जब भरत जी ने हनुमानजी पर चला दिया था तीर

 

ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार——-गहि गिरि निसि नभ धावत भयऊ।
अवधपुरी उपर कपि *गयऊ।।

हनुमानजी जब द्रोणाचल पर्वत को लेकर लंका की ओर चले तो एक ऐसी घटना होती है जिसके वे स्वयं कर्ता नहीं लगते। इसलिए गोस्वामी जी उन्हें अवधपुरी के उपर गए नहीं बल्कि कहते हैं कि –
अवधपुरी उपर कपि *गयऊ*
अर्थात् ले जाने वाला कोई और है।
वो कौन ?
राम जी की इच्छा।
और दूसरी ओर देखिए कि भरत जी ने उन्हें रात्रि के प्रहर में अत्यंत विशाल निसाचर अनुमान किया फिर भी बिना अग्रभाग के वाण मारा।
देखा भरत बिसाल अति *निसिचर मन अनुमानि*।
फिर भी –
*बिनु फर सायक मारेउ* चाप श्रवन लगि तानि।।
अरे भाई! वह विसालकाय है और रात्रि में विचरण कर रहा तथा बिना अनुमति के अयोध्या के सीमा में प्रवेश किया है,
तो वाण के अग्रभाग सहित प्रहार करते?
निसाचर पर दया क्यों?
वस्तुतः इस प्रकार के अनुमान के आधार पर दशरथ जी भूल कर चुके हैं। उन्होंने रात्रि के अंधेरे में श्रवण कुमार को जंगली पशु अनुमान कर लिया था और अग्रभाग सहित वाण प्रहार किया था तो उसके परिणाम सभी जानते हैं। दशरथ जी चाहकर भी श्रवण कुमार को जीवित नहीं बचा सके और भारी अनर्थ के भागी बने थे इसलिए उस इतिहास से शिक्षा लेते हुए भरत जी ने बिना अग्रभाग के वाण प्रहार किया। यदि वह निसाचर ही होगा तो भरत उसे वध करने में समर्थ हैं और यदि अनुमान गलत हुआ तो कम से कम उसे बचाने के लिए अवसर तो होगा।
तात्पर्य ये कि भरत जी से यह शिक्षा मिलती है कि अनुमान के आधार पर ऐसा न करें कि फिर उसमें सुधार की संभावना न हो…
🙏🙏🙏
सीताराम जय सीताराम
सीताराम जय सीताराम
**लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
“अपना नाम”
“जन्म दिनांक”
“जन्म समय”
“जन्म स्थान”
व्हाट्सएप करें!! धन्यवाद
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो हर व्यक्ति का जन्म होते ही वह अपने प्रारब्ध के चक्र से बंध जाता है और ज्योतिषशास्त्र द्वारा निर्मित जन्म कुंडली हमारे इसी प्रारब्ध को प्रकट करती है। हमारे जीवन में सभी घटनाएं बारह राशि व नवग्रह द्वारा ही संचालित होती हैं। इन ग्रहों का आपके जीवन पर आने वाले समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा इसके बारे में विस्तृत जवाब जानने के लिए अभी आप भी कर्ज़ की समस्या से परेशान हैं, और उससे जुड़ा कोई व्यक्तिगत उपाय, निवारण जानना चाहते हों या इससे जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहिए हो तो
अभी इस नंबर पर आप संपर्क कर सकते हैं l 9302409892

शेयर करें: