मां नर्मदा की महाआरती में शामिल हुए,राष्ट्रपति

 

जबलपुर:संस्कारधानी जबलपुर में पुण्य सलिला मां नर्मदा के उमाघाट, ग्वारीघाट की भव्यता को शनिवार की शाम तब चार चांद लग गया, जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यहां नर्मदा महाआरती में शामिल हुए। उन्होंने स्वास्तिवाचन, हर-हर नर्मदे और नर्मदाष्टकम् के श्लोकों की गूंज के बीच पूरे विधि-विधान से पुरोहितों की मौजूदगी में मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की। फूलों और रंगोली के साथ आकर्षक विद्युतीय साज-सज्जा की दूधिया रोशनी की जगमगाहट से रात के अंधेरे में भी सुबह जैसी रोशनी से दमकते उमाघाट पर जब सात अर्चकों ने नर्मदा महाआरती को भव्यता दी, तो धर्म, अध्यात्म, आस्था और श्रृद्धा से उमाघाट का पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। धर्म और आध्यात्मिकता से सराबोर राष्ट्रपति श्री कोविंद नर्मदा की महात्म्यता से अभिभूत हो गये। उन्होंने उमाघाट-ग्वारीघाट में नर्मदा के अलौकिक सौंदर्य को निहारा। इसके बाद देव दीपावली से नजारे के बीच अद्र्ध चंद्राकार शक्ल में बने मंच से नर्मदा आरती का दर्शन किया। प्रदेश की राज्यपाल  आनंदी बेन पटेल और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोवड़े और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी नर्मदा आरती में शामिल हुए। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अशोक भूषण, केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं उनकी धर्मपत्नी पुष्पलता पटेल, केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद राकेश सिंह और सांसद राज्यसभा विवेक कृष्ण तन्खा भी महाआरती में शामिल हुए।मां नर्मदा की भव्य आरती में राज्यमंत्री आयुष (स्वतंत्र प्रभार) जल संसाधन रामकिशोर ‘नानोÓ कांवरे और विधायक सर्वश्री अजय विश्नोई, नंदिनी मरावी, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, लखन घनघोरिया, तरुण भानोत, विनय सक्सेना, संजय यादव सहित पूर्व मंत्री अंचल सोनकर और शरद जैन, समाजसेवी डॉ. जितेन्द्र जामदार व डॉ. पवन स्थापक सहित धर्माचार्य और संत समाज मौजूद रहा।केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित नर्मदा महाआरती की संपूर्ण व्यवस्था का दायित्व केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रहलाद सिंह पटेल ने बखूवी निभाया।

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