हम आज कितने आजाद है …..या अभी भी गुलाम

देश आज आजादी के 75 साल मना रहा है देशभर में खुशी की लहर है ,हम अपने आपको अंग्रेजो की गुलामी से आजाद तो करवा लिए लेकिन अंग्रेजी भाषा के गुलाम हम आज भी है ,हम और आप आज अंग्रेजी बोलने में बड़ा गर्व महसूस करते है जबकि हमारी मातृभाषा का हमको उपयोग करना चाहिए ,लेकिन आज हम पाश्चात्य सँस्कृति के इतने गुलाम होते जा रहे है की हम अपनी प्राचीन ऋषि मुनियों की सँस्कृति को भूल से गए है ,आपको याद होगा दोनों हाथ जोड़कर नमस्कार करना हमारी प्राचीन सभ्यता है लेकिन हम भूल गए थे ,लेकिन एक ऐसी महामारी आई जिसने हमें नहीं पूरे विश्व को सीख दी की नमस्कार हाथ मिलाकर करना कितना खतरनाक है ,और हाथ जोड़कर नमस्कार करने के कितने फायदे ,कहने का मतलब हम  पाश्चात्य सँस्कृति से प्रभावित होकर अपनी प्राचीन भारतीय सँस्कृति को भूलकर पाश्चात्य सँस्कृति के गुलाम हो गए है ,वैसे तो हमारा भारत देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था ,इस दिन  ब्रिटिश शासन द्वारा 15 अगस्त 1947 को भारत की सत्ता का हस्तांतरण भारत की जनता के प्रतिनिधियों को किया था। इस दिन दिल्ली के लाल किले पर भारत के पहले प्रधानमंत्री [पंडित जवाहर लाल नेहरू] ने भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर स्वाधीनता का ऐलान किया किया था।लेकिन हमारा देश आजाद तो हो गया और अंग्रेज चले गए लेकिन उनकी अंग्रेज़ी भाषा,उनका पहनावा ,रहन सहन की गुलामी हमको दे गए,

 

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