समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सवेंदनशीलता विषयों पर दो दिवसीय कार्यशाला का  शुभारंभ

 

जबलपुर :समाज के कमजोर वर्गो के प्रति संवेदनशीलता विषय पर आज से 2 दिवसीय जोन स्तरीय कार्यशाला का पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन, जबलपुर ने पुलिस अधीक्षक जबलपुर की उपस्थिति मे शुभारंभ किया,

महत्वपूर्ण विषय पर कार्यशाला आयोजित 

 

आज दिनाॅक 24-2-21 केा प्रातः 11-30 बजे समाज के कमजोर वर्गो के प्रति सवंेदनशीलता विषय पर 2 दिवसीय जोन स्तरीय आयोजित सेमिनार का पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन,  भगवत सिंह चैहान (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस अधीक्षक जबलपुर  सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) एवं पुलिस अधीक्षक सागर अ.जा.क सागर रेंज  प्रदीप शेण्डे, की उपस्थिति में शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक (अ.जा.क.) जबलपुर  पंकज कुमार मिश्रा, सहित जबलपुर जोन के जिलों से आये, उप निरीक्षक, निरीक्षक एवं उप पुलिस अधीक्षक स्तर के 45 अधिकारी कार्यशाला मे उपस्थित थें। पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन  भगवत सिंह चैहान (भा.पु.से.)* ने अपने उद्बोधन मे कहा कि कार्याशाला का विषय महत्वपूर्ण है, विगत 2 दिवस आपके लिये काफी उपयोगी साबित होेंगे। भारतीय दण्ड संहिता के अलावा सामाजिक परिवेश को दृष्टिगत रखते हुये कानून बनाये गये है, आप सभी को संशोधित अधिनियम का फील्ड मे प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करना है, आप सभी इस प्रशिक्षण के माध्यम से कार्य के दौरान आने वाली कठिनाईयो को आपस मे चर्चा कर दूर करें। पुलिस को समाज मे व्यवस्था स्थापित करने के लिये व्यापक अधिकार दिये गये है। आप सभी को विषय के विशेषज्ञों के द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियाॅ दी जावेंगी। आम नागरिकों की आपसे अत्यधिक अपेक्षायें रहती है। पीडित पक्ष केा न्याय दिलाने मे हमारा सकारात्मक प्रयास होना चाहिये। कोई भी इस प्रकार की सूचना जिसमें समाज के कमजोर वर्गो के प्रति अपराध घटित होने की जानकारी प्राप्त होती है, उस पर त्वरित न्याय संगतपूर्ण कार्यवाही अच्छे से सोच विचार कर करें एवं पीडित पक्ष को हर सम्भव मदद करें, इसके लिये आप जब आत्मा से संवेदनशील होगें तभी पीडित को संतुष्टि मिलेगी। एफआईआर लेख करते समय विशेष सावधानी बरतते हुये सभी बातों को समावेश किया जाये, तथा सभी साक्ष्यों को संकलित करते हुये विधि विशेषज्ञों की राय लेकर चालान समय सीमा में पेश किया जाये। चालान पेश करने के बाद फालोअप करते हुये अपराधी को उसके किये की सजा दिलाना हमारा प्रमुख उद्देश्य होना चाहिये । पीडित को राहत प्रकरणो में त्वरित कार्यवाही करते हुये उन्हें राहत राशि दिलायी जाये।
आप सभी अपने फील्ड के अनुभवो को भी व्यक्त करते हुये आपस मे विचार विमर्श करें, एवं अपनी शंका का समाधान करें, निःसंदेह इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इस प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से आप जो भी सीखें, उसे आप अपने थानों मे अधिकारी/कर्मचारियों के साथ शेयर करें, इससे और भी अधिकारी कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

सवेंदनशील होकर करें काम 

वहीँ इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर  सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.)* ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आप सभी को समय समय पर जो नये नियम/कानून बनाये गये हैं, से आप सभी को इस कार्यशाला के माध्यम से अवगत कराना है वर्तमान समय में यदि आप संवेदनशील रहकर कोई भी कार्य करेंगे तो आपको कहीं भी पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आयेगी, आपको अपने अधिनस्त स्टाफ को भी संवेदनशील करना होगा।

पीड़ित की समस्या को अच्छे से सुनकर तत्काल करें विधिसम्मत कार्यवाही 

पहले दिन की कार्यशाला में यह भी अधिकारियों को बताया गया की जब थाने कोई भी व्यक्ति आता है तो वह किसी न किसी प्रकार से पीडित होता है अपने आपको असहाय एवं ठगा समझ कर आता है, उसकी अपेक्षा होती है कि जो भी कानूनी प्रावधानो के तहत कार्यवाही बनती है की जाये, आपका भी दायित्व बनाता है कि पीडित व्यक्ति की समस्या को ध्यान से शाीलीनता पूर्वक सुनें और तत्काल विधिसम्मत कार्यवाही करते हुये उसे राहत पहुंचायें यदि तुरंत न्याय संगत कार्यवाही करते हुये आरोपी की गिरफ्तारी करते है तो पीडित व्यक्ति को निश्चित ही राहत मिलेगी, यदि 2-4 दिन बाद यही कार्यवाही करते है तो उसका उतना अधिक प्रभाव नहंी होता है।
इस 2 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में आपको इस कार्यशाला के माध्यम से एस.सी./एस.टी. एक्ट संशोधित अधिनियम 26 जनवरी 2016, व वर्ष 2018, अनुसंधान में भैातिक साक्ष्यों का महत्व एवं उसका संकलन, अभियोजन के परिप्रेक्ष्य में अन्वेषण में हुई त्रुटियों का निराकरण, बच्चों एवं किशोर पर घटित अपराध की जानकारी, (पास्को एक्ट) एवं महिला सशक्तिकरण से सम्बंधित योजनाओं की जानकारी, प्रथम सूचना लेखन, आदि के सम्बंध मंे विस्तार से जानकारी दी जावेगी।
कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों को रिटायर्ड डी.एस.पी. श्री अखिल वर्मा, डी.पी.ओ. (अ.जा.क) जबलपुर श्री संदीप पाण्डेय तथा वरिष्ठ बैज्ञानिक अधिकारी एफ.एस.एल. यूनिट जबलपुर  सुनीता तिवारी के द्वारा एस.सी./एस.टी एक्ट अधिनियम मे कानूनी प्रावधान एवं व्वयवहारिक समस्या, संशोधित अधिनियम तथा अनुसंधान में भौतिक साक्ष्य का महत्व एवं संकलन के सम्बंध में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

शेयर करें: