6 सितंबर को मंगल और शुक्र ग्रह का गोचर: जानें आपके जीवन में क्या पड़ेगा इसका ज्योतिषीय प्रभाव

**ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार———-**
**मंगल और शुक्र गोचर: तिथि और समय**
मंगल का कन्या राशि में गोचर 6 सितंबर 2021: कन्या राशि में मंगल का गोचर 6 सितंबर 2021 को सुबह 3:21 बजे से 22 अक्टूबर दोपहर 1:13 बजे तक रहेगा, इसके बाद यह तुला राशि में प्रवेश कर जाएगा।

इसके अलावा इस दिन शुक्र का भी गोचर होने वाला है और शुक्र का गोचर तुला राशि में होगा।

शुक्र का तुला राशि में गोचर 6 सितंबर 2021: शुक्र का तुला राशि में गोचर 6 सितंबर 2021 को 12:39 पर होगा और यह 2 अक्टूबर 2021 09 बजकर 35 मिनट तक इसी राशि में रहेगा और उसके बाद वृश्चिक राशि में गोचर कर जाएगा।

**6 सितंबर को मंगल ग्रह और शुक्र ग्रह का गोचर: जानें ज्योतिषीय प्रभाव**
काल पुरुष कुंडली में शुक्र ग्रह को तुला और वृषभ राशि का स्वामी और द्वितीय और सप्तम भाव का स्वामी माना गया है। वहीं ज्योतिष की दुनिया में इसे स्त्री ग्रह का दर्जा दिया गया है। व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह जीवन साथी, प्रेम जीवन, विवाह और किसी भी प्रकार की साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। शुक्र एक राशि में तकरीबन 23 से 30 दिनों तक रहता है और फिर दूसरी राशि में गोचर का जाता है। शुक्र का गोचर व्यक्ति के प्रेम जीवन, पेशेवर जीवन, व्यावसायिक जीवन में बड़े फेरबदल लाने के लिए जाना जाता है।

वही बात करें मंगल ग्रह की तो यह ग्रह ऊर्जा, आत्मविश्वास और अहंकार के साथ स्वभाव से तमस गुण का प्रतिनिधित्व करता है। लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक माना गया है और उसे कलात्मक रूप से एक दिव्य के रूप में चित्रित किया गया है जिनके चार हाथ हैं, त्रिशूल है, एक मुगदर,एक कमल और एक भाला पकड़े हुए हैं। यह भेड़ पर विराजित हैं और सप्ताह में मंगलवार के दिन पर इनका शासन है। मंगल के गोचर से व्यक्ति के जीवन में शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं।

**मंगल और शुक्र गोचर:भारत और दुनिया पर इसका प्रभाव दुनिया पर प्रभाव**
जैसा कि हमने पहले ही इस बात का जिक्र किया कि ज्योतिष की दुनिया में एक ही दिन में दो महत्वपूर्ण ग्रहों का गोचर परिवर्तन और ढेर सारी ज्योतिषी संभावनाओं को दर्शाता है। ऐसे में मंगल और शुक्र का एक ही दिन में गोचर वैश्विक मामलों में बड़ी और हैरान कर देने वाले संभावनाएं लेकर आ सकता है।

भूकंप, तूफान और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ जाएगी।
राजनीतिक मामलों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सत्तारूढ़ पार्टी को इस दौरान काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है।
कुछ तकनीकी प्रगति की प्रबल संभावना है।
मार्केट में तकनीकी उत्पादों की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
जातक नई प्रणालियों को अपनाने के लिए अपनी कुछ आदतों को बदलने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

किन राशियों के लिए शुभ और किन राशियों के लिए अशुभ साबित होंगे ये दो महत्वपूर्ण गोचर
जहां एक तरफ 6 दिसंबर को होने वाले मंगल और शुक्र के गोचर से मेष राशि, कर्क राशि और वृश्चिक राशि के जातकों को अनुकूल परिणाम प्राप्त होगा और वे अपने जीवन में बेफिक्र रहेंगे और खुशियां उनके जीवन में दस्तक देंगी वहीं, दूसरी तरफ वृषभ राशि, सिंह राशि, मीन राशि के जातकों को इन दोनों गोचरों से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। इस दौरान आपको कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अंत में सब सही हो जाएगा लेकिन कुछ समय के लिए विशेष तौर पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

मंगल ग्रह को प्रसन्न करने के उपाय
लाल और कॉपर रंग के वस्त्र ज्यादा से ज्यादा धारण करें।
मंगलवार के दिन किसी से पैसा उधार ना लें।
भगवान हनुमान और भगवान कार्तिकेय की पूजा करें।
मुमकिन हो तो मंगलवार के दिन उपवास करें और सुंदरकांड का पाठ करें। व्रत नहीं रह सकते हैं तो भी सुंदरकांड का स्पष्ट उच्चारण पूर्वक पाठ करें।
लाल मसूर, खांड, सौंफ, मूंग, गेहूँ, लाल कनेर का पुष्प, तांबे के बर्तन एवं गुड़ आदि का जरूरतमंदों को दान करें।
मंगल बीज मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः!

आप इस मंत्र का जाप भी कर सकते हैं – ॐ भौं भौमाय नमः अथवा ॐ अं अंगराकाय नमः!

शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने के उपाय
जीवन में ज्यादा से ज्यादा सफेद और गुलाबी रंगों का प्रयोग करें।
महिलाओं का भूल से भी अनादर ना करें और सब का सम्मान करें।
मां लक्ष्मी और मां जगदंबा की पूजा करें।
मुमकिन हो तो शुक्रवार का व्रत करें और श्री सूक्त का पाठ करें।
दही, खीर, ज्वार, इत्र, रंग-बिरंगे कपड़े, चांदी, चावल इत्यादि वस्तुओं का ज़रुरतमंदों और ब्राह्मणों को दान करें।
शुक्र बीज मंत्र
“ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः”

आप इस मंत्र का भी जाप कर सकते हैं – ॐ शुं शुक्राय नमः।

**लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो हर व्यक्ति का जन्म होते ही वह अपने प्रारब्ध के चक्र से बंध जाता है और ज्योतिषशास्त्र द्वारा निर्मित जन्म कुंडली हमारे इसी प्रारब्ध को प्रकट करती है। हमारे जीवन में सभी घटनाएं बारह राशि व नवग्रह द्वारा ही संचालित होती हैं। इन ग्रहों का आपके जीवन पर आने वाले समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा इसके बारे में विस्तृत जवाब जानने के लिए अभी आप भी कर्ज़ की समस्या से परेशान हैं, और उससे जुड़ा कोई व्यक्तिगत उपाय, निवारण जानना चाहते हों या इससे जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहिए हो तो
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