सिहोरा के सिविल अस्पताल मार्ग में दुकानें,एम्बुलेंस जाने तक की नहीँ रहती जगह,शोपीस बनी लाखों की मंडी

जबलपुर/सिहोरा:कुरो रोड में लाखों की लागत से कृषि मंडी बनाई गई थी,जहाँ पर साप्ताहिक बाजार तो नहीँ लग रहा है, बल्कि लाखों की लागत से बनी कृषि मंडी आज शोपीस बनकर रह गई है, जिसकी पीछे की तरफ की बाउंड्री का एक हिस्सा तोड़ दिया गया,लेकिन प्रशासन को कोई सर्दी गर्मी नहीँ है, यहां तक इस मंडी परिसर में रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है,लेकिन नगरीय प्रशासन आज तक साप्ताहिक बाजार को सब्जी मंडी में ले जाने पर असफल रहा है,

गौरी तिराहा से अस्पताल मार्ग पर लग जाता जाम

वहीं देखा जाए तो वर्तमान में साप्ताहिक बाजार के दिन गौरी तिराहा के सिविल अस्पताल रोड स्थित सब्जी बाजार में सब्जी विक्रेताओं, अनाधिकृत वाहनों तथा कचरे की अंबार से लोगों को चलने के लिए मिली सड़क धीरे धीरे बिल्कुल सिकुड़ती चली जा रही है। साप्ताहिक बाजार के दिन सड़क पर फैले सब्जी बाजार के कारण एम्बुलेंस को भी अस्पताल तक पहुंचने मार्ग नसीब नहीं होता । अनाधिकृत वाहनों की कतार, उसके बाद सब्जी विक्रेताओं की कतार ऐसे में आवाजाही करने वाले नगर वासी, और सड़क पर चलने वाले गाड़ियों के बीच सभी लोग फंसकर रह जाते है। अनाधिकृत रूप से टेंपो एवं बसों की कतार हमेशा सड़क पर चलने वाले लोगों को परेशान कर रही है। ऊपर से रही सही कसर सब्जी विक्रेताओं की ओर से पूरी कर दी जाती है।

लाखो की लागत से बनी मंडी विरान

सिविल अस्पताल मार्ग में सब्जी मंडी के कारण उत्पन्न व्यवधान को देखते हुए नगर की पालक संस्था नगर पालिका द्वारा सब्जी मंडी के साथ-साथ साप्ताहिक बाजार को उस कृषि मंडी प्रांगण में स्थानांतरित करने आदेश जारी किए थे।किन्तु लाखो रुपए की लागत से बना हाट बाजार फुटकर सब्जी विक्रेताओं की जिद के चलते शोपीस बनकर रह गया है । मंडी प्रांगण में विक्रेताओं के लिए चबुतरे हैं, लेकिन व्यापारी जाने के लिए तैयार नहीं है। जिस उद्देश्य के लिए साप्ताहिक बाजार स्थानांतरित किया गया था वह नगर पालिका के जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही के कारण शोपीस बन कर रह गया है। यहां सुबह थोक सब्जी मंडी संचालित होती है इसके बाद संपूर्ण प्रांगण में असामाजिक तत्वों का डेरा जमा रहता है।इतना ही नहीं उक्त प्रागंण मे विक्रेताओं के बैठने के लिए चबुतरे बनाए गए हैं, लेकिन व्यापारी जाने को तैयार नहीं है। इस कारण अभी भी अस्पताल रोड के दोनो तरफ अस्थाई दुकानें सजाकर साप्ताहिक बाजार संचालित किया जा रहा है।

मुनादी कर की कर्तव्यों की इतिश्री

वहीं देखा जाए तो नगर की पालक संस्था द्वारा साप्ताहिक बाजार को स्थानांतरित किए जाने की मुनादी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जिसके चलते फुटकर सब्जी विक्रेता के हौसले बुलंद है और आज भी साप्ताहिक बाजार अस्पताल रोड मैं संचालित किया जा रहा है जिससे उत्पन्न अव्यवस्थाओं का खामियाजा मरीजों को भोगना पड़ रहा है।

रात में छलकते है जाम

वहीं कृषि मंडी साप्ताहिक बाजार के काम तो नहीँ आई फिलहाल यहाँ पर रात के सन्नाटे के शराबियों का जमघट जरूर लगा रहता है, लेकिन इनको देखने सुनने वाला कोई नहीं ,

 

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