होलिका दहन शुभ मुहूर्त 2021,होलिका दहन के दिन क्यों नहीं जाना चाहिए श्मशान घाट

 

*ज्योतिषाचार्य निधि राज त्रिपाठी के अनुसार——प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास में होली मनाई जाती है और उससे ठीक एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है**। होलिका दहन को बहुत सी जगहों पर छोटी होली भी कहते हैं। इस वर्ष होलिका दहन 28 मार्च रविवार के दिन किया जायेगा और इसके ठीक अगले दिन यानी 29 मार्च सोमवार रंगो वाली पारंपरिक होली खेली जाएगी।

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि, होलिका दहन पूर्णिमा में यदि प्रदोष काल में की जाए तो सबसे शुभ होता है। इस दौरान भद्रा मुख को त्याग करके रात के समय होलिका दहन करना शुभ रहता है। होलिका दहन के समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए जैसे कि, होलिका दहन के समय कभी भी भद्रा काल नहीं हो इस बात का ध्यान रखें। इसके अलावा होलिका दहन के समय पूर्णिमा प्रदोष काल और व्यापिनी होना बेहद जरूरी होता है। सरल शब्दों में समझाएं तो, होलिका दहन के दिन सूर्यास्त के बाद यह तीनों मुहूर्त पूर्णिमा तिथि पर पड़ने चाहिए। ऐसी स्थिति में होलिका दहन बेहद ही शुभ मानी जाती है।

होलिका दहन शुभ मुहूर्त 2021

होलिका दहन मुहूर्त :18:36:38 से 20:56:23 तक

अवधि :2 घंटे 19 मिनट

भद्रा पुँछा :10:27:50 से 11:30:34 तक

भद्रा मुखा :11:30:34 से 13:15:08 तक

**होलिका दहन की विधि**

होलिका दहन के दिन होली का पूजा के बाद जल अर्पित करें। इसके बाद शुभ मुहूर्त के अनुसार अपने घर के किसी बड़े बुजुर्ग व्यक्ति से होलिका की अग्नि प्रज्वलित करवाएं। होलिका की अग्नि में फसल सेंके और मुमकिन हो तो इसे अगले दिन सपरिवार ग्रहण अवश्य करें। कहा जाता है होलिका दहन के दिन किया जाने वाला यह उपाय जो कोई भी व्यक्ति करता है उसके जीवन में निराशा और दुख का साया नहीं आता है। साथ ही उस व्यक्ति के परिवार के सभी लोग हमेशा रोगों से मुक्त स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीते हैंl

**होलिका दहन के दिन क्या ना करें**

अब सवाल उठता है कि, होलिका दहन के दिन क्या काम भूलकर भी नहीं करना चाहिए। तो इस बारे में हम आपको जानकारी दे दें कि, होलिका दहन के दिन कुछ बातों को विशेष रूप से ना करने की हिदायत दी जाती है जैसे कि,

होलिका दहन के दिन सफेद खाद्य पदार्थों का सेवन भूल से भी ना करें।
होलिका दहन की पूजा करते समय अपना सिर अवश्य ढक कर रखें।
होलिका दहन की अग्नि नव-विवाहित महिलाओं को देखने से बचना चाहिए।
होलिका दहन कभी भी अपनी सास या बहू के साथ ना देखें।
होलिका दहन वाले दिन कोई भी शुभ और मांगलिक काम करने से बचना चाहिए।
होलिका दहन के दिन किसी भी शांत और सन्नाटे वाली जगह जिसे श्मशान आती जाने से बचे। इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि, होलिका दहन के दिन बहुत से लोग तांत्रिक क्रियाएं करवाते हैं। ऐसे में इस दिन आत्माएं सक्रिय होती हैं जिनका आपके जीवन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

**लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो हर व्यक्ति का जन्म होते ही वह अपने प्रारब्ध के चक्र से बंध जाता है और ज्योतिषशास्त्र द्वारा निर्मित जन्म कुंडली हमारे इसी प्रारब्ध को प्रकट करती है। हमारे जीवन में सभी घटनाएं बारह राशि व नवग्रह द्वारा ही संचालित होती हैं। इन ग्रहों का आपके जीवन पर आने वाले समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा इसके बारे में विस्तृत जवाब जानने के लिए अभी आप भी कर्ज़ की समस्या से परेशान हैं, और उससे जुड़ा कोई व्यक्तिगत उपाय, निवारण जानना चाहते हों या इससे जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहिए हो तो
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हमारे शास्त्रों में होलिका दहन की रात को काफी महत्वपूर्ण बताया गया है। माना जाता है क‍ि इस द‍िन तंत्र-मंत्र को मानने वाले खास स‍िद्ध‍ियों के लिए पूजा करवाते हैं। यही नहीं लोग अपने जीवन की छोटी बड़ी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए तथा अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए तरह तरह के टोने टोटके करते है।

हमारे शास्त्रों में भी कई ऐसे उपाय है जिनका उपयोग हम होली जैसी तंत्र रात्रि को कर के अपने सोए हुए भाग को जगा सकते है। अगर आपके वैवाहिक जीवन में समस्याएं है तो इस दिन कुछ ख़ास उपाय करके आप अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते है।

पति पत्नी के बीच अक्सर मतभेद होते है। पति को लगता है कि पत्नी उसकी इच्छा अनुसार नहीं चल रही और पत्नी को लगता है कि पति उसमे रूचि नहीं ले रहा है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको कुछ शास्त्रीय उपाय बताएंगे जिनसे आपकी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

पुरुष करें ये उपाय
अगर आप अपनी पत्नी को अपने वश में करना चाहते है तो इस वशीकरण मंत्र का उपयोग करें। होलिका दहन की रात काकजंघा, तगर, केसर को “क्लीं कामदेवाय फट स्वाहा” मंत्र से अभिमंत्रित उसे अबीर या गुलाल में मिला ले फिर धुलेंडी वाले दिन इसे इच्छित स्त्री के सर पर डाल दें।

स्त्रियाँ करें ये उपाय
अपने पति को वश में करना चाहती है तो होलिका दहन की रात वैजयंती माला अपने घर ले आएं और इस माला की विधि अनुसार षडोषपचार पूजा करें।

सर्वश्रेष्ठ है होलिका दहन के लिए बृहस्पतिवार
इस वर्ष होलिका दहन 1 मार्च बृहस्पतिवार को है। तंत्र शास्त्रियों के अनुसार बृहस्पतिवार को होलिका दहन बहुत ही महत्वपूर्ण है। यही नहीं यह मेल तांत्रिक उपायों के लिए सर्वोत्तम है।

टोने टोटके से बचने के उपाय
अगर आप होली के दिन होने वाले टोने टोटके से अपने घर को और घरवालों को बचाना चाहते है तो यह उपाय अवश्य करें।

होली की राख को घर के चारों ओर और दरवाजे पर छिड़कें। ऐसा करने से घर में नकारात्मक शक्तियों का घर में प्रवेश नहीं होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
होलिका दहन की रात को सरसों का उबटन बनाकर पूरे शरीर पर मालिश करें और फिर जो मैल निकले उसे होलिका में डाल दें। इससे जादू टोने का असर ख़त्म हो जाता है।
नज़र दोष और अन्य टोने टोटके से अपने घर को सुरक्षित रखने के लिए गाय के गोबर में जौ, अलसी, कुश मिलाकर छोटा उपला बनाएं और फिर इसे घर के मुख्य दरवाजे पर टांग दें।
धुलैंडी के दिन होलिका की राख को माथे पर लगाएं। इसे बायीं ओर से दायीं ओर तीन रेखा खींचें। माथे पर इस त्रिपुण्ड को लगाने से 27 देवता प्रसन्न होते हैं।
ध्यान रहें, अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए उपाय ही करने चाहिए टोना या टोटके नहीं और एहतियात ही सबसे बड़ा उपाय है।

होली हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार होने के साथ-साथ बेहद महत्वपूर्ण पर्व में से एक माना गया है। इस वर्ष होली 28 मार्च और 29 मार्च के दिन मनाई जाएगी। यूं तो होली का यह दिन हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए खास महत्व रखता है लेकिन इस वर्ष का होली के इस त्योहार को जो बात और भी ज्यादा महत्वपूर्ण बना रही है वह है होली के दिन बनने वाले चार ग्रहों का शुभ संयोग।

