अधिकारी वर्ग को कड़ा संदेश माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाकर बाहरियों का आना रोकें ,शिवराज

 

वरिष्ठ पत्रकार (राधावल्लभ शारदा)

भोपाल – इतनी छोटी सी बात ऐसी रुम ,एसी गाड़ियों में चलने वाली अफसरों के समझ में अभी तक नहीं आई बात रहस्यमय है । मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद राजनेता अपने अपने काम में लग गए क्योंकि उन्हें बहुमत सिद्ध करने की प्रक्रिया पूरी करनी थी और बह विधान सभा में रिक्त सदस्यों के स्थान पर नए सदस्यों से ही होती जिसके लिए चुनाव आवश्यक थे ।
चुनाव आयोग ने आदेश जारी कर कहा था कि रैली और सभाओं में सीमा तय कर दी थी उस पर अमल करने का काम प्रशासनिक तंत्र का था जो नहीं किया गया ।
प्रशासनिक तंत्र को यह आभास हो गया था कि प्रदेश में शिवराज सरकार रहेगी अतः सभी अधिकारी वर्ग कोरोना को भूल गए और अपनी अपनी जमाबट में लग गए ।
अपनी जमाबट में प्रधानमंत्री की बात को भूल गए ।या यह कहें कि उनकी नजर में कोई महत्व नहीं था । और इसीलिए
कल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक विडियो कान्फ्रेसिंग में अधिकारियों को निर्देश देना पड़ा की कोरोना की चैन को तोड़ने के लिए बाहरी लोगों के आने पर बंदिश लगाने की जरूरत है ।
भोपाल में आज की तारीख में पूरे प्रदेश के लोगों का आना-जाना लगा हुआ है जहां तक कोरोना मरीज़ की बात है तो वह अपने एक सहयोगी के साथ आ सकता है परन्तु देखने में आया है कि मरीजों के साथ अधिक लोग होते हैं और ये ही लोग बाहर घुमते मिल रहें हैं ।
एक जिले से दूसरे जिले ही नहीं एक शहर से दूसरे शहर जाने पर भी बंदिश लगाने की जरूरत है ।
लाकडाऊन की प्रक्रिया भी एक होना चाहिए , कलेक्टर को लाकडाऊन का अधिकार होने से एक रुपता नहीं है अतः इसमें भी संशोधन की जरूरत है ,
पुलिस निष्क्रिय
यह आरोप नहीं है सत्यता है । पुलिस की कार्यप्रणाली से ऐसा लगता है कि उसे कर्फ्यू का मतलब नहीं मालूम इसी के साथ लाकडाऊन भी नहीं समझ पा रहे हैं ।
अनावश्यक रूप से बाहर निकल रहें लोगों के साथ भय विन प्रीति नहीं का रुख अपनाया जाना चाहिए जो पुलिस नहीं कर रही है ।
जनता अपढ़ है
जहां तक बात भोपाल की है तो भोपाल के नागरिक अपढ़ है उन्हें भी समझ में नहीं आता है कि कर्फ्यू लगा हुआ है जिसमें घर से बाहर निकलने पर पुलिस का डंडा खाना होगा । इसी तरह लाकडाऊन का मतलब घर के अंदर रहना है ।
दो गज की दूरी और मास्क जरुरी यह भी अभी तक आम जनता नहीं समझ सकी ।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चाहिए कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से चर्चा कर सेना की मदद लें ।
मैंने अपनी बात रखी बहुत से लोगों को पसंद नहीं आयेगी यह मैं अच्छे से जानता हूं ।
मन की बात कही है ।आम जनता को जागरूक करने के साथ अकाल मृत्यु से भी रोकना है ।
सख्ती की आवश्यकता है ।

वरिष्ठ पत्रकार
राधावल्लभ शारदा
संपादक
दैनिक निष्पक्ष समाचार ज्योति भोपाल

 

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