जबलपुर में अभी और कितने मोखा,जो जनता के साथ कर रहे है धोखा

 

कोरोना की दहशत ने जहाँ आम आदमी की नींद हराम कर दी है तो वहीँ कुछ वायरस बनकर समाज को खोखला कर रहे है,ऐसा ही एक वायरस मोखा जो समाज को खोखला कर रहा था अब कानून के शिकंजे में है,साथ ही इस शख्स सहित इसके साथ जुड़े हुए लोगों के खिलाप पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया है ,लेकिन अब जनता के मन मे एक सवाल जरूर उठने लगा है की अभी जबलपुर में और कितने ऐसे मोखा है जो जनता के साथ धोखा कर रहे है लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का पेशा करने वालों को बख्सा न जाये अब ये आमजनता की आवाज है ,

और अभी कितने मोखा

वहीँ इस सनसनीखेज खुलासे के बाद निजी अस्पताल सख के घेरे में आ गए वैसे तो अब कर्तव्य बनता है की जिला प्रशासन सभी अस्पतालों का गुप्त तरीके से जायजा ले और जहाँ भी गड़बड़ी मिले उनपर कठोर कार्यवाही करे ,न जाने अभी और भी मोखा निकल आयें ?जो आदमी के वेश में हो लेकिन काम समाज हितेषी न कर रहे हो

ऐसे हुआ मोखा बेनकाब ,

दरअसल थाना बी डिवीजन जिला मोरवी गुजरात द्वारा नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन की फैक्ट्री से नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन जप्त किये गये थे,  और उसी फैक्ट्री मे बने नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन इंदौर से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से सिटी अस्पताल जबलपुर के डायरैक्टर सरबजीत सिंह मोखा द्वारा मंगवाये गये।  सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा द्वारा अपने सहयोगियों के साथ षणयंत्रपूर्वक कोविड महामारी के दौर में मरीजो के साथ छल करते हुए, मानव जीवन को संकटापन्न कर अवैध लाभ अर्जित करने के लिये अपमिश्रित दवाओ का उपयोग किया जाना पाया जाने पर पुलिस ने सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिंह मौखा, एवं देवेस चौरसिया तथा सपन जैन, एवं अन्य के विरूद्ध थाना ओमती में दिनॉक 9-5-21 को धारा 274,275,308,420,120बी भा.द.वि. 53 आपदा प्रबंधन अधिनियम, 3 महामारी अधिनियम का अपराध पंजीबद्ध कर देवेश चौसरिया पिता दिलीप चौरसिया उम्र 41 वर्ष निवासी न्यू रामनगर अधारताल को प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार कर मान्नीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, सपन जेन निवासी आशा नगर अधारताल का गुजरात पुलिस की गिरफ्त में है, फरार सिटी अस्पताल के डायरैक्टर सरबजीत सिहं मोखा की गिरफ्तारी हेतु क्राईम ब्रांच की टीमों को लगाया गया है।

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