कर्म काला तो क्या करेगी रूद्राक्ष की माला, शिव-पार्वती विवाहोत्सव मैं झमकर झूमे श्रद्धालु,भूत-प्रेत बने बाराती

स्लीमनाबाद(सुग्रीव यादव): यदि मनुष्य का कर्म काला है तो रुद्राक्ष की माला भी क्या करेगी। रुद्राक्ष की माला भी तब असर दिखाती है, जब उसके कर्म अच्छे होते है। जब हम भगवान को समय देते हैं तो भगवान भी हमे समय देते हैं। धन से अच्छे तन से परमात्मा नहीं मिलते परमात्मा से मिलना है तो मन शुद्ध रखना होगा और 11 इंद्रियों में सबसे चंचल कोई है तो वह मन है। उस मन को भक्ति में लगाओ। यह बात ग्राम पंचायत भखरवारा स्थित मरही माता मंदिर में शिव महापुराण के तीसरे दिन आचार्य हिमांशु जी महाराज ने शिव कथा में कही।कथा वाचक ने उपस्थित जनमानस को बताया कि मंदिर और शिवालय में अंतर है। मंदिर में भगवान की मूर्ति होती है, जबकि शिवालयों में शिवलिंग होता है। शिवालय में एक लोटा जल, एक पुष्प, एक दाना चावल का चढ़ाओगे तो वह 33 करोड़ देवताओं को चढ़ता है।

शिव-पार्वती विवाहोत्सव मैं झमकर झूमे श्रद्धालु-

कथा वाचक ने कथा के दौरान शिव- पार्वती विवाहोत्सव की कथा सुनाई।पार्वती विवाहोत्सव का स्मरण कराया तो भक्त भाव विभोर हो गए।इस दौरान कथा वाचक ने बेटियों से निवेदन किया  कि जब पिता तुम्हारे लिए खुली किताब है। पिता ने तुम्हे पढऩे-लिखने की आजादी दी है। कपड़े पहनने मौज मस्ती करने खाने-पीने की तो आप अपने पिता का अभिमान कभी कम मत होने देना क्योकि जिनके घरों में बेटियां बेटियां है और उनके माता-पिता उनके कन्यादान न करे तो उन्हें 94 लाख योनियों में नरक भोगना पड़ता है।इसके बाद धूमधाम से विवाह की रस्म अदायगी कराई गई।बारात निकाली गई जो पूरे गांव का भ्रमण की।बारात मैं झमकर लोग थिरके।सायंकालीन आरती कर कथा को विश्राम दिया गया।
इस दौरान संत यादव,बाबा ठाकुर,विनीत यादव,विनोद यादव,जगन्नाथ यादव,सोनू यादव,राहुल दुबे,अनिल यादव,श्यामलाल चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या मे श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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