अभी देश कोरोना महामारी को रोकने में लगा है तो महंगाई पर अंकुश नहीं

 

 

राधावल्लभ शारदा
संपादक,दैनिक निष्पक्ष समाचार ज्योति भोपाल

भोपाल , भारतीय लोगों की मानसिकता को समझना हर आदमी की बात नहीं है ।कोरोना काल हो या अन्य कोई आपदा हर व्यापारी वर्ग पैसे कमाने में कामयाब हो जाता है कारण सरकारी तंत्र का नियंत्रण समाप्त हो जाता है कारण कुछ भी हो ।पेट्रोल और डीजल के दाम बढने पर सब चिल्लाने लगते हैं इस चिल्ल पो में मोटरसाइकिल से लेकर 10 करोड़ रुपए की बाहन रखने वाले सामिल है ।
जैसे ही पेट्रोल डीजल के दाम बढ़े कि आम आदमी की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ जाते हैं , बेचने वाला गिरोह कहता है कि उन्हें भी महंगा मिला , इस महंगा मिला पर शासन चुप रहता है । देश में जब भी किसी आपदा की शुरुआत होती है तो आम उपभोक्ता से लेकर निर्माता तक सामान का स्टाक कर लेता है ।हमने कई बार देखा है कि सरकार स्टाक की सीमा तय कर देता है परन्तु उस पर निगरानी नहीं रखता और देर हो जाती है ।
पिछले एक वर्ष से अधिक समय से देश की जनता बीमारी से पीड़ित हैं तो बह महंगाई से भी पीड़ित हैं इस तरह दोहरी मार झेल रहा है ।दामों की निगरानी ,दाल दलहन का स्टाक करना होगा घोषित इतने समय बाद केन्द्र सरकार के अधिकारियों की नींद खुली और महंगाई को रोकने के लिए राज्यों को निर्देश दिए ।आज के समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के अनुसार राज्य सरकारों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मिलर्स , प्रोसेसर, निर्यातक , आयातकों के साथ स्टाकिस्टों से आवश्यक वस्तु अधिनियम का उपयोग करते हुए स्टाक घोषित करने का आदेश दे ।
केन्द्रीय उपभोक्ता मामलों की सचिव लीना नंदन ने सोमवार को राज्यों को निर्देश दिए साथ ही निगरानी का भी कहा है , अभी इसका एक प्रारुप तैयार हो रहा है ।
अधिकारियों की नींद खुली है या नासमझी कहें ।
मेरा राज्य सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से निवेदन है कि महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए राज्य स्तर पर पहल की जरूरत है । मध्यम वर्गीय परिवार को भारी कष्ट है । अल्प आय वर्ग को सरकार निशुल्क वितरण कर रही है तो उच्च वर्ग को कोई फर्क नहीं पड़ता है ।महंगाई पर अंकुश लगाने की जरूरत है

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