बुध ग्रह का आपके करियर पर पड़ेगा यह असर

 

**ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार——बुध गोचर से प्रभाव**
बुध के गोचर का भी करियर पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। बुध का गोचर प्रथम भाव में होने से व्यक्ति को करियर क्षेत्र में बहुत अधिक लाभ प्राप्त नहीं होते। वहीं द्वितीय भाव में इस ग्रह का गोचर मिलेजुले प्रभाव देता है। वहीं तृतीय भाव में बुध के होने से शत्रुओं से पराजय की संभावना होती है और साथ ही सरकारी क्षेत्र में करियर बनाने में भी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। चतुर्थ भाव में इस ग्रह का गोचर करियर क्षेत्र में शुभ फल प्रदान करता है। पंचम भाव में इस ग्रह का गोचर बहुत अच्छा नहीं माना जाता है वहीं छठे भाव में यह अच्छे फल प्रदान करता है। सप्तम भाव में गोचर से बुध कुछ शुभ फल देता है लेकिन स्त्री पक्ष से हानि होने की संभावना होती है। अष्टम भाव में इस ग्रह का गोचर करियर को नई ऊंचाइयां दे सकता है। नवम भाव में यह करियर के लिए बहुत शुभ नहीं माना जाता। दशम और एकादश भाव में बुध का गोचर शुभ फलदायी होता है वहीं द्वादश भाव में यह करियर के लिए कष्टकारी हो सकता है।

**आने वाले महीनों में बुध के गोचर**
बुध का मीन राशि में गोचर- 1 अप्रैल 2021
बुध का मेष राशि में गोचर- 16 अप्रैल 2021
बुध का वृषभ राशि में गोचर- 1 मई 2021
बुध का मिथुन राशि में गोचर- 26 मई 2021
बुध का मिथुन में वक्री – 30 मई 2021
बुध का वृषभ राशि में वक्री गोचर- 3 जून 2021
बुध का मिथुन राशि में गोचर- 7 जुलाई 2021
बुध का कर्क राशि में गोचर- 25 जुलाई 2021
बुध की अनुकूल स्थिति क्यों है अच्छे करियर के लिए जरूरी ?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुध ग्रह न केवल व्यापार, वाणिज्य और तर्क शक्ति बल्कि यातायात, संचार, मस्तिष्क का भी मुख्य कारक ग्रह है। यह सारी विशेषताएं एक अच्छे करियर के लिए बहुत आवश्यक होती हैं इसलिए अच्छे करियर या बिजनेस के लिए इस ग्रह का मजबूत होना अति आवश्यक होता है। जिन जातकों की कुंडली में यह ग्रह शुभ होता है उनको करियर में बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। वहीं जिन लोगों की कुंडली में इस ग्रह की स्थिति अच्छी नहीं होती उन्हें करियर में बार-बार चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आइए अब जानते हैं विभिन्न ग्रहों के साथ इसकी युति का करियर पर क्या प्रभाव पड़ता है।

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**सूर्य के साथ बुध ग्रह की युति का करियर पर प्रभाव**
सूर्य को बुध ग्रह का मित्र माना जाता है, इन दोनों की कुंडली में युति व्यक्ति को करियर में मनचाही सफलता दिलाती है। सूर्य-बुध की युति को बुधादित्य योग के नाम से भी जाना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में यह योग होता है वह करियर में बहुत त्वरित गति से उन्नति पाते हैं। हालांकि यह युति किस भाव में और किस राशि में हो रही है, इसका भी ध्यान रखना अति आवश्यक है। यदि यह युति सूर्य की राशि सिंह या बुध की राशियों मिथुन और कन्या में हो तो इसका व्यक्ति के करियर पर अच्छा असर पड़ता है। वहीं इस युति पर पाप ग्रहों की दृष्टि करियर में कुछ बाधाएं ला सकती है। बावजूद इसके भी यह संयोग अच्छा माना जाता है और ऐसे लोगों को करियर में उन्नति के अवसर मिलते रहते हैं।

**चंद्रमा के साथ बुध की युति का करियर पर प्रभाव**
बुध-चंद्र युति को करियर के लिए बहुत अच्छा नहीं माना जाता है। चंद्र देव मन के कारक हैं और बुध बुद्धि के, जब ये दोनों एक साथ युति बनाते हैं तो व्यक्ति फैसलों को लेकर संशय की स्थिति में रहता है। भावनात्मक रूप से भी ऐसे लोग थोड़े कमजोर हो सकते हैं। ऐसे लोगों को कोई भी व्यापार करने से पहले मन को स्थिर करने की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। हालांकि नौकरी पेशा जीवन में ऐसे लोग अच्छे फल पा सकते हैं। वहीं व्यापार यदि साझेदारी में करें तो शुभ फल मिलने के आसार रहते हैं। इसलिए चंद्र-बुध की युति यदि आपकी कुंडली में है तो किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर आपको कोई भी कारोबार शुरू करना चाहिएl

**मंगल के साथ बुध की युति का करियर पर प्रभाव**
मंगल ग्रह को पराक्रम और साहस का कारक माना जाता है। हालांकि ज्योतिष में यह एक क्रूर ग्रह माना गया है। बुध के साथ जब भी मंगल की युति होती है, तो ऐसे में व्यक्ति के अंदर साहस तो देखा जाता है लेकिन बुद्धि में भ्रम भी पैदा होते हैं। ऐसे लोग बिना सोचे-समझे कई बार बहुत बड़े फैसले ले लेते हैं जिसके कारण उन्हें बाद में पछताना पड़ता है। करियर के लिहाज से भी यह युति बहुत अच्छी नहीं समझी जाती, क्योंकि ऐसे लोग जिद्दी स्वभाव के कारण अपना ही नुक्सान करा सकते हैं। हालांकि यदि अपनी बुद्धि को वश में करके यह लोग समझदारी से आगे बढ़ें तो करियर में शुभ परिणाम इनको अवश्य प्राप्त होते हैं। ऐसे लोगों को क्रोध पर काबू करने की बहुत आवश्यकता होती है, यदि ऐसा करने में यह सफल होते हैं तो करियर या नौकरी दोनों ही क्षेत्र में अपनी बुद्धि का यह साहसिक रूप से प्रयोग करके शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं।

**बृहस्पति के साथ बुध की युति का करियर पर प्रभाव**
इस युति को करियर के लिए बहुत शुभ माना जाता है। बुध को बुद्धि का देवता माना जाता है, जबकि गुरु विवेक और ज्ञान के देवता हैं। इन दोनों का कुंडली में एक साथ होना व्यक्ति को समझदार बनाता है। ऐसे लोग स्थितियों का सही आकलन लगाने में माहिर होते हैं, ऐसे में इन लोगों को करियर और नौकरी में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। हालांकि ऐसे लोगों को घमंड को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। ऐसे लोग अच्छे सलाहकार की तरह अपने आसपास के लोगों के करियर को सुधारने का काम भी करते हैं। यदि आपकी कुंडली में यह युति है तो बेशक आपको करियर क्षेत्र में शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

**शुक्र के साथ बुध की युति का करियर पर प्रभाव**
इस योग को भी करियर के लिए अच्छा माना जाता है। खासकर रचनात्मक कार्यों को करने वाले जातकों की कुंडली में यह युति पायी जाती है। ऐसे लोग स्वतंत्र होकर काम करना चाहते हैं। ऐसे लोग बहुमुखी प्रतिभा के धनी समझे जाते हैं। बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे हैं जिनकी कुंडली में यह योग है। बुध की वजह से स्पष्ट वाणी और शुक्र के चलते सौंदर्य मिलने से ऐसे लोग कला के क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं। इसके साथ ही बाकी क्षेत्रों में भी ऐसे लोगों को शुभ परिणाम मिलते हैं।

