मंगल के वृषभ राशि में गोचर से इन राशियों का होगा मंगल 

 

ज्योतिषाचार्य निधि राज त्रिपाठी के अनुसार—- मंगल का वृषभ राशि में गोचर- 22 फरवरी 2021
वैदिक ज्योतिष में लाल ग्रह मंगल को एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। जिसे ज्योतिष में क्रूर ग्रह की संज्ञा दी गई है और ये ऊर्जा, साहस, योद्धा, आदि का कारक होता है। इसलिए मंगल को शक्तिशाली और अग्नि तत्व का ग्रह माना जाता है। मंगल देव ही किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से सक्रिय, शारीरिक रुप से बलवान, दृढ़-निश्चयी और महत्वाकांक्षी बनाते हैं। इसके शुभ प्रभाव जातक की पर्सनैलिटी आकर्षक, नेतृत्व क्षमता और साहस में बढ़ोतरी करते हैं।

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गोचर की समयावधि
ऐसे में अब यही मंगल ग्रह 22 फरवरी 2021, सोमवार की सुबह 5 बजकर 02 मिनट पर, मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। जिससे मंगल के वृषभ राशि में इस स्थान परिवर्तन का असर, सभी राशियों पर किसी न किसी रूप से पड़ेगा। तो आइये जानते हैं आपकी राशि पर क्या होगा मंगल के इस गोचर का प्रभाव:-

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल को एक क्रूर ग्रह का दर्जा प्राप्त है| जातक के जीवन के लिए मंगल ग्रह बहुत प्रभावकारी ग्रह माना जाता है| यदि व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष होता है, तो उसे जीवन में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है| मंगल दोष के कारण जातक के विवाह में भी कठिनाई आती है, और विवाह होने में अड़चनें पैदा होती है| व्यक्ति की कुंडली में स्थित सभी बारह भावों पर मंगल ग्रह का अलग-अलग प्रभाव पड़ता है|

ज्योतिष की दुनिया में मंगल ग्रह को ऊर्जा, भूमि, भाई, साहस, शक्ति, पराक्रम, और शौर्य का कारक माना जाता है| मंगल ग्रह को वृश्चिक और मेष राशि का स्वामित्व प्राप्त है| जबकि मकर उच्च राशि है, और कर्क इसकी नीच राशि है| वैदिक ज्योतिष के अनुसार यदि जातक की कुंडली में मंगल अच्छी स्थिति में हो, तो व्यक्ति निडर और साहसी स्वभाव का होता है, और युद्ध में विजय को प्राप्त करता है| लेकिन जातक की जन्म कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में बैठा हो तो उसे अनेक तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, उसके दांपत्य जीवन को प्रभावित करता है| मंगल दोष के कारण जातक के विवाह में भी देरी होती है, और अनेक तरह की रुकावट आती है|

ऐसे में मंगल ग्रह का वृषभ राशि में गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डालेगा| मंगल ग्रह सोमवार के दिन 22 फरवरी 2021, को 5 बज-कर 2 मिनट पर मेष राशि से निकल कर वृषभ राशि में प्रवेश करेगा| मंगल ग्रह का वृषभ राशि में स्थान परिवर्तन सभी 12 राशियों पर किस तरह का प्रभाव डालेगा, तो आइए जानते आपकी राशि पर मंगल के इस गोचर का क्या प्रभाव पड़ने वाला है|

वृषभ राशि में इस स्थान परिवर्तन का असर, सभी राशियों पर किसी न किसी रूप से पड़ेगा। तो आइये जानते हैं आपकी राशि पर क्या होगा मंगल के इस गोचर का प्रभाव:-

मेष राशि
आपकी राशि में मंगल आपके प्रथम और अष्टम भाव का स्वामी होता है। परंतु वृषभ राशि में अपने इस गोचर के दौरान, वो आपके दूसरे भाग में प्रवेश करेगा। ज्योतिष में दूसरा भाव धन, परिवार, प्रारंभिक शिक्षा, बाल्यकाल, वाणी आदि का कारक होता है। इसलिए इस भाव को धन भाव और कुटुंब भाव भी कहते हैं। ऐसे में इस अवधि के दौरान मंगल का गोचर बेहद सोच-समझकर और बुद्धिमानी से अपने शब्दों का चयन करने में, आपको सक्षम बनाएगा। जिससे आप अपने व्यक्तिगत और पेशेवर क्षेत्रों में अनावश्यक की बहस और विवाद से खुद को दूर रख सकेंगे।

हालांकि मंगल की ये स्थिति, आपकी मां को स्वास्थ्य हानि दे सकती है। जिसके चलते आपके भी मानसिक तनाव और चिंताओं में वृद्धि होगी। ऐसे में उनका ध्यान रखते हुए, खुद को हर प्रकार के तनाव से दूर रखने का प्रयास करें। मंगल का आपके दूसरे भाव में उपस्थित होना, आपको हर प्रकार के ज़मीन से जुड़े मामले में हानि पहुंचा सकता है। इसलिए किसी भी प्रॉपर्टी या ज़मीन को खरीदने या बेचने से अभी परहेज करना ही, आपके लिए उचित रहेगा।

कार्य क्षेत्र के लिए यह अवधि, आपको अपने संसाधनों का उचित उपयोग करने व अपनी कार्य क्षमता और उत्पादकता को बढ़ाते हुए, पूर्व की सभी निलंबित पड़ी परियोजनाओं को पूरा करने में आपकी मदद करेगी। आप इस दौरान धन अर्जित करने वाली वाली योजनाओं में भी, निवेश करने का फैसला ले सकते हैं। हालांकि निवेश से जुड़े हर निर्णय को लेते समय, ये गोचर आपके स्वभाव में कुछ कठोरता भी लेकर आएगा। इसलिए आपको अपने इस स्वभाव में सुधार लाना का प्रयास करना होगा, तभी आपको इस गोचर से उत्तम परिणाम मिल सकेंगे।

मंगल ग्रह को एक ऐसा ग्रह है माना गया है, जिसे दिखावा करना पसंद होता है। इसके परिणामस्वरूप, आप अपनी योग्यता का दिखावा करने के लिए अपनी जरूरत से ज्यादा ख़रीदारी कर सकते हैं। इससे आपके खर्चों में वृद्धि होगी। साथ ही आपको हर प्रकार के कर्ज या ऋण लेने से भी, बचने की सलाह दी जाती है।

यदि आप सिंगल है तो आपको अपने दिल की भावनाओं को, अपने प्रेमी के सामने स्पष्ट रूप से रखने की ज़रूरत होगी। इससे आप दोनों को अपने नए रिश्ते की शुरुआत करने में मदद मिलेगी। वैवाहिक जातकों को भी अपने जीवनसाथी और ससुराल पक्ष से इस गोचर के दौरान, पूर्ण सहयोग मिलने के योग बन रहे हैं।

मेष राशि के छात्रों के लिए, समय उत्तम रहेगा। क्योंकि उन्हें अपना प्रदर्शन बेहतर करने में भरपूर सफलता मिलेगी। हालांकि पारिवारिक जीवन में आपके भाई-बहनों का आप से विवाद संभव है। ऐसे में आपको हर परिस्थिति में खुद को शांत रखते हुए, उनके साथ अच्छा व्यवहार करना आपके लिए बेहतर रहेगा।

उपायः आपको विशेष लाभ प्राप्त करने के लिए, चांदी या तांबे में अच्छी गुणवत्ता वाला मूंगा धारण करना चाहिए।

**वृषभ राशि**
मंगल आपके लग्न या प्रथम भाव में गोचर करेगा। वैदिक ज्योतिष में लग्न भाव जातक के व्यक्तित्व और उसके स्वभाव का प्रतिनिधित्व करता है। वृषभ राशि के जातकों के लिए, मंगल आपके बारहवें और सातवें भाव का स्वामी है। ये भाव क्रमशः व्यय और हानि व शादी और साझेदारी को दर्शाते हैं। ऐसे में यह गोचर शुभ परिणाम देते हुए, आपको अधिक मजबूत, प्रखर और आत्मविश्वासी बनने में मदद करेगा। जिसके चलते आप इस समय ऊर्जा, उत्साह और दृढ़ संकल्प से भरपूर दिखाई देंगे। आप अपनी सभी परियोजनाओं पर प्रभावी रूप से भी कार्य करने में भी सक्षम होंगे।

आपके शत्रु और विरोधी सक्रिय रहेंगे, परंतु आपकी प्रतिस्पर्धा की भावना आपको इस दौरान उन सभी पर विजय प्राप्त करने में मदद करेगी। जिससे कार्यस्थल पर आपका विकास और आय की वृद्धि होगी। नौकरी पेशा जातकों को भी अधिक वेतन के साथ कुछ अन्य संगठनों के लिए, काम करने का अच्छा अवसर मिल सकता है। वहीं व्यापारी जातक, खासतौर से साझेदारी में व्यापार कर रहे हैं जातकों को इस दौरान लाभ और मुनाफ़ा अर्जित करने में सफलता की प्राप्ति होगी। परंतु आपको और अधिक बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए, अपने पार्टनर के साथ बैठकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों और लाभ के बँटवारे पर चर्चा करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि इस समय आप दोनों एक समान लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ही, कार्य करते दिखाई देंगे।

कई जातक ज़मीन या प्रॉपर्टी की खरीद या बिक्री से भी, अच्छा मुनाफ़ा अर्जित कर सकते हैं। चूँकि मंगल आपके द्वादश भाव के स्वामी भी होते हैं, जो ख़र्चों को दर्शाता है। ऐसे में आशंका है कि आप न चाहते हुए भी, अत्यधिक खर्च या अनावश्यक खरीदारी करें, जिससे आपके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

मंगल ग्रह को संपत्ति और ज़मीन का कारक माना जाता है। ऐसे में मंगल का यह गोचर ज़मीन से जुड़ा निवेश करने के लिए, अत्यधिक अनुकूल योग बनाएगा। परंतु आपको हर प्रकार के निर्णय लेने से पहले, अपने बड़ों या किसी विशेषज्ञों की सलाह लेने की आवश्यकता होगी, तभी आप बेहतर सौदा कर उससे लाभ अर्जित करने में सफल होंगे।

प्रेम संबंधों के लिए ये समय उत्तम ही रहेगा, लेकिन बीच-बीच में इस अवधि के दौरान आप में खुद को सर्वोपरि और दूसरों पर हावी होने की प्रवृत्ति में वृद्धि होगी। जिससे आपके निजी संबंध प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में अपनी इस प्रवृत्ति में सुधार करना आपके लिए, सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहने वाला है।

स्वास्थ्य के लिहाज से मंगल का ये गोचर, शुभ ही रहेगा। क्योंकि इस दौरान आप एक अच्छा जीवन व्यतीत करते दिखाई देंगे। हालांकि वाहन चलाने वाले जातकों को वाहन चलाते समय, अधिक सावधानी बरतने की भी हिदायत दी जाती है, अन्यथा चेहरे और सिर पर चोट लगने की आशंका है।

उपायः मंगल देव की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए, नियमित रूप से सूर्योदय के दौरान भगवान कार्तिकेय की उपासना करें।

**मिथुन राशि**
मंगल का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में होगा। यह भाव हानि और ख़र्चों का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल ग्रह आपके ग्यारहवें और छठे भाव का स्वामी है। यहाँ ग्यारहवाँ भाव आय और लाभ, जबकि छठा भाव रोग, ऋण और शत्रुओं के विषय की जानकारी देता है। ऐसे में मंगल का ये गोचर आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। खासतौर से विदेश जाने के इच्छुक या विदेशी संगठनों से जुड़े जातकों को, इस दौरान इच्छा अनुसार अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। कई जातकों के बड़े भाई-बहनों को भी एक गोचर से, पदोन्नति और आय में वृद्धि करने के अवसर मिलेंगे।

सेहत के लिहाज से देखें तो, आपके छठे भाव के स्वामी मंगल इस दौरान आपके द्वादश भाव में मौजूद होंगे। जिसके चलते आपको अनिद्रा की समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है। इसका आपकी सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में खुद को शांत रखते हुए, सही नींद लेना ही, इस समय आपके लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहने वाला है।

मंगल इस दौरान मिथुन राशि के सप्तम भाव को भी दृष्टि करेंगे, जिससे आपका अपने प्रेमी या साथी से विवाद होने की आशंका है। इस समय आपके अतीत से संबंधित, कुछ पुराने मुद्दे भी आपके प्रेम संबंधों पर नकारात्मक परिणाम डालेंगे। इसलिए जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेने से बचें और जीवन साथी के साथ अच्छा व्यवहार करते हुए, अपने गुस्से पर काबू रखें। हालांकि छोटे भाई-बहनों से आपको इस दौरान भरपूर सहयोग मिलेगा।

कार्यक्षेत्र पर नई चीजों में निवेश करना, आपके लिए इस समय थोड़ा हानिकारक सिद्ध हो सकता है। ऐसे में अपने पिछले अनुभवों और ग़लतियों से सीख लेते हुए, सही रणनीति अनुसार आगे बढ़ना ही आपके लिए बेहतर रहेगा। हालांकि आपकी प्रतिस्पर्धा भावना में वृद्धि देखी जाएगी, बावजूद इसके आपको अपने विरोधियों और दुश्मनों से सीधे तौर पर टकराव करने से बचने की सलाह दी जाती है।

छात्रों के लिए समय उत्तम है। खासतौर से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को, इस दौरान अपनी मेहनत के अनुसार शुभ फल मिलेगा।

उपायः नियमित रूप से मां दुर्गा की उपासना करें, और उन्हें लाल पुष्प अर्पित करें।

**कर्क राशि**
मंगल कर्क राशि के जातकों के लिए “योगकारक” ग्रह होता है, और अपने इस गोचर के दौरान वो आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में विराजमान होगा। कुंडली में ग्यारहवाँ भाव आय और लाभ को दर्शाता है। वहीं मंगल आपके दशम और पंचम भाव का स्वामी है। दसवाँ भाव करियर और पाँचवाँ भाव संतान भाव होता है। ऐसे में ये गोचर आपको शुभ परिणाम देगा। इस दौरान आप अपने विचारों और सुझावों को लेकर स्पष्ट होंगे, जिससे आपको अपनी इच्छानुसार फलों की प्राप्ति होगी।

गोचरकाल के परिणामस्वरूप, आप में सामान्य से अधिक ऊर्जा देखी जाएगी। जिससे आप अपने कार्यक्षेत्र पर अधिक संगठित होते हुए विकास, उन्नति और आर्थिक सुरक्षा अर्जित करने में सफल रहेंगे। इस समय आप अकेले सफलता के लिए आगे बढ़ने की बजाय, अपने कार्यस्थल पर लक्ष्यों को पूरा करने के लिए दूसरों के साथ मिलकर काम करना पसंद करेंगे। इससे आपको अपने अधीन कार्य कर रहे हैं कर्मियों और वरिष्ठ के बीच, अपनी छवि को सुधारने में मदद मिलेगी।

व्यापारियों के लिए भी समय उत्तम रहेगा, क्योंकि आपके प्रमुख व्यवसाय में अचानक से नगदी आने की संभावना है। इस दौरान की गई यात्रा भी, आपके लिए लाभदायक साबित होगी। वहीं खेल-कूद और अन्य प्रतियोगिता से जुड़ी गतिविधियों में भाग ले रहे जातकों को भी, इस गोचर से अच्छी सफलता मिलने के योग हैं।

मंगल का यह गोचर प्रेम संबंधों के लिए भी शुभ फल लेकर आएगा, क्योंकि प्रेमी जातक अपने रिश्तों में नयापन, ऊर्जा और रोमांस की वृद्धि महसूस कर सकेंगे। हालांकि कभी-कभी आप दोनों एक दूसरे पर हावी होने के चलते, अहंकारी भी बन सकते हैं। जिससे आपको परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसलिए बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए, अपने इस स्वभाव में सुधार करें। इसके अलावा जीवन साथी, दोस्तों और संतान से कर्क राशि के कई जातकों को, लाभ मिलने की संभावना है।

स्वास्थ्य जीवन के लिए मंगल का ये गोचर, आपकी सेहत में स्थिरता लेकर आएगा।

उपायः इस गोचर से उत्तम परिणाम प्राप्ति हेतु, नियमित रूप से “बजरंग बाण” का पाठ करें।

**सिंह राशि**
मंगल आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। दशम भाव कर्म भाव होता है, जो आपके करियर एवं व्यवसाय के विषय में बताता है। मंगल ग्रह आपकी राशि सिंह राशि के जातकों के लिए “योगकारक” ग्रह होता है, और इस गोचर के दौरान वो आपकी राशि में “दिग्बली” अवस्था में होगा। इससे आपको अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उन्नति करने के कई अवसर प्राप्त होंगे।

आपके स्वभाव में आत्मविश्वास, साहस और पराक्रम की भी वृद्धि होगी। साथ ही आपको इच्छानुसार फल प्राप्त हो सकेंगे। यह समय अपने व्यवसाय की नई शुरुआत के लिए भी बेहद अनुकूल रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान दशा अवस्था आपकी कुंडली के अनुसार, शुभ ही दिखाई दे रही है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मंगल आपके नौवें और चौथे भाव का स्वामी है। कुंडली में नवम भाव पिता, भाग्य और धर्म का प्रतिनिधित्व करता है, और चौथा भाव मां, सुख-सुविधाओं, आदि को दर्शाता है। ऐसे में सिंह राशि वालों के लिए, मंगल का ये गोचर कार्यक्षेत्र पर भी आपको अनुकूल अवसर देने का कार्य करेगा। जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि आपकी उपलब्धियों के लिए यह समय, प्रशंसा या मान्यता प्राप्त करने की आपकी इच्छाओं में वृद्धि करेगा। जिसके परिणाम स्वरूप आप दूसरों को अपने कार्यों के प्रति आकर्षित करने के लिए, अधिक प्रयास करते दिखाई देंगे।

आप बीच-बीच में अपनी सीमाओं और इच्छाओं को, आगे बढ़ाने का प्रयास भी कर सकते हैं। परंतु इसकी अत्यधिक इच्छा करना, आपके स्वभाव में क्रोध की वृद्धि करेगा। जिस पर आपको अपनी उर्जा भी ख़र्च करनी पड़ सकती है। ऐसे में बेकार के कार्यों पर अपनी ऊर्जा को बर्बाद न करते हुए, खुद को केवल अपने कार्यों के प्रति ही केंद्रित रखें। वरिष्ठ अधिकारियों से भी, इस समय आपका किसी बात को लेकर विवाद संभव है।

कुछ जातकों को अपनी चल-अचल संपत्ति से संबंधित मामलों में, बेहतर परिणामों की प्राप्ति होगी। निजी जीवन में भी आप अपने पूर्व के हर विवाद को सुलझाते हुए, अपने वैवाहिक जीवन में विस्तार करते दिखाई देंगे। छात्रों के लिए भी समय अनुकूल है।

कुल मिलाकर कहें तो मंगल का यह गोचर, आपके लिए उत्तम ही रहेगा। बावजूद इसके आपको जल्दबाजी और क्रोध में आकर कोई भी निर्णय लेने से बचना होगा।

उपायः हर मंगलवार के दिन, बजरंगबली को प्रसाद में मिठाई चढ़ाएं।

**कन्या राशि**
मंगल आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेगा। कुंडली में यह भाव भाग्य, धर्म और पिता के बारे में बताता है। साथ ही मंगल आपके आठवें और तीसरे भाव का स्वामी भी है। अष्टम भाव जीवन में होने वाली आकस्मिक घटनाओं, आयु, दुर्घटना, गूढ़ विज्ञान, रहस्य, आदि के बारे में बताता है। जबकि तीसरे भाव से भाई-बहन, वीरता, साहस का विचार किया जाता है।

ऐसे में इस गोचर के परिणामस्वरूप, आपको अचानक से लाभ प्राप्ति होने की संभावना है। क्योंकि इस दौरान आपको भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे आप इच्छा अनुसार शुभ परिणाम प्राप्त करने में सफल होंगे। कार्यक्षेत्र पर भी आपकी प्रगति होगी।

गोचरकाल की ये अवधि आपका रुझान, धार्मिक और आध्यात्मिकता की तरफ अधिक बढ़ाएगी। हालांकि मंगल बीच-बीच में आपको अपनी राय या निर्णय को लेकर, अत्यधिक कठोर भी बना सकता है। इससे आपका दूसरों से झगड़ा संभव है। इस दौरान आपको किसी भी तरह के, कानूनी पचड़े में भी खुद को दूर रखना होगा। इसलिए आपके लिए बेहतर होगा कि, अपने इस स्वभाव में सुधार करने का प्रयास करें।

निजी जीवन में पिता से आपका विचारों का मतभेद उत्पन्न होने से, पारिवारिक वातावरण अशांत हो सकता है। ऐसे में घर में शांति बनाए रखने के लिए, अपने पिता से बातचीत के दौरान मर्यादित आचरण करें। क्योंकि उनकी सलाह या सुझाव आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

चूँकि मंगल आपकी राशि के अष्टम भाव के स्वामी भी हैं, जो चोरी, दुर्घटना या नुकसान को दर्शाता है। ऐसे में इस दौरान आपको अपने सामान और कीमती वस्तुओं का भी, अतिरिक्त ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

आवश्यकता पड़ने पर ही किसी भी यात्रा को करना, आपके लिए ठीक रहेगा। अन्यथा यात्रा से आप के ख़र्चों में वृद्धि के साथ, आपको मानसिक तनाव भी मिल सकता है। स्वास्थ्य जीवन को लेकर अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ करना आपके लिए नुकसानदायक रहेगा। ऐसे में वाहन चलाते समय, विशेष सावधानी बरतें। क्योंकि उससे दुर्घटना या चोट लगने के योग बन रहे हैं।

कुल मिलाकर कहें तो यह गोचर, आपको कार्यक्षेत्र और आर्थिक जीवन में उन्नति के बहुत से अवसर देगा। परंतु इस दौरान आपको अधिक खर्च और क्रोध करने से, बचने की सलाह दी जाती है।

उपायः विशेष लाभ प्राप्ति के लिए, आपको नियमित रूप से इस गोचर के दौरान “ऋण मोचक मंगल स्तोत्र’ का पाठ करना चाहिए।

 

**तुला राशि**
मंगल का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा। कुंडली में अष्टम भाव आकस्मिक चीज़ों के विषय में बताता है। ज्योतिष में इसे आयुर्भाव भी कहते हैं। मंगल आपके सातवें और दूसरे भाव का स्वामी है। सातवाँ भाव विवाह और साझेदारी के बारे में बताता है, और दूसरा भाव धन और परिवार का प्रतिनिधित्व करता है।

ऐसे में मंगल का ये गोचर वैवाहिक जातकों को, जीवनसाथी की खराब सेहत के कारण मानसिक तनाव देगा। साथ ही आप दोनों के बीच धन को लेकर, कोई ग़लतफहमी भी उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में हर परिस्थिति को खराब होने से पहले ही शांत रहकर, उसे सुलझाने का प्रयास करें।

कार्यक्षेत्र पर भी आपको, अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत होगी। क्योंकि आशंका है कि वो आपकी पीठ पीछे, आपको हानि पहुँचाने के लिए कोई षड्यंत्र रच सकते हैं। कार्यस्थल पर भी आपको हर प्रकार की गॉसिप से दूर रहते हुए, सीधे तौर पर किसी से विवाद में नहीं पड़ने की सलाह दी जाती है। अन्यथा आप खुद को किसी अनावश्यक परेशानी में फंसा सकते हैं।

मंगल के गोचर की ये अवधि नौकरी पेशा जातकों को, अपनी नौकरी बदलने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। परंतु उन्हें अभी जल्दबाजी में आकर, कोई भी निर्णय न लेते हुए, नौकरी बदलने के अपने फैसले को तब तक के लिए टालने की आवश्यकता होगी, जब तक आप किसी नए संगठन में अपनी वृद्धि से संतुष्ट न हो। ऐसे में अभी अपनी पुरानी नौकरी में ही रहते हुए, अपने कार्य कौशल में विकास और अनुभव प्राप्त करें। तभी आप भविष्य में शुभ फल प्राप्त कर सकेंगे।

जिन पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे जातकों ने अभी तक व्यापार से जुड़ी अपनी भूमिका को लेकर, साझीदार के साथ स्पष्ट रूप से चर्चा नहीं की है, उनके लिए ये अवधि उत्तम रहने वाली हैं। इससे आपको भी भविष्य में, आने वाली अनावश्यक उलझनों और गलतफहमियों से बचने में मदद मिलेगी। वहीं छोटे व्यापारियों के लिए यह समय, अचानक से लाभ प्राप्त होने के योग बनाएगी। इसके अलावा यदि आपने किसी प्रकार का कर्ज या ऋण के लिए आवेदन किया है तो, इस गोचर के दौरान आपको उसमें सफलता मिलने की संभावना है।

स्वास्थ्य जीवन के लिहाज से, आपको पहले से अधिक सावधान रहने की सलाह दी जाती है। इसके लिए छोटी से छोटी बीमारी को लेकर भी लापरवाही न बरतें, अन्यथा भविष्य में वो बीमारी किसी गंभीर रूप ले सकती है। वाहन चलाते समय भी सतर्क रहें।

कुल मिलाकर कहें तो, मंगल का ये गोचर तुला राशि के जातकों को मिश्रित परिणाम देने वाला है।

उपायः इस गोचर के दौरान, भगवान नरसिंह के अवतार की पौराणिक कथा पढ़ें या सुनें।

**वृश्चिक राशि**
मंगल आपकी राशि से सप्तम भाव यानि विवाह भाव में गोचर करेगा। दूसरी ओर, यह आपके छठे और पहले भाव का स्वामी है। कुंडली में छठा भाव बीमारियों, दुश्मनों और ऋणों तथा पहला भाव जातक के स्वभाव एवं व्यक्तित्व यानी अपने खुद के बारे में बताता है। ऐसे में इस गोचर के प्रभाव से, वृश्चिक राशि के जातकों का निजी जीवन सबसे अधिक प्रभावित होगा। विवाहित जातकों को इस दौरान अपने जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति से दो-चार होना पड़ सकता है। हालांकि यदि आप सिंगल है तो, आपकी मुलाकात किसी ख़ास शख्स से संभव है। वहीं विवाह के बंधन में बंधने की सोच रहे प्रेमी जातकों के लिए भी, ये समय उत्तम रहने वाला है।

कार्य क्षेत्र के लिए समय बेहतर रहेगा। क्योंकि इस दौरान आप उत्साह के साथ हर स्थिति का डटकर सामना करते हुए, पूर्व के कठिन से कठिन निलंबित पड़े कार्यों को भी सफलता पूर्वक पूरा कर सकेंगे। इससे आपकी लंबे समय तक वेतन वृद्धि होगी। साथ ही आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। वो जातक जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे थे, उनके लिए भी समय शुभ है। क्योंकि ये अवधि आपको अपनी पूर्व की सभी योजनाओं और रणनीतियों का प्रदर्शन करने का अच्छा अवसर प्रदान करेगी, जिससे आपको दूसरों का समर्थन भी प्राप्त हो सकेगा।

यूं तो स्वास्थ्य जीवन के लिहाज से समय, सामान्य से बेहतर रहेगा। बावजूद इसके आपको इस दौरान तला- भुना या अधिक मसालेदार भोजन करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है। अन्यथा आपको पेट संबंधित कुछ समस्याओं से परेशानी होने के योग बनेंगे। मंगल की यह स्थिति आपके स्वभाव में क्रोध की वृद्धि भी करेगी, इसलिए जितना संभव हो शारीरिक गतिविधियों जैसे: खेल-कूद आदि मे बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। इससे आपको पसीना आएगा, जिसका आपके स्वास्थ्य जीवन पर सकारात्मक परिणाम पड़ेगा। साथ ही इससे आपकी ऊर्जा को भी सही दिशा मिलने में मदद होगी।

उपायः विशेष लाभ के लिए, मंगलवार के दिन अपने दाहिने हाथ की अनामिका में तांबे या सोने की अंगूठी में, अच्छी गुणवत्ता का मूंगा पहनें।

**धनु राशि**
मंगल आपके पांचवें भाव (बच्चों और ज्ञान) और बारहवें भाव (खर्च और नुकसान) का स्वामी है। मंगल का गोचर आपकी कुंडली के छठे भाव में होगा। ज्योतिष में यह भाव ऋण, बीमारी और शत्रुओं के बारे में बताता है। परिणाम स्वरूप, आप हर बाधा और समस्या का सामना इस समय साहस के साथ करते दिखाई देंगे।

आप अपने विरोधियों पर हावी होते हुए, उन पर विजय भी प्राप्त करेंगे। हालांकि मंगल का ये गोचर आपके ऊपर कार्यों का अतिरिक्त बोझ डाल सकता है, जिसके चलते कार्यस्थल पर आपका अपने सहकर्मियों के साथ विवाद होने की आशंका है। इसलिए यदि आप इस दौरान किसी भी प्रकार की बेचैनी या आक्रामकता महसूस करें तो, अपने कार्यों को छोटी-छोटी परियोजनाओं में विभाजित करते हुए, उन्हें पूरा करने की ओर ही अपने प्रयास करें। ऐसा करना आपके लिए बेहतर विकल्प सिद्ध होगा।

हालांकि वो नौकरी पेशा जातक जो अपनी नौकरी को बदलने का सोच रहे थे, उनके लिए समय अनुकूल रहेगा। क्योंकि उन्हें अपनी इच्छानुसार नए अवसरों की प्राप्ति होने की संभावना है।

आर्थिक जीवन में कुछ समस्या उत्पन्न हो सकती हैं, क्योंकि इस दौरान आपके अचानक से ख़र्चों में वृद्धि होगी। इसलिए अपनी आय और ख़र्चों के बीच, सही तालमेल बिठाना आपके लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण रहेगा। अन्यथा आप धन को लेकर दूसरों पर निर्भर रहते हुए, अपने ऊपर कर्ज का बोझ डाल सकते हैं।

स्वास्थ्य जीवन की बात करें तो, इस समय आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होगी। जिससे आपको तेज बुख़ार या अन्य संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसलिए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का प्रयास करते हुए, अपने खाने में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। साथ ही अपनी दिनचर्या में ध्यान, योग और व्यायाम शामिल करें। इससे आपके स्वास्थ्य जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

छात्रों को इस गोचरकाल के दौरान, अपने शिक्षा में बेहतर परिणामों की प्राप्ति के लिए सामान्य से अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी। क्योंकि इस समय उनका ध्यान अपनी शिक्षा से भ्रमित हो सकता है। ऐसे में सफलता प्राप्ति के लिए छात्रों को, अपनी शिक्षा के प्रति ही खुद को केंद्रित रखने की सलाह दी जाती है।

दांपत्य जातकों को अपनी संतान की खराब सेहत के चलते, कुछ मानसिक परेशान तनाव से परेशानी होगी।

कुल मिलाकर कहें तो धनु राशि के जातकों को मंगल का ये गोचर, सामान्य परिणाम प्राप्ति के लिए अधिक मेहनत कराने वाला है।

उपायः मंगल ग्रह के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए, रोज़ाना सुबह “हनुमान अष्टक” का पाठ करें।

**मकर राशि**
मंगल आपकी जन्म कुंडली में चौथे और ग्यारहवें भाव पर शासन करता है। चौथा भाव माँ और खुशी का कारक है और ग्यारहवें भाव आय और लाभ के बारे में बताता है। मंगल का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। यह भाव आपकी बुद्धि और बच्चों के विषय में जानकारी देता है।

ऐसे में इस गोचर के प्रभाव से सिंगल जातकों को, किसी ख़ास व्यक्ति से मिलने का अवसर मिलेगा। व्यवहार दांपत्य जातकों को भी अपनी संतान पक्ष के माध्यम से, अच्छा लाभ प्राप्त होने की संभावना है। क्योंकि आपकी संतान इस समय अपनी शिक्षा या कार्यक्षेत्र में, लगातार प्रगति करते हुए आपके गौरव और सम्मान को बढ़ाएगी।

काल पुरुष की कुंडली के अनुसार, मंगल देव आपके ग्यारहवें भाव के स्वामी होते है, और अपने इस गोचर के दौरान वो खुद के भाव को ही दृष्टि करेंगे। जिससे आपको धन लाभ होने के योग बनेंगे। ज़मीन से जुड़े मामलों से भी आपको, उत्तम फलों की प्राप्ति होगी। वो जातक जो किसी प्रकार की संपत्ति खरीदने या बेचने की योजना बना रहे थे, उनके लिए ये अवधि सबसे अधिक शुभ रहने वाली है।

कार्य क्षेत्र पर आपके उत्साह और पराक्रम में वृद्धि होगी। परंतु बावजूद इसके, आप में आत्म-अनुशासन की कमी देखी जाएगी। मंगल देव बीच-बीच में आपके दृष्टिकोण में कठोरता और जल्दबाजी की प्रवृत्ति भी देने का कार्य करेंगे, जिसका आपके जीवन के कई क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। खास तौर से आपके कार्य स्थल पर इससे, आपको समस्या होने की आशंका है। इसलिए अपनी इस प्रवृत्ति में सुधार करने की ओर प्रयास करें, क्योंकि यह समय बहुत से शुभ अवसर लेकर आएगा। जिसके परिणाम स्वरूप आपको एक नई टीम या किसी नई परियोजना का नेतृत्व करने की, ज़िम्मेदारी मिलने वाली है।

स्वास्थ्य जीवन पर भी आपको अपने खान-पान और अपने खाने की आदतों के प्रति सावधान रहते हुए, अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियों और ताज़े फल शामिल करने की जरूरत होगी। साथ ही खुद को हाइड्रेट रखने के लिए, समय-समय पर भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करते रहें। अन्यथा आपको त्वचा या पेट के संक्रमण से संबंधित, किसी प्रकार की समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है।

उपायः आपको मंगल देव की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए, हर मंगलवार के दिन बजरंगबली को मिठाई अर्पित करनी चाहिए।

**कुंभ राशि**
मंगल ग्रह आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर करेगा। यह भाव आपकी खुशी और माता जी के बारे में बताता है। कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल तीसरे और दसवें भाव का स्वामी होता है। ज्योतिष में तीसरे भाव से छोटे भाई-बहनों और साहस, जबकि दसवें भाव से करियर और पेशेवर जीवन को देखा जाता है।

गोचर की ये अवधि आपकी मां के लिए अधिक अनुकूल होगी। साथ ही आपको मां या मातृ पक्ष के किसी व्यक्ति से, भरपूर सहयोग और लाभ की प्राप्ति भी होगी। घर की साज-सज्जा या मरम्मत से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश करने के लिए, समय शुभ रहेगा। वहीं कई जातक नए वाहन या कीमती सामान की खरीदारी करेंगे।

चूँकि मंगल आपके चतुर्थ भाव में गोचर करते हुए, इस समय आपके सप्तम भाव को दृष्टि करेगा, जो वैवाहिक जीवन और संबंधों का भाव होता है। ऐसे में इस अवधि के दौरान दूसरों पर हावी होने की आपकी इच्छाओं में वृद्धि होगी। इससे आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित होगा, और आपका साथी से कुछ विवाद या झगड़ा भी संभव है।

आपके अतीत के कुछ भावनात्मक मुद्दे भी इस गोचरकाल के दौरान, पुनः जागृत हो सकते हैं। जिससे आपके क्रोध में बढ़ोतरी होगी और इसका दोष आप अपने परिवार के दूसरे सदस्यों पर डालते दिखाई दें। परिणामस्वरूप इससे परिवार के वातावरण में नकारात्मकता आएगी। इसलिए खुद को अपने वर्तमान तक ही केंद्रित रखते हुए, अपने प्रयास करें और अपने जीवन का आनंद लें।

आपको व्यवसाय या कार्यक्षेत्र से संबंधित, यात्राएं भी करने का अवसर मिलेगा। साथ ही आप अपने कार्यस्थल पर कार्यभार के बढ़ने का अनुभव भी करेंगे। जिस पर आपको अपने महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने में, अपनी जरूरी सलाह या सुझाव देने की आवश्यकता होगी।

क्योंकि मंगल देव आपके दशम भाव के स्वामी होते हैं, और अपने गोचर के दौरान वो अपने ही भाव को दृष्टि करेंगे। जिससे आपके करीबियों, मित्रों और समाज के बीच आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। हालांकि अपने दृष्टिकोण में समानता लेकर आएं, अन्यथा आप अपने बहुत से शुभ अवसरों का लाभ उठाने से वंचित रह सकते हैं।

कुल मिलाकर कहें तो यह अवधि, आपके लिए बेहतर रहेगी। परंतु आपको अपने क्रोध को शांत रखते हुए, अपने बेकार के ख़र्चों पर भी लगाम लगाने की जरूरत होगी। खासतौर से घर की सजावट या उसके निर्माण पर धन ख़र्च करते समय, विशेष सावधानी बरतें।

उपायः बेहतर फलों की प्राप्ति हेतु, रोज़ाना सुबह गायत्री मंत्र का जप करें।

**मीन राशि**
मंगल आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर करेगा। यह भाव साहस और भाई-बहन का प्रतिनिधित्व करता है। दूसरी ओर, यह आपके दूसरे भाव और नौवें भाव का स्वामी है। कुंडली में दूसरा भाव धन और परिवार के विषय की जानकारी देता है। वहीं नवम भाव जातक के भाग्य, पिता और धर्म के बारे में बताता है। ऐसे में ये अवधि मीन राशि वाले जातकों के लिए, भाग्य का साथ लेकर आएगी। जिससे आपको बहुत से शुभ अवसर प्राप्त होंगे। आप इस दौरान ऊर्जा वान रहेंगे, और हर कार्य को अपनी योग्यता और कार्य क्षमता के साथ पूरा करते हुए, उससे अच्छे लाभ अर्जित करेंगे। जिससे आपको धन लाभ भी होगा।

आपको इस समय सुख-सुविधाओं का आनंद उठाने का भी अवसर मिलेगा। साथ ही आपकी मेहनत आपको कोई सुंदर पुरस्कार या उपलब्धि दिलाते हुए, आपके आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि करेगी। गोचरकाल की ये अवधि आपके दृष्टिकोण में परिवर्तन करते हुए, आपके स्वभाव में स्पष्टता लेकर आएगी। जिससे आपको अपने करियर में रफ्तार मिलेगी और आप अपने कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे।

सेहत के लिहाज से यह समय, आपकी सहन शक्ति और ऊर्जा में वृद्धि करेगा, जिससे आपको अपने किसी पुरानी रुप से हमेशा-हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी। अपने पुराने शौक, इच्छाओं या रोमांचक गतिविधियों को पूरा करने के लिए भी, समय शुभ रहने वाला है। क्योंकि इससे आपकी रचनात्मकता बढ़ेगी, और आप अपनी सेहत से जुड़े कई सकारात्मक परिणाम हासिल कर सकेंगे। हालांकि सड़क पर चलते समय सावधान रहे। क्योंकि आशंका है कि आवेश में आकर वाहन चलाते समय, आप किसी दूसरे कार्य को करते हुए खुद को भ्रमित कर लें। जिससे दुर्घटना या चोट लग सकती है।

पारिवारिक जीवन में आपका अपने भाई-बहनों से, किसी बात को लेकर टकराव या मतभेद होगा। इसलिए उनके साथ बातचीत करते हुए, मर्यादित आचरण करें और खुद को शांत ही रखें। अन्यथा आप अनजाने में उन्हें कुछ ऐसा बोल देंगे, जिससे उन्हें बुरा लग सकता है।

कुल मिलाकर कहें तो, मंगल के इस गोचर के दौरान आप साहस और आत्मविश्वास से भरपूर होंगे। जिसके परिणामस्वरूप आप अपने सुझावों और विचारों को स्पष्ट और प्रभावी रूप से दूसरों के समक्ष रखते हुए, कई अफसरों का उचित लाभ उठा सकेंगे। इससे आपको अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

उपायः विशेष लाभ के लिए, नियमित रूप से बाबा काल भैरव की उपासना करें।

**लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो हर व्यक्ति का जन्म होते ही वह अपने प्रारब्ध के चक्र से बंध जाता है और ज्योतिषशास्त्र द्वारा निर्मित जन्म कुंडली हमारे इसी प्रारब्ध को प्रकट करती है। हमारे जीवन में सभी घटनाएं बारह राशि व नवग्रह द्वारा ही संचालित होती हैं। इन ग्रहों का आपके जीवन पर आने वाले समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा इसके बारे में विस्तृत जवाब जानने के लिए अभी आप भी कर्ज़ की समस्या से परेशान हैं, और उससे जुड़ा कोई व्यक्तिगत उपाय, निवारण जानना चाहते हों या इससे जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहिए हो तो
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