ये शटर के नीचे से सिहोरा में क्या हो रहा है,क्या कोरोना से ऐसे ही जंग जीत पायेगा सिहोरा ?

जबलपुर/सिहोरा:आज पूरा देश कोरोना महामारी से जंग लड़ रहा है ,इस जंग में न जाने कितने ही लोग असमय काल के गाल में समा गए तो कितने अभी भी वेंटिलेटर में है,ऐसे में कोरोना पर नकेल कसने सरकार द्वारा लॉक डाउन  लगाया गया है, तो कुछ लोग आपदा में अवसर खोजकर अपनी तिजोरियां भरने में लगे है,शटर के नीचे से हर सामान महंगा बेंचा जा रहा है, लेकिन इनको नहीं पता की तुम लाख शटर के नीचे से सामान को ज्यादा कीमत में चोरी छुपे बेंच लो ऊपर वाला सब देख रहा है,हम बात कर रहे है जबलपुर के सिहोरा की जहाँ पर कोरोना महामारी के चलते सरकार की सख्ती जबलपुर जिले के सिहोरा नगर के अधखुले दुकान के शटरों  पर लगता है लागू ही नहीं होती ,इनमें से अधिकांश दुकानदार कोई न कोई  नेताओ का करीबी जो है,अब ऐसे में प्रशासन भी इनकी दुकान की तरफ देखने के पहले हजार बार सोचता है की कहीँ दुकान बंद करवाई तो नेताजी की डांट डपट न सुननी पड़ जाए,अब ऐसे में इनकी तो कोरोना में भी बल्ले -बल्ले है,तो वहीँ दूसरी तरफ छोटे दुकानदारों के सामने रोटी रोजी का संकट आन पड़ा है,

शटर के नीचे से महंगा सामान 

वहीँ स्थानीय निवासियों की मानें तो शटर के नीचे से मिलने वाला सामान बड़ा महंगा बेचा जा रहा है, मतलब ये मान सकते है की इन ऊंची पहुँच वाले दुकानदारों द्वारा आपदा में अवसर उठाया जा रहा है,

क्या यही है होम डिलीवरी?

तो वहीँ प्रशासन द्वारा 18 मई  मंगलवार के दिन रेस्ट हाउस में एक बैठक आयोजित की गई ,जिसमें प्रशासन द्वारा सभी व्यापारियों को निर्देशित किया गया की जरूरत के सामान की होम डिलेवरी की जाए ,साथ ही सभी दुकानें बंद रहेगी और सभी को कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा,इस बैठक में एसडीओपी ,तहसीलदार सीएमओ व स्थानीय टी आई भी मौजूद थे,लेकिन जिस तरह से सिहोरा नगर के बाजार में हो रहा है, इस बात से क्या समझा जाये?

कोरोना का बढ़ता खतरा,

गौरतलब है की सिहोरा में इस साल कोरोना के सबसे ज्यादा मामले झंडा बाजार में ही आये थे उसके बाद इसे मिनी कनेटनमेंट जोन भी बनाया गया था ,औऱ यदि दिन के समय देखें तो समान खरीदने के लिए यहाँ पर नगर सहित बाहरी लोगों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है, अब ऐसे में सवाल उठता है की क्या ऐसे ही होता है लॉक डाउन ?तो क्या ऐसे ही एक दूसरे के सम्पर्क में आने जाने और चोरी छुपे शटर के अंदर ग्राहकों को अंदर कर भीड़ इकट्ठी कर कोरोना से जंग जीत पायेगा सिहोरा ?

 

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