ज्यादा पैसे का लालच देकर धोखाधड़ी,पुलिस ने किया मामला दर्ज

जबलपुर :ज्यादा पैसे का लालच देकर धोखाधडी करने वाले अज्ञात के खिलाप पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच सुरु कर दी है,

ये है पूरा मामला,

पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक हरीश पाण्डे उम्र 50 वर्ष निवासी एचआईजी 33 धनवंतरीनगर संजीवनी नगर द्वारा पुलिस अधीक्षक जबलपुर को लिखित शिकायत की गयी कि उसके द्वारा दिनांक 26.02.2013 को 1 में पालिसी ली गई थी  एवं चैक द्वारा  4400  जमा किये गये थे इसके बाद इस पालिसी में कुछ भी जमा नही किया । दिनांक 27 या 28 जनवरी 2018 को आस्था शर्मा ने मोबाईल कर कहा कि एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस की पालिसी आप जारी रखना चाहते है या बंद करना चाहते है जिससे कहा कि  यह पालिसी बंद कर दो, तो उसे जानकारी दी गई कि आपने पालिसी की जो राशि  जमा की  थी उसें कंपनी पालिसी के अंतर्गत शेयर मार्केट में लगाया गया था, जिससे यह राशि बढकर 42  हजार रूपये  हो गई है और यदि आप इसमें 20 हजार 750 रूपये और जमा कर दे तो यह राशि बढकर 62,000 रूपये होकर आपके खाते में हस्तांतरित हो जायेगी, इसके बाद किसी श्वेता शर्मा या वर्मा जो कि अपने को कोर्डिनेटर बताती थी का फोन उसके मोबाइल पर आया जिसने भी यही कहाॅ  आप 20 हजार 750 रूपये जमा कर देते है तो 62  हजार  रूपये आपके खाते में हस्तांतरित हो जायेगे तथा उसे पंजाब एण्ड सिंध बैंक का एक खाता नंबर दिया जिसमें उसने  अपने यूनियन बैंक आफ इंडिया गोपालबाग के एकाउंट से दिनांक 01.02.2018 को 20 हजार 750 रूपये हस्तांतरित कर दिये ।इसके बाद  अर्जुन शर्मा ने उसके मोबाइल पर फोन कर उसका बैंक डिटेल लेकर कहा कि आपका पैसा दिनांक 19.02.2018 को हस्तांतरित हो जायेगा । दिनांक 19.02.2018 को अर्जुन शर्मा  द्वारा यह जानकारी दी गई कि   आपकी पालिसी में जीएसटी की राशि जमा नही हुई है, इसलिये आपकी राशि हस्तांतरित नही हो पायेगी  तथा यह भी कहा कि आपकी फाईल श्वेता शर्मा के पास भेज दी गई है, वही आपको पूरी जानकारी देगी । दिनांक 20.02.2018 को श्वेता शर्मा ने फोन कहा कि जीएसटी की राशि 25 हजार 125 रूपये  जमा किये बिना यह राशि आपके एकाउंट में हस्तांतरित नही हो पायेगी , जीएसटी की राशि जमा कर दें, जमा की हुई जीएसटी की राशि 15 दिन बाद आपको वापिस मिल जायेगी । तब उसने दिनांक 21.02.20218 को बताये हुये पंजाब एंड सिंध बैंक के खाते में पुनः 25 हजार 125 रूपये जमा किये तो श्वेता शर्मा ने यह जानकारी दी की आपकी राशि आपके खाते में दो दिन बाद हस्तांतरित हो जायेगी ।दिनांक 24.02.2018 को विनोद खन्ना का फोन आया कि आप अपने बैंक खाते को वेरिफाई कर लें ताकि यह राशि हस्तांतरित हो जाये। इसके बाद विनोद का फोन दो बार आया कि तकनीकी कारणों से यह राशि हस्तांतरित नही हो पा रही है, इसके लिये आपको एचएसबीसी बैंक में खाता खोलना पडेगा । इसके बाद दिनांक 05.03.2018 को श्वेता शर्मा का फोन आया कि खाता तो आपको खोलना ही पडेंगा , तब  उसने कहा कि मेरे पास अब पैसे नही है और मुझे मेरा पैसा वापिस कर दो, तो दिनांक 06.03.2018 को आया कि बिना खाता खोले आपका पैसा हस्तांतरित नही हो पायेगा । इसके बाद  .राजेश एवं सत्यपाल सिंह चैधरी ने फोन कर वही सब बाते कहीं जो अन्य लोगो ने की थी , तथा  कहा कि यदि आप 17 हजार 750 रूपये जमा कर देगे तो आपको यह राशि वापिस हो जायेगी । उसने दिनांक 25.07.2018 को 17 हजार 750 रूपये पी.एफ.टी. सर्विस से बताये हुये पंजाब एंड सिंध बैंक खाते में जमा कराये ,फिर बाद में फोन कर बताया कि आपका खाता ब्लैक लिस्ट में डला हुआ है इसलिये यह राशि हस्तांतरित नही पायेगी,  अब या तो आप एच.एस.बी.सी. में खाता खुलवाइये या फिर आपको चैक भेजेगे। इसके बाद उन्होने 3 लाख रूपये का चैक व्हाटसअप पर भेजा तथा उससे दिनांक 29.09.2018 को जयप्रकाश मेहरोलिया के खाते में 22 हजार 750 रूपये जमा कराये गये।  इसके बाद 27 फरवरी 2019 को मोबाइल पर मैसेज आया कि उसके खाते में 2 लाख 25 हजार रूपये हस्तांतरित किये गये थे जो बाऊंस होने की वजह से हस्तांतरित नही हुये । इसके कुछ दिन बाद उसके पास  मुकेश अग्रवाल   ने फोन कर रूपये जमा करने को कहा जिसके कहे अनुसार उसने बताये हुये अरूण कुमार शर्मा के खाते में दिनांक 25.01.2019 को 14 हजार रू, दिनांक 25.02.2019 को 13 हजर रू. दिनांक 19.03.2019 को 10 हजार 750 रू, दिनांक 30.04.2019 को 10 हजार रू, एवं दिनांक 03.07.2019 को 23 हजार 750 रू, जमा किये।  10 जुलाई 2019 को  फिर मैसेज आया कि आपके खाते में 2 लाख 96 हजार 250 रू, हस्तांतरित किये जा रहे है लेकिन उक्त राशि उसके खाते में नही आई । इसके बाद उससे कहा गया कि आपको एच.एस.बी.सी. बैंक में खाता खोलना पडेगा ।  उनके कहने पर अरूण शर्मा के खाते में दिनांक 24.07.2019 को 40 हजार रू, एवं 29.07.2019 को 16 हजार रू, जमा कराये गये ।  इसके बाद   मोहित के कोटक महिन्द्रा बैंक के खाते में दिनांक 17.09.2019 को 1 लाख रू, यह कहकर जमा कराये कि आपका खाता एच.एस.बी.सी. बैंक में खुल गया है, एच.एस.बी.सी. बैंक के नाम से मैसेज आया कि आपका खाता तीन लाख रू, में खुल गया है जिसमें एक लाख रू, कंपनी ने अपनी तरफ से जमा कराये है और जैसे ही आपके पास एच.एस.बी.सी. कंपनी की किट पहुंच जायेगी कंपनी अपना एक लाख रू वापिस ले लेगी । इसके बाद   श्यामसुंदर के खाता में दिनांक 18.10.2019 को 20 हजार, दिनांक 19.10.2019 को 17 हजार रू, एवं दिनांक 24.10.2019 को 37 हजार 500 रू, मुकेश अग्रवाल के द्वारा जमा कराये गये, लेकिन मुझे मेरी किट नही मिली । इसके बाद गीतांजलि  का फोन आया और उन्होने किन्ही निकिता से बात कराई और यह कहा कि चूंकि गर्वनर बदल गये है और आपकी फाइल पर फिर से साइन कराना पडेगा इसलिये आप रमाकांत मिश्रा के     कोटक महिन्द्रा बैंक के खाते में दिनांक 24.01.2020 को 35  हजार रू, जमा कराये और   कहा कि आपकी किट दिनांक 26.01.2020 तक पहुंच जायेगी । इसके बाद माह जुलाई में   मुकेश अग्रवाल ने फोन कर कहा कि आपका पैसा मिल गया कि नही तो उसने कहा कि मेरा पैसा अभी तक नही मिला है जिस पर कहा कि मैने तो सोचा था कि आपका पैसा मिल गया होगा ।इसके बाद उनके नंबर से एक्साइड लाइफ इंश्योरेंस के लैटर पैड पर एक लैटर आया जिसमें उसे 7 लाख 62 हजार 685 रू भुगतान करने की बात लिखी थी । जिसके लिये मुझे अप्रूवल चार्ज हेतु 34 हजार 865 रू,   विनोद सिंह कुशवाह के खाते मे जमा करने को कहा गया उसके द्वारा   17 हजार रू, एवं दिनांक 25.09.2020 को 10 हजार रू जमा कराये गये । इसके बाद उन्होंने मुझसे बोला कि आपके पास मैडम का फोन आयेगा जो कि आपका पेमेंट करवा देगी । दिनांक 08.10.2020 को सोनिया पांडे का फोन आया कि आपका पेमेंट दिनांक 15.10.2020 तक हो जायेगा । जिसके लिये उन्होने उसके बैंक खाते की डिटेल पूछी जो उसने मैसेज के द्वारा दी,  इसके बाद एक लैटर व्हाटसअफ के द्वारा जिसमें उसे 8 लाख 57 हजार 890 रू, का पैमेंट का लिखा हुआ था भेजा। इसके बाद सोनिया पांडे द्वारा लोकेश सिंह के कोटक महिन्द्रा बैंक  ब्रांच नोयडा के खाते  में दिनांक 23.10.2020 को 21 हजार  रू जमा कराये गये । जिसके बाद सोनिया पांडे के द्वारा मुझे मैसेज करके एक कोड दिया गया कि जब आपके पास किसी का फोन आये तो यह कोड उनको बता देना जिससे आपके खाते में पैसा हस्तांतिर हो जायेगा । इसके बाद 29.10.2020 को बोला गया कि एक दो दिन में आपका पैमेंट हो जायेगा,  इसके बाद   बोला गया कि आपको लोकेशसिंह के खाते में 50 हजार रू हस्तांतरित करना पडेगा । तभी आपका पैसा आपके खाते में आयेगा तब उसने दिनांक 11.11.2020 को 50 हजार रूपये हस्तांतरित किया था। इसके बाद मैसेज आया कि इन 50,000 को जोडकर आपके खाते में अब 9 लाख 47 हजार रूपये  दिनांक 16.11.2020 तक हस्तांतरित किये जायेगे इसके बाद उसे मोबाइल नंबर बदलने को कहा तो उसने नम्बर बदल लिया और उन्हे अपना दूसरा नम्बर दे दिया ,  इसके बाद   कैलाशचंद के इलाहाबाद बैंक ब्रांच अलीगढ समद रोड  के खाते मे उससे  दिनांक 18.11.2020 को 50,000 रू एवं दिनांक 19.11.2020 को 50,000 रू जमा कराये और कहा कि दिनांक 03.12.2020 को तुम्हारा कुल भुगतान 11,50,000 रूपये का हो जायेगा   लेकिन उसे कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत जांच पर थाना संजीवनी नगर में अज्ञात के विरूद्ध धारा 420 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

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