21 जून को निर्जला एकादशी ,इस दिन तुलसी के पौधे के समीप देशी घी का दीपक जलाने से होंगे ये फायदे

 

 

निर्जला एकादशी का शुभ मुहूर्त:निर्जला एकादशी तिथि 21 जून 2021

एकादशी तिथि प्रारंभ- 20 जून, रविवार को शाम 4 बजकर 21 मिनट से शुरू

एकादशी तिथि समापन-21 जून, सोमवार को दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक.

*एकादशी पूजा सामग्री*

श्री विष्णु जी का चित्र अथवा मूर्ति, पुष्प, नारियल, सुपारी, फल, लौंग, धूप, दीप, घी , पंचामृत, अक्षत, तुलसी दल, चंदन और मिष्ठान आदि.
*तुलसी पूजन*
निर्जला एकादशी के दिन तुलसी के पेड़ के पास घी का दीपक जला कर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करना चाहिए. इस दिन ऐसा करने से घर में धन, यश और वैभव बना रहता है. नौकरी और व्यवसाय में प्रगति होती है.निर्जला एकादशी के दिन तुलसी के पेड़ के पास घी का दीपक जला कर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करना चाहिए. इस दिन ऐसा करने से घर में धन, यश और वैभव बना रहता है. नौकरी और व्यवसाय में प्रगति होती है.

*निर्जला एकादशी की पूजा-विधि:*

निर्जला एकादशी व्रत से एक रात पहले यानी कि दशमी के दिन से ही व्रत शुरू हो जाता है. इसलिए दशमी को रात में खाना खाने के बाद अच्छे से मुंह साफ कर लेना चाहिए ताकि मुंह जूठा न रहे.

निर्जला एकादशी के दिन सुबह उठकर नित्यकर्म करने के बाद. नए कपड़े पहनकर पूजाघर में जाएं और भगवान के सामने व्रत करने का संकल्प मन ही मन दोहरायें. भगवान विष्णु की आराधना करें और मन ही मन श्री हरि के मंत्र ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करते रहें. इस व्रत को करने से जातक के समस्त रोग, दोष और पापों का नाश होगा. इस दिन मन की सात्विकता का ख़ास ख्याल रखें

।। ऊँ सूर्याय नम:।।निधिवन ज्योतिष एवं वास्तु केन्द्र
_________________________
(खगोलीय ग्रह गणना चक्रम्)
———::————-::——-
मानव जीवन अनेक समस्याओं से भरा है , और इन्हीं समस्या को सुलझाने का कार्य ज्योतिष शास्त्र करता हैं ।
जिसमे ग्रहो की चाल , खगोल शास्त्र , सिद्धांत , फलित मार्ग दर्शक होते हैं ।मनुष्य जन्मोपरांत नौ ग्रहो के माध्यम से सम्पूर्ण जीवन मे सुख एवं दुख का अनुभव करता हैं ।यदि आप दुखी हैं तो समस्या का हल है , और आप हमसे सम्पर्क कर सकते है।
—————————————-
ज्योतिष विद् निधिराज त्रिपाठी सम्पर्क सूत्र —9302409892

—————————————-

**लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
“अपना नाम”
“जन्म दिनांक”
“जन्म समय”
“जन्म स्थान”
व्हाट्सएप करें!! धन्यवाद
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो हर व्यक्ति का जन्म होते ही वह अपने प्रारब्ध के चक्र से बंध जाता है और ज्योतिषशास्त्र द्वारा निर्मित जन्म कुंडली हमारे इसी प्रारब्ध को प्रकट करती है। हमारे जीवन में सभी घटनाएं बारह राशि व नवग्रह द्वारा ही संचालित होती हैं। इन ग्रहों का आपके जीवन पर आने वाले समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा इसके बारे में विस्तृत जवाब जानने के लिए अभी आप भी कर्ज़ की समस्या से परेशान हैं, और उससे जुड़ा कोई व्यक्तिगत उपाय, निवारण जानना चाहते हों या इससे जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहिए हो तो
अभी इस नंबर पर आप संपर्क कर सकते हैं l 9302409892

शेयर करें: