बुद्धदेव के वक्री होने पर राशि अनुसार रखें ये सावधानियां 

**शनिदेव 23 मई से वक्री हैं और बुद्धदेव आज वक्री होने जा रहे हैं l आज बुद्धदेव के वक्री होने पर आपको अपनी राशि अनुरूप क्या क्या सावधानियां रखनी है इस लेख के माध्यम से हम आपके सामने पेश करने जा रहे हैं**

**ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार———-**
वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क शक्ति, गणित, अनुसंधान और यात्रा का कारक ग्रह बताया गया है। जिन्हें राजकुमार ग्रह की उपाधि भी प्राप्त है। सौरमंडल के सभी नौ ग्रहों में से ज्यादातर ग्रहों का वक्री होना, वैदिक ज्योतिष में यूँ तो शुभ नहीं माना जाता है, परंतु कई विशेषज्ञ ज्योतिषी ग्रहों की वक्री स्थिति को लेकर इस बात से भी इंकार नहीं करते कि वक्री ग्रह हमेशा ही अशुभ परिणाम दे, ये भी सच नहीं होता। क्योंकि कुछ ग्रह कभी-कभी वक्री होते हुए, जातकों के लिए अत्यंत लाभकारी भी हो सकते हैं।

अगर बुध ग्रह की बात करें तो, सभी ग्रहों में से सूर्य, शुक्र और राहु ग्रह को इनका मित्र माना जाता है, जबकि चंद्रमा इनके शत्रु ग्रह बताए गए हैं। इसके अलावा ये भी देखा गया है कि, समस्त ग्रहों में से बुध देव की वक्री और मार्गी स्थिति काफी महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आती है। क्योंकि इसका सीधा प्रभाव हर जातक की तर्क शक्ति, व्यापार और संवाद शैली पर पड़ता है। माना गया हैं कि जिस भी व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति बली हो तो, उसके जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना बेहद कम रहती है।

वकी बुध का प्रभाव
सभी नौ ग्रहों में से बुध ही एकमात्र ऐसे ग्रह माने गए हैं, जिनकी चाल सबसे तेज होती है। इसलिए ये अन्य सभी ग्रहों की तुलना में एक वर्ष में सबसे अधिक बार वक्री चाल चलते हैं। इसलिए ही बुध देव का मिथुन राशि में वक्री होना, ज्योतिष के अनुसार महत्वपूर्ण घटना माना गया है।

मिथुन राशि में बुध के वक्री होने का समय
अभी कुछ दिन पहले ही 26 मई, 2021 को बुध देव ने वृषभ से अपनी स्वराशि मिथुन में प्रवेश किया था। परंतु अब बुध देव रविवार 30 मई, 2021 को प्रातः 03 बजकर 47 मिनट मिथुन राशि में ही अपनी वक्री गति प्रारंभ कर देंगे। और फिर 3 जून, 2021 को तड़के 3:46 बजे वक्री करते हुए, मिथुन से वृषभ राशि में गोचर कर जाएंगे। चूँकि बुध अपनी स्वराशि मिथुन में ही अपनी वक्री गति शुरू करेंगे तो, इसके प्रभाव से हर जातक के जीवन में अत्यधिक बदलाव आएगा। जिससे इस वक्री अवस्था का महत्व भी हर राशि के लिए बेहद विशेष हो जाएगा। तो चलिए अब जानें मिथुन राशि में बुध का वक्री, सभी 12 राशि पर कैसा प्रभाव दिखाएगा:-

मेष
मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव का स्वामी है। इसलिए, तीसरे घर में बुध का वक्री होना आम तौर पर इस राशि के जातकों के संचार को प्रभावित करेगा, मेष राशि के लोग इस दौरान आगे बढ़ना तो चाहेंगे लेकिन किसी न किसी वजह से रुकावटें आएंगी जिसके कारण आप निराश हो सकते हैं। आपको यह सलाह दी जाती है कि अपने शब्दों पर ध्यान दें और लोग आपके बारे में क्या कहते हैं, इस पर भी ध्यान दें। साथ ही, जैसा कि तीसरा घर कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का प्रतिनिधित्व करता है, आपको इस अवधि के दौरान ऐसी चीजों पर व्यय की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: गलत सोच को दूर करने और बुरे फैसले न लेने का सबसे अच्छा उपाय है ध्यान।

वृषभ
वृषभ राशि के जातकों के लिए, बुध दूसरे और पांचवें घर का स्वामी है। बुध का वक्री आपके दूसरे घर में हो रहा है जो वित्त, धन, भाषण और परिवार का प्रतिनिधित्व करता है। इस अवधि के दौरान आपको अपने वित्तीय मामलों को लेकर बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। त्वरित सौदों या तेज़ लेनदेन करने से इस दौरान बचें। वित्तीय मामलों की समीक्षा करने के लिए समय लें, और विकास प्राप्त करने के लिए सही विचार बनाएं। चूंकि बुध वृषभ राशि के जातकों के लिए शिक्षा के पांचवें घर का स्वामी है, इसलिए विद्यार्थी विशेष रूप से उच्च अध्ययन करने के लिए विषयों के चुनाव को लेकर खुद को भ्रमित पा सकते हैं। इसलिए अंतिम निर्णय लेने से पहले अपने शिक्षक या संरक्षक से मार्गदर्शन और सलाह लेने का सुझाव दिया जाता है या बुध के मार्गी होने की प्रतीक्षा करें।

उपाय: इस अवधि के दौरान अपने कार्यालय / घर में प्रतिदिन हल्का कपूर जलाएं।

मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए, बुध पहले और चौथे घर का स्वामी है। बुध का वक्री आपके आत्म, व्यक्तित्व और कार्रवाई के प्रथम घर में हो रहा है। चूंकि मिथुन राशि संचार का प्रतिनिधित्व करती है इसलिए गलतफहमियों का शिकार होने से इस दौरान बचें, क्योंकि आप इस दौरान अपनी बातों को लेकर अस्पष्ट हो सकते हैं और बहुत ज्यादा गपशप कर सकते हैं। इस अवधि के दौरान पुराने मित्र पुन: आपसे जुड़ सकते हैं। दोस्तों और रिश्तेदारों की भाषा सीखने के साथ-साथ आपको प्रेम से उनसे बातचीत करनी चाहिए इससे उनके साथ आत्मियता बनाने में आपको मदद मिलेगी और आने वाले समय में भी आपको इसका लाभ मिलेगा। व्यावसायिक रूप से यह नई परियोजनाओं को शुरु करने के लिए बहुत अच्छा समय नहीं है, इसलिए अपने आत्मविश्वास को विकसित करने के लिए अधूरे सभी कामों को पूरा करें और अपने विश्वास को मजबूत करने के लिए नए तरीके खोजें।

उपाय: भगवान गणेश “संकट नाश” की पूजा करें।

कर्क
कर्क राशि के जातकों के लिए लिए, बुध तीसरे और बारहवें घर का स्वामी है। बुध आपके विदेश यात्रा के बारहवें घर में वक्री हो रहा है, जो इंगित करता है कि यह समय विदेश में बसने कोशिश करने वाले या विदेश से लाभ प्राप्त करने की कोशिश करने वाले इस राशि के जातकों को कुछ विकास और सकारात्मक समाचार इस दौरान मिल सकता है। यह अवधि आपको सामाजिक संबंधों से अलग कर सकती है और और आपको शब्दों की कमी महसूस हो सकती है। बढ़ते खर्च के कारण आप बहुत चिंतित और परेशान हो सकते हैं खर्चा आय से अधिक हो सकता है, इसलिए आपको यह सलाह दी जाती है कि पहले से ही अपने वित्त के लिए उचित योजना और संरचना बनाएं। स्वास्थ्य की बात की जाए तो त्वचा और आंखों से संबंधित कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, इसलिए अपने स्वास्थ्य की उचित देखभाल करें।

उपाय: बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा घास अर्पित करें।

सिंह
सिंह राशि वालों के लिए बुध दूसरे और ग्यारहवें घर का स्वामी होता है। बुध का वक्री आपके लाभ, सफलता के एकादश भाव में हो रहा है, जो इंगित करता है कि आपको अपने पुराने दोस्तों के साथ जुड़ने का अवसर आपको इस दौरान मिलेगा। इस दौरान हो सकता है कि आपके द्वारा किए गए निवेश से आपको अच्छा रिटर्न मिलेगा। इस दौरान आपको निवेश से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह किसी भी तरह की सट्टेबाजी या ट्रेडिंग को खरीदने और बेचने का अच्छा समय नहीं है। इसके बजाय, अपने निवेश का विश्लेषण करें और दोस्तों और सहयोगियों की मदद के लिए अपनी विश्लेषणात्मक और सलाहकार क्षमता का उपयोग करें। बुध का वक्री आपके धैर्य और दूसरों के धैर्य को भी आज़माएगा। बातचीत के दौरान शब्दों और अपनी प्रतिक्रियाओं पर ध्यान दें नहीं तो परेशानी में पड़ सकते हैं। जैसा कि बुध राहु के साथ युति में है, जो नये रुझानों का प्रतिनिधित्व करता है, यह दर्शाता है कि सिंह राशि से संबंधित व्यवसायी अपने सामान को नया रूप देकर इस वक्री के दौरान लाभ कमा सकते हैं।

