हथेली में इन जगहों पर तिल होते है शुभ,क्या है हथेली में तिल का राज जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर 

 

 

**ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार**——–
**हस्तरेखा शास्त्र में तिल का बड़ा महत्व है। हथेली में किस जगह तिल है इससे जातक के भविष्य के बारे में बहुत कुछ पता लगाया जा सकता है। हथेली में कुछ जगहों पर ये तिल शुभ फल देते हैं जबकि कुछ जगहों पर इन तिलों से जातकों को अशुभ फल प्राप्त होते हैं। ऐसे में आज के इस लेख में हम आपको यह बताने वाले हैं कि आपकी हथेली में तिल किस जगह मौजूद होने पर शुभ या अशुभ फल देता है।**

**हथेली में तिल**
यदि सूर्य पर्वत पर हो तिल
सूर्य वैदिक ज्योतिष में सामाजिक मान-सम्मान का कारक माना जाता है। हथेली में सूर्य पर्वत रिंग फिंगर यानी कि अनामिका उंगली के ठीक नीचे मौजूद होता है। इस स्थान पर तिल का होना अच्छा नहीं माना गया है। जिन जातकों के सूर्य पर्वत पर तिल मौजूद होता है उन्हें समाज में बदनामी झेलनी पड़ती है। उन्हें समाज में वो सम्मान नहीं मिल पाता है जिसके वे हकदार होते हैं।

**यदि शनि पर्वत पर हो तिल**शनि को वैदिक ज्योतिष में एक पापी ग्रह माना गया है। शनि को न्याय का देवता भी कहा जाता है क्योंकि शनि लोगों के कर्म के अनुसार उसे फल देते हैं। हथेली में शनि का स्थान या फिर कहें तो शनि पर्वत मध्यमा उंगली के नीचे होता है। शनि पर्वत पर तिल होना अच्छा नहीं माना गया है। जिन जातकों की हथेली में शनि पर्वत पर तिल हो, उन्हें किसी भी कार्य में बाधा का सामना करना पड़ता है। ऐसे जातकों के बने बनाए कार्य भी बिगड़ जाते हैं।

**यदि चंद्र पर्वत पर हो तिल**
चंद्रमा किसी भी जातक की कुंडली में मन का कारक माना गया है। साथ ही चंद्रमा दुनिया के सभी द्रव्यों का स्वामी भी माना गया है। हथेली में चंद्रमा का पर्वत मस्तिष्क रेखा के अंतिम छोड़ के सामने होता है। यदि किसी जातक की हथेली में चंद्रमा पर्वत पर तिल हो तो उस जातक का विवाह काफी देरी से होता है। ऐसे जातकों को जल संबंधी रोग का कहतरा बना रहता है।

**यदि शुक्र पर्वत पर हो तिल**शुक्र किसी भी जातक की कुंडली में भौतिक सुख, प्रेम ऐश्वर्य का कारक माना जाता है। हथेली में शुक्र पर्वत अंगूठे के नीचे मौजूद होता है। इस जगह पर तिल का होना अच्छा माना गया है। ऐसे जातकों के पास धन की कोई कमी नहीं रहती है। हालांकि ऐसे जातक काफी ख़र्चीले स्वभाव के भी होते हैं जिसकी वजह से इनके आर्थिक जीवन में उतार-चढ़ाव चलता रहता है।

**यदि हथेली के बीचो बीच हो तिल**यदि किसी जातक की हथेली के बीचो बीच कोई तिल मौजूद हो जो मुट्ठी बंद करने पर ढक जाये तो ऐसे तिल को बेहद शुभ माना गया है। माना जाता है कि ऐसे जातक आर्थिक रूप से काफी मजबूत रहते हैं और साथ ही ऐसे जातक भाग्य के प्रबल होते हैं। इन्हें कम मेहनत में भी जीवन में काफी कुछ हासिल होता है।

**यदि मस्तिष्क रेखा पर हो तिल**हाथ की तीन प्रमुख रेखाओं में बीच की रेखा को मस्तिष्क रेखा माना जाता है। यदि किसी जातक के मस्तिष्क रेखा पर तिल हो तो ऐसे जातक को जीवन में हमेशा चोट का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही ऐसे जातक मानसिक तनाव से घिरे रहते हैं। इसके अलावा ऐसे जातकों का अपने सगे-संबंधियों से हमेशा झगड़ा भी होता रहता है।

**यदि हृदय रेखा पर हो तिल**हथेली की तीन प्रमुख रेखाओं में सबसे ऊपरी रेखा हृदय रेखा कही जाती है। हृदय रेखा पर तिल का होना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे जातकों को अपने जीवन में दिल संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। हृदयाघात का खतरा भी बना रहता है।

**निधिवन ज्योतिष एवं वास्तु केन्द्र**
_________________________
(कालचक्र खगोलीय ग्रह गणना चक्रम् ). सृष्टि का एक नियम हैं, जो बाटोगे बेहिसाब मिलेगा , फिर वह चाहे धन हो , अन्न हो , सम्मान हो , अपमान हो , नफरत हो या प्रेम । मनुष्य का पूर्वाद्ध हो या पुण्य का संचय या असंचय हो यह सब ग्रह निर्धारित करते है सुख एवं दुख का भी निर्धारण ग्रह करते है । मनुष्य कालचक्र से बधा हुआ है इन ग्रहो का निदान शास्त्रों मे मिलता है ।यदि आप कष्ट मे है या दुखी हैं तो आप हमसे सम्पर्क कर सकते है। ज्योतिष विद् निधिराज त्रिपाठी सम्पर्क सूत्र– 9302409892 —————————————-

शेयर करें: