गुप्त नवरात्रि:इन दिनों देवी के इन स्वरूपों की होती है पूजा,आषाढ़ गुप्त नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त

 

**ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार**—————-
चैत्र और शारदीय नवरात्रि में दुर्गा मां के 9 स्वरूपों की विधिवत पूजा अर्चना की जाती है जबकि गुप्त नवराति में दुर्गा माता के 10 स्वरूपों की पूजा होती है. गुप्त नवरात्रि में जिन 10 देवियों की पूजा अर्चना की जाती है, वे निम्न हैं. मां काली, मां तारा देवी, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी.

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त

 

आषाढ़ घटस्थापना: 11 जुलाई 2021 रविवार को

घटस्थापना मुहूर्त सुबह 05:31 से सुबह 07:47

अवधि 02 घंटे 16 मिनट

घटस्थापना अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 से दोपहर 12:54

प्रतिपदा तिथि शुरु जुलाई 10, 2021 को सुबह 06:46 बजे

प्रतिपदा तिथि समाप्ति जुलाई 11, 2021 को सुबह 07:47 बजे से

पूजा विधि

नवरात्रि शुरू होने के दिन शुभ मुहूर्त में घट स्थापना करके पूजा शुरू की जाती है. मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र रखकर इनकी पूजा की जाती है. इन्हें सिंदूर, केसर, कपूर, जौ, धूप,वस्त्र, दर्पण, कंघी, कंगन-चूड़ी आदि चीजें अर्पित करें. अंतिम दिन हवन आदि करके पूजा समाप्त करें.

निधिवन ज्योतिष एवं वास्तु केन्द्र
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(कालचक्र खगोलीय ग्रह गणना चक्रम् ). सृष्टि का एक नियम हैं, जो बाटोगे बेहिसाब मिलेगा , फिर वह चाहे धन हो , अन्न हो , सम्मान हो , अपमान हो , नफरत हो या प्रेम । मनुष्य का पूर्वाद्ध हो या पुण्य का संचय या असंचय हो यह सब ग्रह निर्धारित करते है सुख एवं दुख का भी निर्धारण ग्रह करते है । मनुष्य कालचक्र से बधा हुआ है इन ग्रहो का निदान शास्त्रों मे मिलता है ।यदि आप कष्ट मे है या दुखी हैं तो आप हमसे सम्पर्क कर सकते है। ज्योतिष विद् निधिराज त्रिपाठी सम्पर्क सूत्र– 9302409892 —————————————-

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