भीषण गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रो में गहराया जल संकट 

 

जबलपुर /सिहोरा:गर्मी की दस्तक के साथ ही जल समस्या इन दिनों विकराल रूप धारण करने लगी है। अगर इसी तरह गर्मी बढ़ती रही तो आम जनजीवन को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे भू जल स्तर में गिरावट शुरु हो गई है।सिहोरा विकासखंड के ऐसे दर्जनों गांव हैं,जहां जल स्तर में गिरावट के कारण नलो में पानी आना बंद हो जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार विकासखंड का भु जलस्तर 80 से 100 फुट है लेकिन डेढ़ सौ फुट खनन वाले हैंडपंप भी हवा उगल रहे हैं,विदित हो कि गर्मी के मौसम आते ही इस गांव में प्रतिवर्ष पानी की समस्या गहराने लगती हैं।बावजूद विभाग कुम्भकर्णीय नींद में सोए हुए रहते हैं और शिकवा शिकायत के इंतजार में समय व्यतीत करती हैं, अगर समस्या आने के पूर्व समय विभाग सुध लेता तो आज ग्रामीणों को ये दिन देखना नही पड़ता।
*एक दर्जन से ग्रामों में जल संकट*
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिहोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बंधा पडुआ रानीताल खम्हरिया भटगवा सुहास मनसकरा सुनवानी खम्हरिया महगवा बम्होरी खुडावल केलवास तपा, केलवास धनगवा बिरिया रजवई मुरुकूरू पिपरिया सहित अनेक गांव का वाटर लेवल गिरने के कारण पेयजल संकट की समस्या से जूझ रहे हैं।
*रजवई,महगवा मे कुल एक हैण्डपम्प*
प्राप्त जानकारी के अनुसार 436 की आबादी वाले ग्राम रजवई में चार हैंडपंपो की मदद से पेयजल उपलब्ध कराया जाता था किंतु जल स्तर गिरने के कारण 3 हैंड पंप हवा उगल रहे हैं मात्र एक हैंडपंप संचालित होने के कारण ग्राम वासियों को भारी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है इसी प्रकार महकमा में 476 की आबादी के कंठ को तर्क करने चार हैंडपंप में से 3 हैंडपंप बंद पड़े हैं
*नल जल योजना के बोर भी सूखे*
कई गांवों में नल-जल योजना की पानी टंकी शो-पीस बनकर रह गए-सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नल जल योजना गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को राहत देने नाकाम साबित हुई हैं। नल-जल योजना अंतर्गत बनाए गए पानी टंकी गांव के लिए एक प्रतिमा के रूप में स्थापित किया गया हैं। जो विभाग की पोल खोलने के लिए काफी है। बताते चलें कि इस योजना के तहत घर-घर जल पहुचाने के लिए लाखों रुपए पानी की तरह बहाए गए हैं लेकिन ग्रामीणो को जल संकट से निजात नही मिल सकी। नल जल योजना मड़ई गौरहा एवं कंजई के बोर सूख जाने के कारण बंद पड़ी हुई है।
*पाइप बढ़ाकर पुनर्जीवित करने का प्रयास*
पेयजल समस्या को देखते हुए पीएचई विभाग द्वारा हवा उबल रहे पंपों को मैं पाइप लाइन बढ़ाकर पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है प्राप्त जानकारी के अनुसार मई माह में 519 मीटर अर्थात 173 पाइप बढ़ाकर विकासखंड के अनेक हैंडपंप को पुनर्जीवित किया गया हैं जबकि गत वर्ष 2020 में 387 मीटर अर्थात 129 पाइप बढ़ाए गए थे।
इनका कहना है,
मई माह में भूजल स्तर गिरने के कारण हैंडपंप में पाइप बढ़ाये गये है वर्तमान में भूजल स्तर स्थिर है।
शारदा वर्मा अनुविभागीय अधिकारी(पी एच ई) सिहोरा

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