हनुमान जयंती विशेष : आइए जानते हैं हनुमान चालीसा की कुछ ऐसी चौपाइयां और उनका अर्थ,जिनके पढ़ने से मिलती है हनुमानजी की कृपा 

 

*ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार——सप्ताह में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी समर्पित होता है। सौभाग्य और शुभ संयोग ही है कि इस बार हनुमान जयंती यानी भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मंगलवार के दिन ही पड़ रहा है। हनुमान जयंती विशेष में आज जानते हैं हनुमान चालीसा की कुछ ऐसी चौपाइयां और उनका अर्थ जिन्हें पढ़ने से आपको बजरंगबली की कृपा अवश्य प्राप्त होगी। साथ ही जानते हैं हनुमान जयंती का शुभ पूजन मुहूर्त और महत्व क्या होता है।**

हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना बेहद फलदाई होता है। हालांकि यदि आप हनुमान चालीसा का जाप नहीं कर सकते हैं तो हम आपके लिए लेकर आए हैं हनुमान चालीसा की कुछ चौपाइयां। इन चौपाइयों के बारे में यह कहा जाता है की, यह ऐसी है कि जिनका यदि आप नियमित रूप से और लगातार जप करते हैं तो आपके जीवन के सभी कष्ट और परेशानियां अवश्य दूर हो जाती है।

पहली चौपाई
भूत पिशाच निकट नहीं आवे।

महाबीर जब नाम सुनावे।।

चौपाई का अर्थ और महत्व: जिन लोगों को भूत प्रेत बाधाओं से डर लगता है उन्हें इस चौपाई का नियमित जाप अवश्य करना चाहिए।

दूसरी चौपाई
नासे रोग हरे सब पीरा।

जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा।।

चौपाई का अर्थ और महत्व: यदि आप अपनी लगातार खराब तबीयत से परेशान हैं या फिर आपके घर में कोई ऐसा है जिसकी नियमित रूप से तबीयत खराब रहती है तो आपको हनुमान चालीसा की चौपाई का नियमित और स्पष्ट उच्चारण पूर्वक जप करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से आपको बीमारी या किसी भी बड़े से बड़े रोग से छुटकारा अवश्य मिलेगा।

तीसरी चौपाई
अष्ट-सिद्धि नौ निधि के दाता।

अस बर दीन जानकी माता।।

चौपाई का अर्थ और महत्व: किसी भी तरह की मनोकामना पूर्ति के लिए यह चौपाई या इस चौपाई का जाप बेहद ही शुभ फलदाई माना जाता है।

चौथी चौपाई
विद्यावान गुनी अति चातुर।

रामकाज करीबे को आतुर।।

चौपाई का अर्थ और महत्व: यदि आपको शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित कोई परेशानियां आ रही है तो आपको हनुमान चालीसा की चौपाइयों का नियमित और स्पष्ट उच्चारण पूर्वक जप करने की सलाह दी जाती है।

पांचवी चौपाई
भीम रूप धरि असुर संहारे।

रामचंद्रजी के काज संवारे।।

चौपाई का अर्थ और महत्व: हनुमान चालीसा की चौपाई का जाप करने से जीवन में मौजूद है शत्रु दोष या शत्रुओं से मुक्ति मिलती है।

हनुमान जयंती शुभ संयोग
इस वर्ष हनुमान जयंती पर शुभ योग भी बन रहे हैं। दरअसल 27 अप्रैल को सिद्धि और व्यतिपात योग बन रहा है।

हनुमान जयंती 2021 पूजा मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि का प्रारम्भ- 26 अप्रैल 2021 की दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से

पूर्णिमा तिथि का समापन – 27 अप्रैल 2021 की रात्रि 9 बजकर 01 मिनट पर

हनुमान जयंती पूजन महत्व
हनुमान जयंती के दिन जो कोई भी व्यक्ति पूजा व्रत करता है उसके जीवन में बजरंगबली का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं और शास्त्रों में इस बात का वर्णन है कि भगवान हनुमान पृथ्वी पर वास करते हैं क्योंकि इन्हें चिरंजीवी होने का आशीर्वाद प्राप्त है। ऐसे में नियमित रूप से बजरंगबली की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को कष्ट और परेशानियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष मौजूद होता है उन्हें भी हनुमान जयंती की पूजा करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से शनि दोष का प्रभाव खत्म या कम होता हैl

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