होली के त्यौहार की शुरुआत होती है होलिका दहन से जो इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन यानी 28 मार्च रविवार के दिन की जाएगी। इसके बाद अगले ही दिन यानी 29 मार्च सोमवार के दिन रंग वाली होली खेली जाएगी। 28 मार्च के दिन सुबह में 1:00 बज कर 53 मिनट पर भद्रा समाप्त हो जाएगा इसलिए इस वर्ष होलिका दहन प्रदोष व्रत में किया जाना बेहद शुभ फलदाई रहने वाला है।

हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार बताएं तो, इस वर्ष की होलिका दहन के समय वृद्धि योग रहने वाला है। ऐसे में वृद्धि योग होने की वजह से इस वर्ष होलिका दहन और भी ज्यादा शुभ होने वाली है।

वृद्धि योग क्या होता है? जैसा की नाम से ही साफ जाहिर होता है कि, वृद्धि योग किसी भी काम में वृद्धि और उन्नति प्रदान करने वाला योग होता है। ऐसे में इस योग के दौरान जो कोई भी कार्य किया जाता है उसमें व्यक्ति को उन्नति मिलती है और साथ ही जीवन में वृद्धि होती है।

यह तो हो गई एक योग की बात इसके बाद होलिका दहन वाले दिन सुबह से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहने वाला है। ऐसे में जानकारों के मुताबिक इस दौरान होलिका पूजन करना बेहद ही शुभ और मंगलकारी साबित हो सकता है।

क्या होता है सर्वार्थ सिद्धि योग? सर्वार्थ सिद्धि योग में शुभ काम करना बेहद ही पुण्यदायी माना जाता है। कहा जाता है जिस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग होता है उस दिन जो कोई भी काम किया जाए उससे व्यक्ति को सिद्धि प्राप्त होती है।

सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ-साथ होलिका दहन के दिन इस वर्ष अमृत सिद्धि योग भी रहने वाला है। पंचांग की गणना के अनुसार बात करें तो रविवार 28 मार्च को शाम 5 बजकर 36 मिनट से अमृत सिद्धि योग प्रारंभ हो जाएगा और इसी योग के दौरान होलिका दहन किया जाएगा। जिसे बेहद शुभ माना जा रहा है।

क्या होता है अमृत सिद्धि योग? सर्वार्थ सिद्धि योग की ही तरह अमृत सिद्धि योग की बेहद शुभ योग माना जाता है। अक्सर यह दोनों लोग एक साथ ही पड़ते हैं। माना जाता है कि अमृत सिद्धि योग में जो कोई भी काम किया जाता है वह कार्य स्थायित्व प्रदान करता है और व्यक्ति को शुभ फल देता है और यही वजह है कि इस योग में शुभ काम किए जाने का विशेष महत्व बताया गया है।

सिर्फ इतना ही नहीं होलिका दहन की रात इस वर्ष शुक्र अपनी उच्च राशि में स्थित होंगे और सूर्य अपनी मित्र राशि में स्थित होंगे। इसके अलावा इस पर गुरु और शनि एक ही राशि में मौजूद रहेंगे। ऐसे में यह सभी बातें होली और होलिका दहन के मौके पर बेहद ही शुभ संयोग लेकर आने वाली है।

इसके साथ ही इस वर्ष होली पर एक बेहद ही खास ध्रुव योग भी बन रहा है। इस वर्ष होली पर चंद्रमा का कन्या राशि में गोचर होगा और साथ ही गुरु और शनि मकर राशि में विराजमान रहेंगे।

क्या होता है ध्रुव योग? होली पर वृषभ राशि में मंगल और राहु, कुंभ राशि में बुध और वृश्चिक राशि में केतु की स्थिति के कारण ही इसे ध्रुव योग कहा जा रहा है।

होलिका दहन शुभ मुहूर्त 2021

होलिका दहन मार्च 28, रविवार

होलिका दहन मुहूर्त- शाम 6 बजकर 37 मिनट से रात 8 बजकर 56 मिनट तक

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ- मार्च 28, रविवार सुबह 03 बजकर 27 मिनट से

पूर्णिमा तिथि समाप्त- मार्च 29, सोमवार रात 12 बजकर 17 मिनट पर

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