हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2079: इस बार संवत्सर का  नल रहेगा नाम ,शनि होंगे राजा 

जबलपुर ,ज्योतिषाचार्य निधि राज तिर्पाठी:2 अप्रैल को हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् 2079 का आरंभ होगा। इस बार संवत्सर का नाम नल रहेगा। नवसंवत्सर के राजा शनि होंगे। राजा होने के साथ शनि का तीन प्रमुख विभागों पर आधिपत्य भी रहेगा। मंत्री मंडल में पांच प्रमुख ग्रह शामिल है। ज्योतिषियों के अनुसार शनि प्रधान नव वर्ष में महंगाई बढ़ेगी। धान्य उत्पादन प्रभावित होगा। हालांकि बारिश की स्थिति अनुकूल रहने वाली है। इससे देश के कुछ राज्यों में गेहूं सहित अन्य धान्यों की प्रचुर पैदावार होगी।

गुड़ी पड़वा के दिन जिस वार को नवसंवत्सर का आरंभ होता है, उस वार का अधिपति ग्रह वर्ष का राजा कहलाता है। इस बार शनिवार के दिन हिन्दू नववर्ष का आरंभ हो रहा है। इसलिए संवत्सर के राजा शनि होंगे। ज्योतिशास्त्र में संवत्सर फलित की परंपरा है। इसमें पूरे वर्ष ग्रहों की स्थिति का आम जनमानस, समाज, राष्ट्र, बाजार तथा मौद्रिक नीति पर क्या प्रभाव होगा, यह दर्शाया जाता है।

जानिए किस ग्रह का क्या फल
राजा शनि का फल : न्याय तथा कार्यप्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन होगा। धान्य उत्पादन कहीं श्रेष्ठ तथा कहीं मध्यम रहेगा। मौद्रिक नीति में परिवर्तन होगा। कुछ स्थानों पर महंगाई बढ़ेगी। उड़द, कोयला, लकड़ी, लोहा, कपड़ा, स्टील महंगे होंगे।

-मंत्री गुरु का फल : वर्षा की स्थिति उत्तम रहेगी। देश में करीब 88 फीसद वर्षा होगी। कुछ स्थानों को छोड़ कर शेष कृषि क्षेत्र में धान्य का प्रचुर उत्पादन होगा। विश्व में भारत का प्रभुत्व बढ़ेगा

धान्येश शुक्र का फल : प्रचुर मात्रा में धान्य उत्पादन से प्रजा सुखी रहेगी। दूध व घी के उत्पादन में कमी आएगी। इससे दुग्ध पदार्थों के मूल्यों में उतार चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी।

-मेघेश बुध का फल : देश में 88 फीसद बारिश होगी। गेहूं सहित अन्य फसलों की भरपूर पैदावार होगी। जनता की धर्म कार्य में रुची बढ़ेगी। बहुत सी स्थितियों में प्रजा शांति का अनुभव करेगी। विद्वतजनों के लिए यह समय उन्नति व सुख कारक रहेगा।

रसेश चंद्र का फल : उत्तम जल वृष्टि होने से चारों और सुख शांति का वातावरण रहेगा। आम जनता भौतिक पदार्थों का सुख भोगेगी।

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