6 माह तक मां का दूध ही बच्चे के लिए अमृत समान, आंगनबाड़ी केंद्रों पर मंगल दिवस पर आयोजित हुई गोदभराई

कटनी/स्लीमनाबाद(सुग्रीव यादव): महिला एवं बाल विकास एकीकृत परियोजना बहोरीबंद मैं 1 अगस्त से विश्व स्तनपान सप्ताह अभियान का आगाज हुआ।
अभियान के पहले दिन गाँवो मैं छात्राओं के द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई।अभियान के दूसरे दिवस मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों मैं विशेष ग्राम एवं पोषण दिवस का आयोजन हुआ।ग्राम पंचायत किरहाई पिपरिया मैं आयोजित कार्यक्रम मे पर्यवेक्षक स्वाति दुबे ने माताओ को जागरूक करते हुए कहा कि शिशु को मां का पहला गाढ़ा दूध 1 घंटे के अंदर पिलाने से बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। बच्चा कुपोषण से दूर और मानसिक विकास के लिए यह बहुत उपयोगी होता है। मां का दूध बच्चे के लिए अमृत समान होता है। वह न केवल उसके शारीरिक विकास बल्कि मानसिक विकास के लिए भी जरूरी है। स्तनपान से बच्चे के साथ साथ मां को भी कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक फायदे होते हैं। इसलिए बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध पिलाना अति आवश्यक है।
6 माह तक के बच्चों को केवल स्तनपान ही पर्याप्त भोजन है। किसी प्रकार का ऊपरी आहार ना दें।

स्तनपान से शिशु को होने वाले फायदे-
पर्यवेक्षक स्वाति दुबे ने स्तनपान से शिशु को होने वाले फायदों को बतलाया कि  से 1 साल से कम उम्र के शिशु को डायरिया रोग से लड़ने की ताकत मिलती है। मां के स्तन से पहली बार निकलने वाला दूध के साथ गाढ़ा पीले रंग का द्रव भी आता है। यह कोलोस्ट्रम कहलाता हैं। यह शिशु को संक्रमण से बचाने और प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है। शिशु के लिए मां का दूध सुपाच्य होता है। इससे बच्चों पर चर्बी नहीं करती स्तनपान से उम्र के साथ होने वाली बीमारी जैसे रक्त कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप का खतरा कम हो जाता है। यह बच्चों के दिमागी विकास में सहायक होता है। बच्चों की बौद्धिक क्षमता भी बढ़ती है। इससे बच्चे और मां में भावनात्मक रिश्ता भी मजबूत होता है। मां का दूध उसी तापमान से मिलता है जो उसके शरीर का है। इससे शिशु को सर्दी नहीं लगती है।
मंगलवार को मंगल दिवस के अवसर पर गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म भी की गई।
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ,सहायिका व महिलाओं की उपस्थिति रही।

शेयर करें: