प्लाट बेंचकर वादा भूल गया बिल्डर,सिहोरा की अंबा बिहार कॉलोनी वासियों के दर्द को कब तक सुनेंगे अधिकारी? 

जबलपुर :एक तरफ तो प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान यह कहते हुए नहीँ थकते की अब मध्यप्रदेश में  सुशासन है,अब न तो माफियों की मनमर्जी चलेगी न ही गुंडे बदमाशों की ,लेकिन सिहोरा की अंबा बिहार कॉलोनी में जिसने भी प्लाट लेकर घर बनाये है वो आज बिल्डर के नाम पर खून के आंसू बहा रहे है, बिल्डर से परेसान पीड़ित कालोनी वासियों ने बताया की इस कॉलोनी में न तो सड़क अच्छे से बनी है ,न ही नाली,बिल्डर के पास noc न होने के कारण यहाँ पर प्लाट लेकर घर बनाने वालों को बिद्युत कनेक्शन नहीं मिल पा रहे है, किसी तरह लोग टीसी कनेक्शन लेकर दूर खम्बे से बिजली तो ले ली और काम चल रहा है, लेकिन इनमें से भी यहाँ पर सबसे बड़ी समस्या के नाम पर है गंदा पानी ,बस्तीवासियों का कहना है की सिहोरा नगर का पूरा गंदा पानी इसी कालोनी में आ रहा है,इस गंदे पानी की बजह से पूरे  कॉलोनी वासी परेसान ,इतना ही नहीं इस गन्दे पानी के चलते हमारे द्वारा करवाये गए बोर का पानी भी बगैर फिल्टर के पीने लायक नहीं रह गया,हलाकि यहाँ के वाशिन्दों ने इन समस्याओं  की शिकायत सिहोरा  नगर पालिका से लेकर  तहसीलदार एसडीएम तक को दे चुके है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ,बिल्डर ने तो प्लाट बेंचकर नोटों की गड्डियां गिन ली लेकिन लोगों को वो सुविधाएं नहीं दी जो एक वैध बिल्डर को देनी होती है, अब ऐसे में यहां की आमजनता न्याय के लिए किसका दरवाजा खटखटाये?
स्वच्छता का खिताब पाने वाली नगर पालिका,इस कॉलोनी की समस्या की कर रही अनदेखी ,
यहाँ के निवासियों ने हमें शिकायतों की कापियों का पुलंदा थमा दिया जिसके तहत लोगों ने सिहोरा के अधिकारियों से लेकर जबलपुर तक न्याय की गुहार लगा चुके है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक  नहीं हुआ ,कालोनीवासियों ने बताया की  उनके द्वारा साल 2020 से कालोनी की समस्याओं के बारे में अधिकारियों को शिकायत पर शिकायत दी जा रही है,कालोनी वासियों के अनुसार सिहोरा क्षेत्रांतर्गत मौजा सिहोरा प.ह.न. 6 रा.नि.म. खितौला के अंतर्गत खसरा नंबर 112 रकबा 0.749हे खसरा नंबर 155/1 रकबा 0.648हे, खसरा नंबर 155/2 रकबा 0.995हे. भूमि मनोज असाटी पिता लालचंद असाटी निवासी सिहोरा के नाम पर दर्ज हैं एवं खसरा नंबर 112 रकबा 0.749हे भूमि अशोक अग्रवाल पिता बृजबिहारी अग्रवाल निवासी छतरपुर के नाम दर्ज हैं। मौके पर स्थानीय लोगों के द्वारा बतलाया गया कि, कॉलोनी में कुल 147 प्लाट है जो विकय हो चुके हैं। कॉलोनी में लगभग 25-30 मकान बने हुए हैं। कॉलोनी में अधिकांश प्लाटों में शहर का गंदा पानी भरा हुआ हैं। जिससे कॉलोनी में पानी क बोर में गंदा पानी आता हैं जो पीने योग्य नहीं हैं। नाली का निर्माण नहीं हैं एवं विद्युत कनेक्शन भी अस्त व्यस्त हैं। खंभे लगे हुए हैं
परंतु तार खुले हुए हैं। खेल मैदान एवं पार्किग हेतु जगह नहीं हैं।
वादा किया पर  निभाया नहीं ,
