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अंगद की तरह पैर जमाकर बैठे लोकसेवकों का कब होगा ट्रांसफर ?

ज़बलपुर:ज़बलपुर जिले के शहरी और ग्रामीण अंचलों में ऐसे कई विभाग है जहां मलाईदार पदों पर अधिकारियों के मनपसंद लोकसेवक एक ही जगह पर 4 साल से भी ज्यादा समय तक जमे हुए हैं ,जबकि इनके ही साथ के कई कर्मचारियों औऱ अधिकारियों के तबादले हो गई लेकिन अधिकारियों और स्थानीय नेताओं के कृपा पात्र लोकसेवक अभी भी अंगद की तरह पैर जमाकर बैठे हुए हैं,आपको बता दें की कुछ कारणवश यदि इनका ट्रांसफर भी हो जाता है तो इनके आका आला अधिकारियों से कहकर इनका ट्रांसफर रुकवाने का भरपूर प्रयास करते हैं,जिसका खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ता है।



ट्रांसफर में ग्रामीण क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए

मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार म. प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा स्थानांतरण नीति लागू कर दी गयी है 15 जून से 30 जून 2023 तक जिला स्तरीय स्थानांतरण किये जाने है अर्थात ट्रांसफर से रोक हटा ली गयी है।जिला स्तर पर  कलेक्टर एवं माननीय प्रभारी मंत्री जी के अनुमोदन के बाद स्थानानंरित हुए लोकसेवकों की अंतरिम सूची जारी होगी।

इनका ट्रांसफर जरूरी

वहीँ मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि

1. उन अधिकारीयों तथा कर्मचारियों का अनिवार्य स्थानांतरण किया जाना अतिआवश्यक है, जो 3 से 5 वर्षों से एक ही स्थान /सीट पर अंगद के पैर की तरह जमे है।

2. जिन लोकसेवकों का पिछली बार ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं हो पाया था उन्हें सुअवसर दिया जाना चाहिए।

3. ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक व्यवस्था चरमराई हुई है, एक शिक्षकीय शालाओं की भरमार है,इन विद्यालयों में कक्षावार /विषयवार शिक्षकों की पदस्थापना करना नितांत आवश्यक है। इस वर्ष बोर्ड एग्जाम का परीक्षा परिणाम बेहद ख़राब आया चिंतनीय विषय है।

4. कुछ विद्यालयों में बच्चों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षकों की संख्या अधिक है अर्थात अतिशेष हैँ उन्हें अन्य कम शिक्षकों वाली शालाओं में स्थानांतरित किया जावे क्योंकि वे ट्रांसफर हेतु आवेदन तो प्रस्तुत नहीं करेंगे ये उनकी बचत है।

5. प्रत्येक एकीकृत माध्यमिक शालाओं में पूर्णकालिक प्रधान अध्यापकों की नियुक्ति की जाना चाहिए।

6. प्रत्येक संकुल में पूर्णकालिक प्राचार्य की नियुक्ति की जाना चाहिए।

7. पोर्टल पर रिक्त पदों की सही जानकारी डाली जावे।

8. वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे लोकसेवकों को शहर आने दिये जाने में प्राथमिकता प्रदान की जाना चाहिए और शहरी क्षेत्रों में दबंगता से वर्षों से जमे लोकसेवकों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाना आवश्यक है ये भी ट्रांसफर हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं करेंगे।

9. विभागवार जानकारी संकलित कर सुनियोजित तरीके से इस प्रकार ट्रांसफर किये जायें जिससे की सभी विभागों में एकरूपता /समरसता बनी रहे।

ट्रांसफर जरूरी 

मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार जिन्हें अपना ट्रांसफर करवाना है वे तो आवेदन देंगें परन्तु जो एक ही सीट पर वर्षों से जमे है या जो अतिशेष के रूप में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हैँ वे चूंकि बेहद आरामदायक स्थिति में हैँ भला वे ट्रांसफर के लिए क्यों आगे आएंगे इसलिए ये ट्रांसफर एक मिसाल कायम करे कि पारदर्शिता के साथ एकरूपता, परस्पर सामंजस्य,समरसता के साथ एक अच्छे उद्देश्य के लिए किये जा रहे हैँ। कोई अनावश्यक भटके ना।मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, जी आर झारिया, निरंद सिंह ठाकुर, अरविन्द विश्वकर्मा,संजय उपाध्याय, शिवेंद्र परिहार,ऋषि पाठक, भास्कर गुप्ता, विश्वनाथ सिंह, माधव पाण्डेय, आकाश भील, आदेश विश्वकर्मा, अरविन्द दीक्षित,दुर्गेश खातरकर,शैलेश पंड्या, पंकज हल्दकार,राकेश मून,अजब सिंह, नितिन तिवारी, धर्मेंद्र परिहार, सतीश खरे,संदीप परिहार, देवराज सिंह, सुल्तान सिंह, राशिद अली,विष्णु झारिया,अजय श्रीपाल, सुरेंद्र परसते, चंद्रभान साहू, गंगाराम साहू,बैजनाथ यादव, आशीष यादव, आशीष विश्वकर्मा, दिलीप साहू, अजय लोधी,भोगीराम चौकसे, महेश प्रसाद मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा,अफ़रोज़ खान,रवि विश्वकर्मा, अंजनी उपाध्याय, मनोज कोल,रवि केवट,कल्पना ठाकुर, प्रेमवती सोयाम,पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, इमरत सेन, लोचन सिंह,संतोष श्रीवास्तव,मोदित रजक,पवन सोयाम, रामदयाल उइके,रामकिशोर इपाचे,राजेश्वरी दुबे,अर्चना भट्ट, रेनू बुनकर, ब्रजवती आर्मो, सुमिता इंगले, शायदा खान, शबनम खान, अम्बिका हँतिमारे, भागीरथी परसते,सुधीर गौर, आसाराम झारिया, समर सिंह,पूर्णिमा बेन इत्यादि ने उपरोक्त बिन्दुओ पर ध्यानाकर्षण करवाया है।

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