सायलो की दुर्गम डगर,पलट रहे ट्रेक्टर ट्राली,किसान का उपज ले जाना किसी मुसीबत से कम नहीं 

 

जबलपुर :किसानों के उपज की सुगमता और सरलता से तौल हो सके इसके लिए सरकार द्वारा हरगढ़ में सायलो बैग की विगत दो वर्ष पूर्व सुरुवात की गई थी ,साथ ही  किसानों के उपज की समर्थन मूल्य में खरीदी सुरु की गई थी ,लेकिन हरगढ़ सायलो बैग जाने का दुर्गम और ऊबड़खाबड़ मार्ग किसानों के लिए सरदर्द बना हुआ है,गौरतलब है की किसानों के हितों को देखते हुए सरकार द्वारा हरगढ़ में सायलो बैग की सुरुवात के साथ यहाँ पर  विगत दो वर्षों से गेहूं का समर्थन मूल्य पर खरीदी भी की जा रही है, इस साल भी सरकार के निर्देश पर सायलो बैग उपार्जन केंद्र हरगढ़ में 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन तो प्रारंभ हो गया किंतु अव्यवस्था के साथ प्रारंभ हुई खरीदी से किसान अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है जर्जर पहुंच मार्ग के कारण किसानों की उपज भरी ट्रैक्टर ट्राली पलटने एवं टायर पंचर होने की समस्या के कारण किसान परेशान नजर आ रहे हैं वही चारों ओर उड़ती धूल के गुब्बार के कारण किसानों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शासन ने किसानों की सुविधा के लिए साइलो बैग तो बना दिया किंतु व्याप्त अव्यवस्था के चलते किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है,

14 समितियों की हो रही खरीदी

समर्थन मूल्य खरीदी के लिए हरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में साइलो बैग केंद्र पर 14 समितियों से संबंधित किसानों के उपार्जन की प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है प्रतिदिन प्रत्येक समिति से छोटे बड़े लगभग 30 किसानों को एसएमएस भेजे जा रहे हैं जिसके चलते केंद्र में प्रतिदिन 400 से 500 ट्रैक्टर ट्रालियों का आगमन हो रहा है किंतु प्रशासन एवं खरीदी केंद्र के द्वारा व्यवस्थाओं को अमलीजामा न पहनाने का खामियाजा किसानों को भोगना पड़ रहा है।

18 वर्ष पूर्व बना था मार्ग

उल्लेखनीय है कि सेज के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया के आगमन पर आनन-फानन में उद्योग विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में 2003 में मार्ग का निर्माण कराया गया था किंतु रखरखाव के अभाव एवं मिनरल बेस्ड औद्योगिक इकाइयों के भारी वाहनों के अलावा आवागमन के चलते सड़कों ने दम तोड़ दिया इन्हीं जर्जर सड़कों से किसानों को अपनी उपज लेकर खरीदी केंद्र पहुंचना पड़ रहा है।
किसान यूनियन ने की मार्ग मरम्मत की मांग
किसानों के ट्रैक्टर ट्राली पलटने की शिकायत पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष एडवोकेट रमेश पटेल ने पहुंच मार्ग दुरुस्त कराने सहित अन्य व्यवस्था पूर्ण कराने एवं जिन किसानों की तौल हो चुकी है उनके भुगतान की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाने की मांग की

पानी की व्यवस्था भी नहीं

सायलो पर किसानों को दी जाने वाली बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। मसलन बैठने के लिए छायादार स्थान अत्यंत छोटे टेंट में बनाया गया है। पीने के पानी व चाय नाश्ते की व्यवस्था भी अत्यंत कमजोर है। इसके अलावा कोविड की गाइड लाइन का पालन करने के लिए भी प्रबंधन जागरूक नहीं है। यहां मास्क, सेनेटाइजर की उपलब्धता भी शून्य है।
मनमानी और अव्यवस्था सुधारने भारत कृषक समाज ने लिखा पत्र
भारत कृषक समाज के जिला अध्यक्ष केके अग्रवाल द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार जिले में स्थित सभी सायलो के धर्म काँटों पर प्रत्येक ट्राली पर 40 से 50 किलो तक अधिक गेहूं तोला जा रहा है, किसान जब घर से या अन्य काँटों से तोल कर माल सायलो ले जाता है तो वहां के कांटे में 40 से 50 किलो तक कम वजन निकलता है, इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, हाल ही में सिहोरा के हरगढ़ सायलो में प्रमाण सहित गलत तोल के आरोप किसानों ने लगाए हैं ।यह अंदाजा लगाना कठिन नही होगा कि एक ट्राली मे 50 किलो यानी लगभग 1000 रुपये का नुकसान किसानों को हो रहा है। सायलो की दूरियां कहीं कही के गांव से 40 किलोममीटर तक की हो गई है, परिवाहन में उसका खर्च बढ़ गया है, रास्ते अलग खराब हैं, रोज दुर्घटनाये हो रही हैं। फिर लंबी लंबी लाइनें , लम्बा इंतजार, स्थान पर कर्मचारियों की मनमानी, अनियमितताओं तथा अनेक अव्यवस्थाओ के चलते किसानों को भारी मुशीबतों का सामना करना पड़ रहा है
शासन प्रशासन से तत्काल कार्यवाही की माँग किसान संगठनो द्वारा की गई है।
इनका कहना है,
मार्ग में गड्ढों को भरने मुरूम डाली गई थी किंतु प्रतिदिन चार पांच सौ ट्रैक्टरों की आवागमन के कारण पुनः गड्ढे हो गए हैं जिनकी मरम्मत शीघ्र कराई जाएगी।
राहुल मेश्राम
नायब तहसीलदार सिहोरा
अभी तक 8404 मेट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है तोल संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। मार्ग के गड्ढों मैं मुरूम भी डलवाई गई थी।
सतीश लाडवानी
प्रभारी साइलो बैग

 

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