जोधपुर जेल बना मंदिर,संत आशाराम बापू पर गम्भीर आरोप लेकिन नहीं डिगी भक्तों की श्रद्धा 

जोधपुर.:एक युवती द्वारा संत आशारामजी बापू पर योन उत्पीड़िन जैसे गम्भीर आरोप लगाए गए,लेकिन पर्व या फिर जब बापू को जेल से इलाज के लिए एम्स या फिर कोर्ट पेशी के लिए ले जाया जाता है तब इनके भक्तों की भक्ति देखने को मिल जाती है,भक्तों का कहना है की उनके गुरुदेव को झूठे केस में फसाया गया है,

जेल के बाहर भक्तों की भीड़ 

इतना ही नहीँ गुरुवार को माहाशिवरात्रि के दिन जोधपुर जेल के बाहर आसारामजी बापू भक्तों का जमावड़ा लग गया। नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में जोधपुर जेल में बंद आसारामजी बापू के समर्थकों की भीड़ आज भी कम नहीं है। नाबालिग छात्रा से यौन शोषण मामले में कोर्ट आसारामजी बापू सहित पांच आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा चलाने का आदेश दे चुका है। बावजूद इसके, उनके भक्तों की भक्ती बनी हुई है। जब कभी आसारामजी बापू को जेल से कोर्ट तक सुनवाई के लिए लाया या ले जाया जाता है तो उनके पीछे भक्तों की लाइन लग जाती है।

महाशिवरात्रि के दिन जुटे भक्त

गुरूवार को महाशिवरात्रि के दिन एक बार फिर आसारामजी बापू भक्त जोधपुर जेल के बाहर इकट्ठे हो गए। चाहे महिलाएं हों या बच्चे या फिर जवान हर किसी ने सिर झुकाकर आसारामजी बापू के प्रति अपना प्रेम-भाव जाहिर किया। वहां मौजूद महिलाओं ने जेल के गेट पर बेलपत्र बांधकर उनके लिए प्रार्थना की। नवयुवकों ने हाथ जोड़कर आसारामजी बापू को याद किया, वहीं कुछ लोगों ने जमींन पर लेटकर उनके लिए प्रार्थना की। इन सब के बीच सबसे ज्यादा परेशानी पुलिस को उठानी पड़ी। पुलिस ने कई बार आसारामजी बापू समर्थकों को वहां से हटने को कहा, लेकिन उन्होंने एक न मानी और वहीं अड़े रहे।

भक्त पहले भी दिखा चुके हैं जेल के पास भक्ति

आसारामजी बापू और उनके बेटे नारायण साईं पर यौन उत्पीड़न के कई मामले अबतक सामने आ चुके हैं, लेकिन उनके समर्थकों का जोश उनके प्रति कम नहीं हुआ है। इस बात का प्रमाण पहले भी देखा गया है। जोधपुर में ही इससे पहले भी आसारामजी बापू की महिला समर्थकों ने उनकी गिरफ्तारी के वक्त आंसू बहाए थे। ऐसा देखा गया है कि जहां से भी आसारामजी बापू गुजरते हैं उनके समर्थक वहीं पहुंचकर उस जमीन को चूम लेते हैं। दूर से ही सही लेकिन उनका आशीर्वाद मिलने के इंतजार में घंटों समर्थक खड़े रहते हैं।

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