पॉक्सो एक्ट की जानकारी सर्वव्यापी हो”- रिजु बाफना

जबलपुर:बच्चों के लिए पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे प्रचारात्मक अभियानों को अंतर्विभागीय समन्वय से प्रभावशाली बनाया जा सकता है। आज ऐसे ही प्रयासों की नितांत आवश्यकता है। तदाशय के विचार जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रिजु बाफना ने व्यक्त किये।होटल कल्चुरी में आयोजित शिक्षा विभाग के प्राचार्यों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिये महिला बाल विकास द्वारा आयोजित पॉक्सो एक्ट पर केन्द्रित कार्यशाला में व्यक्त किए। जिला विधिक प्राधिकरण के सदस्य सचिव ए.डी.जे. शरद भामकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘जन्म-प्रमाण-पत्र एवं आयु प्रमाण पत्र के संबंध में प्रत्येक अॅथारिटी को सजगता बरतनी चाहिए तथा इस एक्ट में अंतर्निहित प्रावधानों जैसे वैधानिक कार्यवाही प्रक्रिया और प्रभावित को सहायता प्राप्त करने हेतु सरकारी अमले को विशेष रूप से आम जनता को जानकारी देना अत्यावश्यक है।शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने इस बात पर सहमति दी कि निकट भविष्य में महिला बाल विकास विभाग एवं शिक्षा विभाग मिलकर बच्चों के बीच इस अधिनियम की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक स्कूल में मासिक सत्रों का प्रावधान करेंगे। कार्यक्रम की आवश्यकता एवं उपयोगिता पर श्री संजय अब्राहम सहा. संचालक द्वारा भी विचार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर बचपन बचाओ अभियान के प्रतिनिधियों, प्रांतीय समन्वयक सलमान मंसूरी तथा बबन प्रकाश ने तकनीकी सत्र में पॉक्सो एक्ट की महत्ता, प्रावधान एवं प्रक्रियाओं की जानकारी दी। साथ ही चाइल्ड लाइन ने लैंगिक अपराध से प्रभावित बच्चों के लिए विस्तार से जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आमंत्रित अतिथियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम का संचालन गिरीश बिल्लौरे ने किया। गुरुवार 25 मार्च को 12.00 बजे से आदिवासी विकास विभाग के अधीक्षकों (छात्रावास) के लिए पॉक्सो एक्ट अंतर्गत कार्यशाला आयोजित की जायेगी।

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