गोबर और गौमूत्र से विभिन्न उत्पादों के निर्माण हेतु विशेषज्ञों द्वारा दिया गया प्रशिक्षण

 

जबलपुर,मुख्यमंत्री गौसेवा योजना के अंतर्गत गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देशन में पशुपालन विभाग द्वारा जिले में संचालित चौबीस गौशालाओं की संचालन समितियों जिनमें ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष एवं सचिव को गोबर, गौमूत्र से विभिन्न उत्पादों के निर्माण हेतु विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
गौशाला संचालन समितियों को गौकाष्ठ का निर्माण गौमूत्र से गौअर्क बनाने का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। गोबर गैस प्लांट की स्थापना, गौशाला का संचालन, चारागाह विकास गौशाला को स्वावलंबी बनाने आदि विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गौशाला दयोदय पशुसंवर्धन एवं पर्यावरण केंद्र (गौशाला) तिलवारा घाट में किया गया था। प्रशिक्षणार्थियों द्वारा गौशाला में संचालित समस्त गतिविधियों का अवलोकन किया गया। जबलपुर विकासखंड के ग्राम बंदरकोला एवं शहपुरा विकासखंड के ग्राम झौंझी में संचालित गौशालाओं की संचालन समितियों द्वारा गौशालाओं में किए गए कार्यों की सराहना की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पशुपालन विभाग से डॉ.ए.पी. गौतम संयुक्त संचालक, डॉ. एस.के. बाजपेयी उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं,  आदित्य खरे क्षेत्रीय प्रबंधक एम.पी. एग्रो, डॉ.प्रणव सिंह जिला नोडल अधिकारी गौशाला, डॉ.मोहिता राय,  अरुण पांडे,  दीपक श्रीवास्तव एवं दयोदय गौशाला तिलवाराघाट समिति के अध्यक्ष  सतीश जैन, कार्यकारी अध्यक्ष  नीलेश जैन, महामंत्री सचिन जैन तथा अध्यक्ष दयोदय महासंघ  मल्ल कुमार जैन एवं गो सेवक विनोद कुमार काछी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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