सिहोरा में सख्त पहरे में हुई प्रभारी मंत्री की बैठक,मीडिया कर्मियों को भी नहीं जाने दिया,क्या राज है इस सख्त पहरे का ?

 

जबलपुर :सिहोरा में  प्रभारी मंत्री की जिस तरह से बंद कमरे में बैठक हुई और मीडिया कर्मियों को अंदर नहीं जाने दिया इस बात से कई तरह के सवाल उठते है,की आखिर क्यों प्रशासन ने मीडियाकर्मियों को प्रभारी मंत्री से मिलने नहीं दिया  ?क्या पहले से ही स्थानीय प्रशासन ने ये तैयारी कर ली थी ?ये तमाम तरह के सवाल आज खड़े हो रहे है,

सख्त पहरे में हुई प्रभारी मंत्री की बैठक 

दरअसल सिहोरा में  मध्य प्रदेश शासन के सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री एवं जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद सिंह भदोरिया ने शुक्रवार को अनु विभाग मुख्यालय के तहसील सभाकक्ष में सिहोरा कुंडम विधानसभा की आपदा प्रबंधन की बैठक ली दोपहर 12:00 बजे से प्रारंभ हुई बैठक बेहद गोपनीय ढंग से हुई बैठक में मीडिया कर्मियों को भी जाने की अनुमति नहीं थी अनाधिकृत प्रवेश को रोकने सभा कक्ष के बाहर पुलिस की सख्त पहरेदारी के अलावा प्रशासन के आला अफसर तहसीलदार नायब तहसीलदार के अलावा पुलिस अधिकारी एसडीओपी मोर्चा संभाले थे ।
बैठक मे संक्रमण की वास्तविक स्थिति छिपाने एवं फील गुड कराने प्रशासन से कलेक्टर कर्मवीर शर्मा अपर कलेक्टर राजेश बाथम एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा एसडीएम जेपी यादव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल के साथ अनु विभाग मुख्यालय स्थित सभी विभागों के मुखिया बैठक में शामिल रहे।कोरोना संक्रमण बचाव में स्थानीय प्रशासन द्वारा सिहोरा कुण्डम मैं किए गए उपाय की समीक्षा की जाना थी ।

कहीँ कोरोना का आकंड़ा छिपाने रेपिड टेस्ट तो नहीं 

वहीँ गौरतलब है की  ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण की स्थिति अभी भी नियंत्रण में नहीं है ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवा एवं उप स्वास्थ्य केंद्र खितोला आज भी डॉक्टर विहीन हैं वही संक्रमण का आंकड़ा छिपाने लंबे समय से नगर के सिविल अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड-19 कीआरटी पीसीआर जांच बंद है। केवल रेपिड antigen टेस्ट के हवाले से क्षेत्र में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण की जानकारी दी जा रही है जबकि हालात इसके विपरीत हैं।

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