन स्वीकृत आदेश उपस्थिति पंजीका एवं बायोमैट्रिक रिकार्ड जाँच की जाये!24 सितंबर को जिन जनपद अधिकारियो -कर्मचारियों, ग्राम पंचायत सचिवों व रोजगार सहायको द्वारा राकेश तिवारी के पक्ष मे एकजुटता दिखाते हुए आंदोलन कारियो पर एफआईआर दर्ज कराई गईं, उन सभी कर्मचारियों की उपस्थिति एवं अवकाश रिकार्ड की जाँच कराई जाये!
यदि कोई कर्मचारी अवकाश पर था तो उसका स्वीकृत अवकाश रिकार्ड स्पष्ट किया जाये ओर यदि अवकाश पर नहीं थे तो नियमानुसार जाँच एवं कार्रवाई की जाये!ज्ञापन कर्ताओ के विरुद्ध कथित फर्जी एफआईआर प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराकर, यदि जाँच मे प्रकरण तथ्यहीन या झूठा पाया जाता तो ज्ञापन कर्ताओ को तत्काल राहत देते हुए प्रकरण निरस्त किया जाये!

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