सच्ची भक्ति से ही की जा सकती है भगवान की प्राप्ति,मित्रता मैं नही होनी चाहिए छल-कपट

कटनी/स्लीमनाबाद(सुग्रीव यादव): समीपस्थ ग्राम पंचायत धरवारा स्थित शंकर हनुमान मंदिर मे सप्ताह ज्ञान यज्ञ चल रहा है।ज्ञान यज्ञ मैं संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा चल रही है।कथा का वाचन बद्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज के मुखारविंद से किया जा रहा है।सप्ताह ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन शुक्रवार को कथा वाचक के द्वारा उपस्थित जनमानस को बतलाया की श्रीकृष्ण का नाम अनमोल है।यदि पापी भी श्रीकृष्ण का नाम लेता है तो उसे सद्गति मिल जाती है।जिसके ह्दय मैं प्रभु के प्रति भाव जागते है वही लोग प्रभु की कथा मैं शामिल होते है।श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर उसके उपदेश को जीवन मैं उतारे तभी कथा की सार्थकता है।भगवान का आगमन सदैव धर्म की रक्षा के लिए हुआ है।श्रीमद्भागवत कथा हमे समाज के संस्कार ,अच्छे बुरे की पहचान सिखाती है।सच्ची भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति की जा सकती है।

जीवन में चरित्र और मित्र का काफी महत्व –

कथावाचक ने कहा की जीवन में चरित्र और मित्र का काफी महत्व है।जिसका जैसा चरित्र होता है, वैसे ही उसके मित्र बन जाते है, मनुष्य अपने चरित्र और मित्र का निर्माता है।कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल सखा सुदामा के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि जीवन में यदि मित्रता देखना है, तो भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी मित्रता के दर्शन करो, भगवान श्रीकृष्ण का चरित्र करुणा से भरा हुआ है, तो उनके मित्र सुदामा के ऊपर भगवान श्रीकृष्ण ने करुणा की वर्षा की थी, जिसका जैसा चरित्र वैसे ही उसके मित्र होंगे। सुदामा भी परम सादगी और सज्जनता की मूर्ति थे, जिनके चरित्र से सात्विकता, सच्चरित्रता, शांति के दर्शन होते थे।सायंकालीन आरती कर कथा का समापन हो गया।देर शाम हवन यज्ञ पूर्णाउती हुई।शनिवार को विशाल भंडारा होगा।इस दौरान अजय पांडेय, शिव कुमार पांडे,उमाशंकर  पाण्डे,अमित गर्ग, राजेश पांडे, मुन्नू पांडे विजय शुक्ला उमेश पाण्डे , राजेश यादव सहित बडी संख्या मे श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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