अनलॉक,जबलपुर में व्यापारियों का जमकर हंगामा,तो सिहोरा में कुछ तरह के रहे हालात 

जबलपुर/सिहोरा:कोरोना कर्फ्यू के लगभग डेढ़ माह बाद 1 जून से होने वाले अनलॉक की खबरों से सभी व्यापारी खुस थे लेकिन कोरोना कर्फ्यू में मिली छूट के बाद अब प्रशासन और व्यापारियों के बीच विवाद की खबरें आ रही हैं। आज सुबह जबलपुर के बड़ा फुहारा क्षेत्र में कपड़ा व्यापारी दुकान नहीं खोलने दिए जाने पर प्रशासन से भिड़ गए।इस दौरान व्यपारियों ने जमकर हंगामा किया,जिसे देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी पहुँचे और किसी तरह मामला शांत किया गया ,दरअसल जिला प्रशासन के आदेश में कपड़ा व्यवसायियों की दुकान कब खुलेगी कब बंद होगी इसको लेकर स्पष्टता नहीं है। इसलिए व्यापारी दिन भर के हिसाब से दुकान या एक दिन छोड़ एक दिन दुकान खोलने की बात कर रहे थे।कुछ व्यापारी पूरे दिन की बात कर रहे थे तो कुछ अधिकतम घंटे मांग रहे थे लेकिन प्रशासन के रवैए ने व्यापारियों को आंदोलित कर दिया और अंतत: सारे व्यापारी एक स्वर में सड़क पर उतर पड़े। विवाद बढ़ता देख इधर भी पुलिस-प्रशासन के बड़े अधिकारी पहुंच गए और व्यापारियों को समझाने लगे।इसी बीच विधायक विनय सक्सेना और नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव सहित अन्य लोग भी वहां पहुंच कर व्यापारियों के पक्ष में प्रशासन से बात करने लगे। बताया जा रहा है कि आज व्यापारी काम बंद रखने और कल से दिन भर दुकान खोलने पर अड़ गए हैं।

सिहोरा में कुछ इस तरह रहा अनलॉक का पहला दिन

 

वहीँ  ग्रामीण अंचल सिहोरा में आज बाजार तो जरूर खुला लेकिन तमाम बंदिशों के साथ प्रारंभ हुई अनलॉक की प्रक्रिया के बावजूद नगर के व्यवसायिक स्थल सहित बस स्टैंड मैं जनता कर्फ्यू का ही माहौल बना रहा। एक तरफ व्यापारी शासन द्वारा जारी गाइडलाइन से भयभीत है वहीं दूसरी ओर आमजन भी संक्रमण के भय से अपने आप को घरों में कैद रखना ही उचित समझ रहा हैं।उल्लेखनीय है कि आज 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है किंतु प्रशासन द्वारा जारी ऑड इवन फॉर्मूला सहित उच्च जोखिम समूह के टीकाकरण व्यापारी सहित कर्मचारियों के टीकाकरण की सुनिश्चित ता नो मास्क नो सर्विस जैसी तमाम बंदिशों के चलते अनेक प्रतिष्ठान अनलॉक नहीं हो सके।
पिछले करीब डेढ़ महीने से जारी जनता कर्फ्यू के तहत विभिन्न क्षेत्रों के कारोबार पर रोक से छोटे व्यापारियों की बढ़ती मुश्किलों के मद्देनजर प्रदेश को चरणबद्ध तरीके से अनलॉक करने की जरूरत को देखते हुए अनलॉक की प्रक्रिया को प्रारंभ तो किया गया किंतु तमाम बंदिशों के चलते बाजार पूरी तरह नहीं खुल सके। पिछले डेढ़ महीने से कारोबार बंद होने के कारण प्रदेश लाखों छोटे व्यापारियों की आर्थिक समस्याएं बढ़ गई है। सरकार से आग्रह किया है कि कोरोना की रोकथाम के साथ व्यापार को भी जीवित रखना जरूरी है। व्यापारी लॉकडाउन से मानसिक तौर पर बीमार हो रहे हैं। यह देखते हुए व्यापारियों के हित में कदम उठाने की
जरूरत है।

*यात्री परिवहन पर भी रहा असर

आवागमन में मिली रियायत के बावजूद यात्री परिवहन पर भी अनलॉक का कोई असर दिखाई नहीं दिया जबलपुर कटनी जैसे प्रमुख मार्गों की बसों में इक्का-दुक्का सवारी ही आवागमन करते नजर आए वहीं ग्रामीण क्षेत्र की चंद बसे ही संचालित हो सकी । सुबह किराना सहित कुछ दुकानों पर चहल पहल दिखने के बाद दोपहर से व्यवसायिक स्थल सूने पड़े रहे शाम 6:00 बजे प्रशासन की सायरन बजाती गाड़ियों में एक बार फिर बाजार को लॉक करा दिया

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