संकट मैं अन्नदाता,रोपा व फसल को बचाने सिंचाई कर रहे किसान

कटनी/स्लीमनाबाद(सुग्रीव यादव): सावन माह चल रहा है और अभी भूमि सूखी पड़ी हुई है।वर्षा के अभाव एक बार फिर सूखे जैसे हालात उभर रहे है।वर्षा की कमी के चलते अब तक खेतो मैं पानी का ठहराव नही हो पा रहा है।ऐसी स्थिति इन दिनों बहोरीबन्द विकासखण्ड की देखने को मिल रही है। दरअसल, किसानों को अब रोपा नर्सरी व फसल को बचाने के लिए सिंचाई करना पड़ रहा है। सिंचाई भी ऐसी कि एक स्थान से दूसरे स्थान पर पानी पहुंचाना पड़ रहा है। सावन माह में पानी की कमी से किसान परेशान होने लगे हैं। इस वर्ष विकासखण्ड मैं अब तक खेतों में पानी का ठहराव नहीं हो पाया है। जिससे धान की फसल प्रभावित होने लगी है।बहोरीबन्द विकासखण्ड मैं इस वर्ष बारिश तो हो रही है, लेकिन कहीं कम तो कहीं ज्यादा।यहां की खरीफ के सीजन में मुख्य फसल धान है। छोटे से लेकर बड़े किसान तक धान की खेती करते हैं। लेकिन इस वर्ष कमजोर वर्षा के होने के कारण बड़े किसान, साधन संपन्न किसानों ने धान की रोपाई का कार्य पूर्ण कर लिया है। लेकिन लेकिन जो गरीब और साधन विहीन किसान हैं और जो बारिश के पानी पर निर्भर है, ऐसे किसानों के सामने अब समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे किसान जल के अभाव में चुपचाप वर्षा की राह देख रहे हैं। उनके रोपाई का कार्य भी नहीं हो पा रहा है। एक आकलन के अनुसार क्षेत्र में करीब 60 प्रतिशत रोपाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। लेकिन 40 प्रतिशत कार्य अभी भी अच्छी बारिश के इंतजार में है।

नहीं हो पा रही है धान की ग्रोथ-

इधर पूर्व में जिन किसानों ने रोपाई कर चुके हैं, उनके सामने भी अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। खेतों में पानी कम होने और धूप अधिक होने से जमीन सूखने लगी है। ऐसे में धान की ग्रोथ रुक रही है। पानी की कमी के चलते धान में पीला पन भी आने लगा है। यदि एक-दो दिन में तेज बारिश नहीं होती है तो किसानों को काफी नुकसान हो सकता है।कृषक राकेश साहू, भागचंद कुशवाहा, प्रकाश राजपाल,जुगलकिशोर यादव ने बताया कि
रोज बारिश होने का इंतजार करते हैं। रास्ता देखते अब हम थक गए हैं। खेतों में लगी खार भी सूखने लगी है। खेतों में रोपाई का कार्य भी नहीं हो पा रहा है। जो रोपा पहले लगाए हैं, वह भी पीले पडऩे लगे हैं। उनकी ग्रोथ रुकने लगी है।खेत में पानी नहीं है यदि वर्षा नही हुई तो फसल सूख जाएगी। सावन माह में अच्छी बारिश की आस थी, लेकिन ये भी सूखे में बीत रहा है।

इनका कहना है- आर के चतुर्वेदी एसएडीओ कृषि विभाग बहोरीबन्द
यह बात सही है कि बारिश की कमी के चलते धान रोपाई का कार्य प्रभावित हुआ है।अभी भी 40 फीसदी बोवनी शेष है।बारिश के अभाव मैं धान की फसल भी सूखने लगी व रोपाई वाली धान पीली पड़ने लगी है।जिससे ग्रोथ रुकने लगी है।

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