सेलवारा भंडरा के जंगल में शिकारियों का आतंक,दहसत में ग्रामीण और किसान  

जबलपुर :सिहोरा तहसील अंतर्गत आने वाले सेलवारा भंडरा के जंगल मे शिकारियों द्वारा जंगली जानवरों के मारने के लिए फैलाये गए  करेंट  के जाल में ग्रामीणों की जान जा रही है ,लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक शिकारियों पर नकेल कसने कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए,नतीजन शिकारियों के हौसले बुलंद होते जा रहें है, सूत्रों की मानें तो तीन दिन पूर्व सेलवारा के जंगल में चीतल का मांस पकाते समय पुलिस और वन विभाग की टीम ने 6 से 7 लोगों को पकड़ा था लेकिन पकड़े गए शिकारियों के विषय मे न तो  पुलिस न ही जंगल विभाग द्वारा कोई स्प्ष्ट जबाब दिया जा रहा है, दोनों ही यह जरूर कह रहे है की तीन दिन पहले पुलिस व वन विभाग द्वारा सँयुक्त रूप से कार्यवाही की गई थी तो ऐसे में सवाल उठता है की वो शिकारी कहाँ गए,उनपर क्या कार्यवाही की गई ?

दहसत में ग्रामीण और किसान 

ग्रामीण किसानों ने बताया की जबसे करेंट के जाल में फसकर भंडरा निवासी युवक की मौत हुई है तबसे गांव के लोग जंगल जाने में डरते है इतना ही नहीं जिनकी खेती वाली जमीन जंगल किनारे है उन्हें भी शिकारियों के जाल के कारण दहसत रहती है, ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकारियों के खिलाप जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की है,

15 दिन पहले जा चुकी है एक ग्रामीण की जान 

वहीँ आपको बता दें की जंगली जानवरों के शिकार के लिए फैलाये गए जाल में अनिल राजभर पिता परमलाल राजभर उम्र 30 वर्ष निवासी भंडरा की मौत हो गई थी,हलाकि पुलिस और वन विभाग द्वारा यह जरूर कहा जा रहा है की हमारे द्वारा लगातार अभियान चलाकर शिकारियों की तलाश की जा रही है, लेकिन ग्रामीणों की मानें तो रात होते ही जंगल मे शिकारियों का कब्जा हो जाता है, अब तो ग्रामीणों को  जंगल जाने में भी डर लगने लगा है की कहीँ वो करेंट के जाल में न फस जाएं

इनका कहना है, तीन दिन पहले सेलवारा भंडरा के जंगल मे कुछ शिकारी मास पकाते हुए पकड़े गए थे लेकिन पूरी जानकारी वन विभाग के पास होगी,

मझगवां टी आई ,अन्नी लाल सैयाम

इनका कहना है, हाँ ये बात सही है लेकिन इसकी जानकारी वन विकाश निगम के पास मिलेगी

डिप्टी रेंजर सिहोरा,श्री अहिरवार

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