सिहोरा के मजदूर महराष्ट्र में बनाये गए थे बंधक ऐसे हुई घर वापसी 

जबलपुर:कोरोना काल में मजदूरों का जीवन मुश्किल में है, जिसका ताजा उदाहरण सिहोरा नगर के उपनगर खितौला के वे मजदूर है जो की रोटी रोजी के लिए परदेश गए थे लेकिन उन्हें वहां पर बंधक बना लिया गया,

ये है पूरा मामला,

प्राप्त जानकारी के मुताबिक  खितौला थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 के 12 मजदूर  गन्ना कटाई के लिए गए  महाराष्ट्र के शोलापुर  जिले के कूड़े गांव गए थे जहाँ पर उन्हें करीब 2 माह से बंधक बनाकर रखा गया था, जिनकी  वापसी  रविवार दोपहर सकुशल हो सकी बातचीत के दौरान मजदूरों ने अपनी व्यथा  बताते हुए बताया की  उनसे 24 घंटे तक काम लिया जाता था ,मारपीट की जाती थी खाने के लिए  दिन में एक बार भोजन दिया जाता था  वह भी तब जब वह काम करते थे  ऐसी हालत में फंसे मजदूरों को  सकुशल सिहोरा पहुंचाने में  सिहोरा के कांग्रेस नेता राजेश चौबे,पार्षद गणेश दाहिया ने भरपूर मदद की।घर लौटने पर इन सभी लोगों के पुलिस में बयान दर्ज किए गए।

ये मजदूर बनाये गए थे बंधक,

खितौला के वार्ड नं 13 के निवासी अंजलि कोल, कुमकुम कोल, रागिनी गंगा, वंदना लक्ष्मी, शिवानी कोल, संजय कोल, संजय चौधरी, अनिल राजपूत, घनशयाम कोल, सुनीता बाई, राशि (4वर्ष) आदि सभी अपने घर से रोजी रोटी के लिए मजदूरी करने दो माह पहले खण्डवा गए थे , जहां पर असीम खान ने दो वर्ष के लिए पांच लाख रुपये में सभी बारह मजदूरों को महाराष्ट्र के सौलापुर में बेच दिया जहां पर इन मजदूरों से भरपेट भोजन नहीं फिर भी 24 घंटे काम करने का हुक्म। बीमार होने पर इलाज भी नहीं और घर भेजने के लिए मजदूरी भी नहीं। बिल्कुल बंधक जैसी हो गयी थी जिंदगी लेकिन इतना जुल्म सहने के बाद अब घर पहुंचने की खुशी है। थोड़ा-बहुत खाना मिलता था जबकि काम 24 घंटे करने के लिए दबाव डाला जाता था।सोने के लिए खेत में मेढ़ पर मालिक के आदमियों की सुरक्षा में सोने दिया जाता था।

फोन पर सुनाई व्यथा,

बंधक मजदूर में से अंजली ने मौका पर परिजनों को अपने साथ सभी लोगों के बंधक बनाए जाने और मारपीट की आपबीती फोन पर बताई जिसके बाद अंजलि की माँ खितौला थाने में शिकायत की लेकिन पुलिस ने कुछ नही किया जिसके बाद कांग्रेस नेता राजेश चौबे ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की जिसके बाद खितौला पुलिस ने बंधक मजदूरों को छुड़ाने महाराष्ट्र के सौलापुर से छुड़ाकर सकुशल घर वापसी कराई, बंधक मजदूरों में से अंजली की मां ने इन सभी लोगों के बंधक बनाए जाने की सूचना खितौला थाने में जाकर दी थी लेकिन पुलिस के कान में जूं तक नही रेंगी थी जिसके बाद पीड़िता की मां ने कांग्रेस नेता राजेश चौबे से बात की राजेश चौबे राज्यसभा सांसद विवेक तंखा को मामले की जानकारी दी सासद ने जबलपुर एसपी से मामले की जानकारी देते हुए बात की और तत्काल सहायता करने को भी कहा उच्चाधिकारियों को सांसद महोदय के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार कार्यवाही के लिए खितौला पुलिस को तत्काल कदम उठाने के आदेश दिए इसके बाद 3 लोगों की टीम बनाकर फंसे हुए मजदूरों को महाराष्ट्र से सिहोरा लाने के आदेश भी दिए गए एसपी के आदेश पर मौके पर पहुंची टीम ने  खितौला पुलिस की मदद से बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र के सौलापुर से छुड़ाकर सकुशल घर वापसी कराई।रोजी रोटी कमाने के लिए शहर से बाहर गए मजदूरों की रविवार को जब घर वापसी हुई तो परिजनों से मिलने के बाद उनकी आंखें नम हो गई इन मजदूरों में एक 4 साल की छोटी सी बच्ची राशि भी शामिल थी उसने बताया कि जहां उन्हें मजदूरी करने के लिए ले जाया गया था वहां लोग उनके साथ में मारपीट करते थे प्रताड़ित करते थे खाने को नहीं देते थे वह फूट-फूटकर रो रही थी और अपनी मां से लिपटकर यही कह रही थी कि मां अपने घर अपने शहर की रोटी को छोड़कर बाहर मजदूरी करने जाना हमारा निर्णय गलत था ।

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