वैशाख अमावस्या को पितरों की शांति सहित कुंडली के दोषों को दूर करने  करें ये उपाय 

 

*ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार——हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व बताया जाता है। इस दौरान कुछ विशेष काम आदि करने से पितरों की आत्मा की शांति भी हासिल की जा सकती है**। वैशाख माह में पड़ने वाली अमावस्या को वैशाख अमावस्या कहते हैं जो इस वर्ष भी 11 मई यानी मंगलवार के दिन पड़ रही है। पितरों की शांति के साथ-साथ अमावस्या की तिथि स्नान, दान, पूजा, और कुंडली में मौजूद दोषों के निवारण के लिए भी बेहद शुभ मानी जाती है।

कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष जैसे बड़े दोषों से छुटकारा पाने के साथ-साथ मनोकामना पूर्ति, धन प्राप्ति और परेशानियों के निवारण के लिए भी यदि अमावस्या तिथि पर कुछ उपाय किये जायें तो ये बेहद ही फलदाई और शुभ माने जाते हैं। वैशाख अमावस्या विशेष इस आर्टिकल में आज जानते हैं कुछ ऐसे बेहद ही सरल उपाय जिन्हें करने से व्यक्ति को जीवन में धन प्राप्ति की कामना अवश्य पूरी होती है।

वैशाख अमावस्या उपाय
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि, अमावस्या तिथि और विशेष तौर पर वैशाख अमावस्या के दिन व्यक्ति को गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए। हालांकि यदि किसी भी परिस्थिति के चलते गंगा स्नान मुमकिन नहीं है तो घर में ही गंगाजल को पानी में डालकर उससे स्नान कर लें। ऐसा करने से व्यक्ति की समस्त मनोकामना पूरी होती है और अनजाने में भी किए हुए पाप दूर होते हैं।

**इसके अलावा हिंदू धर्म में दान का विशेष महत्व बताया गया है। हालांकि जरूरी नहीं कि आप बहुत ज्यादा मात्रा में ही दान आदि करें**। आप अपनी यथाशक्ति के अनुसार दान कर सकते हैं जिससे आपको शुभ फल अवश्य प्राप्त होंगे। ऐसे में वैशाख अमावस्या के दिन स्नान करें, देवी देवताओं का ध्यान करें और इसके बाद अपनी यथाशक्ति के अनुसार जरूरतमंदों को दान अवश्य दें। ऐसा करने से मनोकामना पूर्ति के साथ-साथ व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है।
यदि आपके जीवन में धन संबंधित परेशानियां हो, कर्ज का बोझ हद से ज्यादा बढ़ गया हो, तो वैशाख अमावस्या के दिन गायों की पूजा अवश्य करें। इसके बाद गायों को हरा चारा भी खिलाएं। ऐसा करने से धन संबंधित परेशानियां तो दूर होती ही है साथ ही पितर और पूर्वज भी प्रसन्न होते हैं l

अमावस्या के दिन पितरों की प्रसन्नता के लिए उनका तर्पण आदि करें। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को मोक्ष और शांति प्राप्त होती है। ऐसे में वैशाख अमावस्या के दिन पितरों को जल और अन्न अवश्य अर्पित करें। इसके अलावा इस दिन पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध भी करने का विशेष महत्व बताया गया है। हालांकि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि, यदि आप अपने पितरों का तर्पण करने जा रहे हैं तो वैशाख अमावस्या के दिन मांस मदिरा का सेवन बिल्कुल भी ना करें और जितना हो सके सात्विक भोजन और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
**धन प्राप्ति के लिए वैशाख अमावस्या के दिन दिन में तीन बार यानी की सुबह, दोपहर और रात में मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें** और उनके समक्ष शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।
यदि जीवन में परेशानियां बढ़ गई है तो अमावस्या के दिन आटे की गोलियां बनाएं। इसके बाद इन गोलियों को किसी तालाब नदी में मछलियों को खिला दें। ऐसा करने से आपके जीवन की तमाम परेशानियां दूर होती हैं।
कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष कैसे बड़े दोष के निवारण के लिए भी अमावस्या तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में वैशाख अमावस्या के दिन आप चाहें तो सुबह स्नान करने के बाद चांदी से बने नाग और नागिन की पूजा करें। पूजा करने के बाद इस नाग नागिन के जोड़े को सफेद फूल के साथ बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। कहा जाता है इस उपाय को करने से कालसर्प दोष से मुक्ति प्राप्त होती है।

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मेरे बताएं यह उपाय हर किसी के ऊपर लागू नहीं होते हैं सबसे पहले कुंडली का निरीक्षण कर ले और जब आपकी कुंडली अनुकूल हो तो ही मेरे बताएं उपाय आप अपनाएं **लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
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