नवरात्रि से जुड़ी पौराणिक मान्यता



ज्योतिषचार्य, निधिराज त्रिपाठी,जैसा कि हमने पहले भी बताया कि नवरात्रि के दौरान माँ दुर्गा के विभिन्न नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान नवरात्रि के पहले दिन घरों में कलश स्थापना से नवरात्रि का शुभारंभ होता है। इसके बाद लोग अलग-अलग दिनों पर माँ दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं, आरती करते हैं, माँ दुर्गा को विभिन्न भोग प्रसाद समर्पित करते हैं। इस दौरान देश भर में अलग-अलग शक्तिपीठों पर मेले भी आयोजित किए जाते हैं।

इसके अलावा मंदिरों में माँ दुर्गा के स्वरूपों की झांकियां तैयार की जाती है। बात करें नवरात्रि की पौराणिक मान्यता की तो शास्त्रों के अनुसार कहा जाता है कि नवरात्रि में ही भगवान श्रीराम ने देवी शक्ति की आराधना की थी और दुष्ट राक्षस रावण का वध किया था।

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