**शनि के साथ बुध की युति का करियर पर प्रभाव**
शनि को वैसे तो शुभ ग्रह नहीं माना जाता लेकिन, जब भी बुध की युति शनि के साथ होती है तो व्यक्ति की सोच बहुत गहरी होती है। ऐसे लोग हर वस्तु-स्थिति के बारे में गहन जानकारी रखते हैं। इसके कारण ऐसे लोग करियर में भी अच्छे फल पाते हैं। शनि से जुड़े उद्योगों जैसे, लोहा, ऑटोमोबाइल, वकालत आदि में ऐसे लोगों को सफलता मिलती है। इसके साथ ही ऐसे लोग शिक्षा के क्षेत्र में भी अच्छा करियर बनाने में कामयाब हो सकते हैं। ऐसे लोग गूढ़ विद्या पाकर अपने लिए एक अलग करियर का भी निर्माण करने में समर्थ होते हैं।

**राहु के साथ बुध की युति का करियर पर प्रभाव**
राहु ग्रह को बुध का मित्र माना जाता है इसलिए करियर के लिहाज से यह युति बहुत प्रतिकूल नहीं होती। ऐसे लोग अच्छे कूटनीतिज्ञ होते हैं। राजनीति के क्षेत्र में ऐसे लोगों को सफलता मिल सकती है। हालांकि इस युति के कारण व्यक्ति की वाणी थोड़ी कठोर अवश्य हो सकती है। इसके साथ ही बिजनेस में भी ऐसे लोग लाभ कमा पाने में कामयाब होते हैं।

केतु के साथ बुध की युति का करियर पर प्रभाव
बुध का केतु के साथ होना करियर के लिए बहुत अच्छा नहीं होता। केतु बुध की शक्ति को क्षीण कर देता है, जिसके कारण व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे लोग अपनी बात को स्पष्टता से लोगों के समक्ष रखने में अच्छे नहीं होते। ऐसे लोगों को केतु के उपाय करके करियर क्षेत्र में अच्छे फलों की प्राप्ति हो सकती है।

यह बातें भी हैं आवश्यक
बुध ग्रह का करियर पर बहुत प्रभाव पड़ता है। लेकिन यह प्रभाव सकारात्मक है या नकारात्मक इसके लिए कुंडली में इसकी स्थिति देखनी अति आवश्यक है। यदि यह किसी मित्र राशि में मित्र ग्रह के साथ है तो यह प्रभाव अच्छा होगा, वहीं कई बार मित्र राशि में किसी शत्रु ग्रह के साथ भी इसका प्रभाव सकारात्मक हो सकता है। अत: सही तरह से आकलन करने के लिए कि बुध ग्रह का आपके करियर पर क्या प्रभाव है, आप किसी योग्य ज्योतिष से बात कर सकते हैं। मेरे बताएं यह उपाय हर किसी के ऊपर लागू नहीं होते हैं सबसे पहले कुंडली का निरीक्षण कर ले और जब आपकी कुंडली अनुकूल हो तो ही मेरे बताएं उपाय आप अपनाएं **लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो हर व्यक्ति का जन्म होते ही वह अपने प्रारब्ध के चक्र से बंध जाता है और ज्योतिषशास्त्र द्वारा निर्मित जन्म कुंडली हमारे इसी प्रारब्ध को प्रकट करती है। हमारे जीवन में सभी घटनाएं बारह राशि व नवग्रह द्वारा ही संचालित होती हैं। इन ग्रहों का आपके जीवन पर आने वाले समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा इसके बारे में विस्तृत जवाब जानने के लिए अभी आप भी कर्ज़ की समस्या से परेशान हैं, और उससे जुड़ा कोई व्यक्तिगत उपाय, निवारण जानना चाहते हों या इससे जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहिए हो तो
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