उपाय: प्रतिदिन 108 बार ओम बुधाय नमः मंत्र का जाप करें।

कन्या
कन्या राशि के जातकों के लिए, बुध पहले और दसवें घर का स्वामी है। आपके करियर, नाम और प्रसिद्धि के दसवें घर में बुध का वक्री हो रहा है, जो बताता है कि विशेष रूप से कार्यस्थल में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां इस वक्री के दौरान पैदा हो सकती हैं। काम को पूरा करने में देरी, उत्पाद को समय पर न दे पाने से परेशानी या किसी उपकरण के टूटने की इस दौरान संभावना है, साथ ही सहकर्मियों के साथ मतभेद के कारण आपके काम में बाधा आ सकती है। किसी भी काम को सबमिट करने से पहले अपने काम को दोबारा जांचने की आपको सलाह दी जाती है। इस अवधि के दौरान इस बात पर ध्यान केंद्रित करें कि लोगों से आपकी बात कम हो और अपनी इच्छा और ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आप अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें और कार्यस्थल पर गेम चेंजर बन कर उभर सकें।

उपाय: बुधवार को हरा वस्त्र पहनें।

तुला
तुला राशि के जातकों के लिए, बुध नौवें और बारहवें घर का स्वामी है। बुध वक्री अवस्था में इस दौरान आपके भाग्य और आध्यात्म के नौवें घर में स्थित होगा। इस अवधि के दौरान नाते-रिश्तों, लोगों से मुलाकातों और दिनचर्या के काम में आपका बहुत अधिक समय खर्च हो सकता है, इस दौरान आपको अपना पुनर्मूल्यांकन करने की जरूरत है। यह आपके रिश्तों को और दिनचर्या को सुधारने के लिए सही समय है। इस बारे में सोचें कि आप लंबी अवधि में खुद को कहां देखते हैं और फिर भविष्य की अच्छी योजना बनाएं। छात्रों के लिए भी यह अवधि अच्छी है यदि आप पुन: परीक्षा देने वाले हैं या किसी ऐसे विषय में पकड़ बनाना चाहते हैं जिसमें आपको पहले परेशानी हुई थी तो इस दौरान आप बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। पेशेवर रूप से, यह लंबी अवधि के निवेश या सौदों के लिए बहुत अच्छा समय नहीं है क्योंकि आप खुद को भ्रमित महसूस कर सकते हैं, आप परिस्थितियों से घबरा सकते हैं और गलती कर सकते हैं। अपनी शारीरिक विशेषताओं को स्वीकार करें; चूंकि तुला राशि सुंदरता, आकर्षण और कूटनीति का प्रतिनिधित्व करती है इसलिए अत्यधिक मेकओवर करना आपके लिए खराब हो सकता है। इस अवधि के दौरान ताज़गी प्राप्त करने के लिए आराम करने की आपको सलाह दी जाती है।

उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।

वृश्चिक
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए, बुध आठवें और ग्यारहवें घर का स्वामी है। बुध का वक्री गोचर आपके परिवर्तन, स्वास्थ्य में बदलाव, आयु आदि के अष्टम भाव में हो रहा है। इस अवधि के दौरान आपको स्वास्थ्य से संबंधित कुछ समस्याओं का निरंतर सामना करना पड़ सकता है विशेष रूप से त्वचा, एलर्जी और हार्मोनल सिस्टम से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का। इस दौरान आपको महसूस होगा कि कुछ ऐसे निवेश हैं जो वापस नहीं आएंगे और जिनसे आपको कोई लाभ नहीं मिलेगा, जबकि कुछ ऐसे लाभ हो सकते हैं जिनकी स्थिति भ्रामक होगी। इस दौरान आप भावुक हो सकते हैं इसलिए दिल से जुड़े मामलों में फैसला लेते समय सतर्क रहें। हालांकि वृश्चिक राशि के लोग बहुत सीक्रेटिव होते हैं, लेकिन इस अवधि के दौरान आपके सीक्रेट बाहर आ सकते हैं इसलिए सतर्क रहें। जैसा कि अष्टम भाव आपके माता-पिता की संचित संपत्ति से संबंधित है, इसलिए बुध के वक्री गोचर के दौरान उन्हें कुछ खर्चों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी बचत प्रभावित हो सकती है।

उपाय: इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा करें या विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें।

धनु
धनु राशि के जातकों के लिए, बुध सातवें और दसवें घर का स्वामी है। बुध आपके शादी और भागीदारी के सातवें घर में वक्री होगा। इस अवधि के दौरान आपको अपने और आपके जीवनसाथी के बीच के मतभेदों को दूर करने का अच्छा मौका मिल सकता है। हालाँकि यदि आप शादी करने की योजना बना रहे हैं तो आपको यह सलाह दी जाती है कि जब तक बुध फिर से मार्गी गति में न आ जाए तब तक शादी को स्थगित कर दें। व्यावसायिक रूप से, कारोबारियों के लिए यह समय अच्छा रह सकता है। साझेदारी में यदि किसी काम को शुरू करना चाहते थे तो इस दौरान कर सकते हैं। नौकरी की तलाश करने वाले इस राशि के जातकों को इस अवधि में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यात्रा करने के लिए यह समय अच्छा नहीं है, यात्रा में विलंब हो सकता है या कुछ समय बाद यात्रा करने का विचार बन सकता है। यह सलाह दी जाती है कि इस समय निजी मामलों पर ध्यान दें और धैर्य रखें।

उपाय: बुध होरा के दौरान बुध मंत्र का जाप करें।

मकर
मकर राशि के जातकों के लिए, बुध छठे और नौवें भाव का स्वामी है। यह आपके ऋण, शत्रु और रोगों के छठे भाव में वक्री गोचर करेगा। आपको इस अवधि के दौरान जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि कार्यस्थल पर कुछ गलतफहमियों के कारण आपके और आपके अधीनस्थों के बीच कुछ बहस या झड़पें हो सकती हैं जिसके प्रतिकूल प्रभाव आपको भुगतने पड़ सकते हैं। इस अवधि के दौरान उन खुशियों पर विचार करें जो आपके कार्य जीवन का हिस्सा हैं और जब आप कुछ अच्छा करते हैं तो उन खुशियों का अनुभव लें। आपकी यह गर्मजोशी और सकारात्मकता, आपको अपनी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बल प्रदान करेगी। अपने कार्यस्थल पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करें। इससे आपको आने वाले समय में अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं । पेशे के अलावा, छठा भाव बीमारियों का भी कारक है, इसलिए इस अवधि के दौरान कुछ पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं फिर से हो सकती हैं, इसलिए अपने आहार और दिनचर्या पर इस दौरान ध्यान दें और नियमित व्यायाम करने की आदत डालें।

उपाय: सोने या चांदी की अंगूठी में 5-6 कैरेट पन्ना रत्न जड़कर उसे बुधवार के दिन धारण करें।

कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए, बुध पांचवें और आठवें घर का स्वामी है। बुध ग्रह आपके प्यार, रोमांस और बच्चों के पांचवें भाव में वक्री गोचर कर रहा है। कुंभ राशि रिश्तों का प्रतिनिधित्व करती है, बुध के इस वक्री गोचर के दौरान आपको अपने दोस्तों और पार्टनर पर भरोसा करने की सलाह दी जाती है। गलतफहमियों के कारण भ्रम और मनमुटाव की स्थिति बन सकती है। इस अवधि के दौरान आप आत्मविश्वास, रचनात्मकता और आत्म अभिव्यक्ति की कमी महसूस कर सकते हैं क्योंकि नकारात्मकता आप पर हावी हो सकती है, जिसके कारण आप सही समय पर अपना काम पूरा नहीं कर पाएंगे। इस समय आपको थोड़ा आराम करने, काम से कुछ देर ब्रेक लेने और आत्ममंथन करने की सलाह दी जाती है। वे सभी लोग जो अपना परिवार शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने इस विचार को स्थगित कर दें या बुध की वक्री गति समाप्त होने के बाद ऐसा करें।

उपाय: जरूरतमंद लोगों को किताबें दान करें।

मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए, बुध चतुर्थ और सप्तम भाव का स्वामी है और यह मीन राशि के जातकों के सुख, माता, गृह, विलासिता और आराम के चतुर्थ भाव में वक्री गति करने जा रहा है। इस अवधि के दौरान आपके काम का तरीका दुनिया से अलग होगा जो कुछ लोगों को भ्रमित कर सकता है, लेकिन जब तक आप जानते हैं कि आपके लिए क्या सही है तब तक आपके द्वारा किये गये काम आपके लिए सही साबित होंगे। पेशेवर रूप से आपको स्पष्ट तस्वीर मिल जाएगी कि आपकी प्राथमिकता क्या है और किन चीजों पर आपको लगाम लगाने की जरूरत है। चौथा घर बचपन और माता-पिता को प्रस्तुत करता है, इसलिए अपने परिवार के साथ कुछ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएंं बचपन की यादों को ताजा करें ऐसा करना आपके और आपके परिवार के बीच एक मजबूत बंधन बनाने में मदद करेगा। बिक्री, खरीद, संपत्ति के स्थानांतरण से बचने की कोशिश करें, बाद में पछतावा हो सकता है। यद्यपि यदि आप अपने घर में कुछ नवीनीकरण करना चाहते हैं तो इसके लिए यह समय अच्छा है। लेखन, नृत्य, फोटोग्राफी, फिल्म या पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों का अभ्यास करना इस दौरान आपके लिए अच्छा रहेगा।

उपाय: प्रतिदिन ओम नमो भगवते वासुदेवाय देवाय का जाप करें।

**लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
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