अनलॉक होते ही बिजली बिल के झटके,कुछ तो रहम करो सरकार

पवन यादव,आम आदमी के जून महीने की सुरुवात बढ़े हुए बिजली बिलों के झटकों से हुई ,वैसे तो  कोरोना और तेल की कीमतों से लोग टेंशन में थे और जब अनलॉक हुआ तो बढ़े हुए बिजली बिल के झटकों से आम आदमी की मुसीबतें बढ़ गई है, देखा जाए तो अप्रेल और मई के महीने में लॉक डाउन के चलते लोगों के सामने रोटी रोजी का संकट था,मंहगाई सातवे आसमान पर है ,तेल की कीमतों ने आम आदमी का तेल निकाल कर रख दिया है ,और जैसे ही अनलॉक हुआ तो बढ़े हुए बिजली के बिलों ने लोगों का बी पी बढ़ा दिया है ,

कुछ तो रहम करो सरकार 

वहीँ अब ऐसे में आम आदमी आम महीने की बजाय बढ़े हुए बिजली के बिलों का भुगतान कैसे करेगा ,पहले तो लोग आधा -आधा बिल भी भुगतान करके किसी तरह बिजली बिल की टेंशन से मुक्ति पा लेते थे, लेकिन अब तो लोगों को पूरा बिल एक साथ ही जमा करना होता है ,अब इसके लिए चाहे तो कर्जा लो या फिर बिल न जमा करके कनेक्शन कटवाओ ये ही विकल्प आम लोगों के पास बचे है,हम सरकार का  ध्यान ग्रामीण अंचल सिहोरा अनुभाग की तरफ आकृषित  कर रहे है,जहां पर जून का महीने सुरु होते ही भारी भरकम बिल जब लोगों के पास पहुँचे तो लोगों का बीपी बढ़ गया ,इतना ही नहीं बढ़े हुए बिल आम आदमी के लिए 440 बोल्ट के झटकों से कम नहीं है,पर सोचने वाली बात तो यह है की मध्यप्रदेश सरकार द्वारा एक बार नहीं हजार बार कहा गया की वह गरीबो की सरकार है तो फिर गरीबो पर  बढ़े हुए बिजली बिलों का बोझ क्यों और कैसे इसका निराकरण भी सरकार को ही करना पड़ेगा नहीं तो आम आदमी सड़क पर आ जायेगा,अब ऐसे में आम जन की यही पुकार है की कुछ तो रहम करो सरकार

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