वहीँ स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया की ,बिल्डर मनोज द्वारा साल 2010 से अलग -अलग खण्डों में प्लाटों का विक्रय करना प्रारंभ कर दिया तथा कालोनी वासियों की कालोनी के पानी के निकासी की स्थाई व्यवस्था करने का प्लाट खरीदने वालों को बिल्डर ने वादा किया था। कालोनी वासियों को आवासीय प्लाट बताते हुये कालोनी निर्माण संबंधी सारी औपचारिकतायें पूरी हो जाने के तक भोलेभाले आवासीय लोगों को भविष्य में कोई आसुविधा नहीं होने आश्वस्त कर आवासीय लोगों के मकान निर्माण कराये हैं। तथा कालोनी में नक्शा अनुसार अनावेदक गण ने सभी प्लाटों को विकय कर दिया है जिसके अनुसार आवेदक गण प्लाट कय कर अपने अपने मकानों का निर्माण कर आवास कर रहे हैं तथा नगर पालिका टेक्स
भी अदा कर रहे हैं। स्थाई विद्युत कनेक्शन भी कालौनी वासियों ने लिया है।यह कि अनावेदक गण ने प्लाट खरीदने वाले सभी कालोनी वासियों को मकान निर्माण के पूर्व आश्वस्त किया था मकान निर्माण संबंधी किन्ही औपचारिकताओं को एवं मकान निर्माण के पूर्व आवास करने वालों को किसी भी प्रकार का शुल्क देने एवं मकान निर्माण एवं अन्य कानूनी कार्यवाहीयों को कालौनीवासियों को करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। चूंकि आवेदक गण स्वयं कालोनाईजर हैं और वे ही कालोनी के प्रबंधक हैं। उन्होंने सभी कार्यवाहियां कालोनाईजर एक्ट के तहत पूर्ण कर ली है। इस प्रकार आवेदक गणों को उक्त तथ्य बताकर प्लाटों का विक्रय किया था। जिसके अनुसार आवेदक गण प्लाट कय कर मकान निर्माण कर विद्युत कनेक्शन सहित आवास कर रहे हैं। यह कि अनावेदक गण द्वारा कालोनी में कालोनाईजर एक्ट में बने प्रावधानों के अन्तर्गत आज तक कोई कार्य नहीं किये गये हैं और न ही विद्युत व्यवस्था व्यस्थित रूप से कराई गई है न ही ट्रांसफारमर स्थापित कराया गया है। कालौनीवासी स्वयं विद्युत सर्विस लाईन अपने -अपने घरों तक अस्थाई रूप से व्यवस्था करते हुये ले गये हैं। जिससे सर्विस लाईन के तार पूरी कालोनी में झूल रहे हैं जो रोड से गात्र 3-4 फुट की ऊचाई पर है जिससे जनहानि होने की प्रबल आशंका है। फिर भी आवेदक गण कोई
गंदे पानी से बीमार हो रहे कालोनीवासी ,
वहीँ लोगों ने यह भी बताया की गंदे पानी की बजह से कालोनी वासियों को  बीमारी होने की आशंका बनी रहती है। गंदा पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे कालौनी जलमग्न हो गयी है तथा नाली का गंदा पानी लोगों के घरों के आसपास फैला हुआ है एवं अधिक पानी होने पर घरों में जाने लगता है। यह कि कालौनी के मुख्यद्वार पर गेट की व्यवस्था नहीं की गई है जिससे कालौनी के अंदर आवारा पशु व जानवर प्रवेश करते हैं तथा रात्रि में शहर के आसामाजिक अपराधिक लोगों का जमावड़ा रहता है तथा शराब व अन्य नशा करके अज्ञात लोग अशांति फैलाते है जिससे महिलाओं एवं बच्चों का जीवन संकट में हो गया है साथ ही सभी को असुरक्षा भी उत्पन्न हो गई है। कालौनी नियमों के अंतर्गत सभी सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन कॉलोनाइजर ने दिया था।लेकिन उसने  भोलेभाले लोगों को प्लाट बेंचकर किये वादे भूल गया ,शिकातयत कर्ताओ में वकील बलराम पटेल ,लवकुश सोनी ,विनोद खत्री ,सोमेन शील ,ओमप्रकाश सोनी सहित अन्य कालोनीवासी शामिल है,
इनका कहना है, सिहोरा की अंबा बिहार कालोनी के मामले की जांच जारी है, कलेक्टर साहब के पास अंतिम आदेश के लिए भेजा जाएगा,
अपर कलेक्टर,नमः शिवाय अरजरिया जबलपुर
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