मूंग उड़द बेचने में किसानों को आ रहे पसीने ,उपार्जन की कछुआ चाल से किसान परेसान 

 

जबलपुर:सरकार भले ही किसानों की उपज के एक -एक दाने को समय पर खरीदने की बात कह रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है, हाल ये है की मूंग उड़द को बेचने में किसानों के पसीने छूट रहे है,जिसकी बजह है मूंग उड़द के उपार्जन की कछुआ चाल ,

उड़द मूंग उपार्जन की मंद गति से किसान परेशान

फैक्ट फाइल

  1. 1-उपार्जन समय सीमा 15 जून से 15 सितंबर
    2- जिले में कुल उपार्जन केंद्र -19
    3- उड़द मूंग का कुल रकबा -80468.9 हैक्ट.
    4- जिले के कुल पंजीकृत किसानों की संख्या-31096
    जिले सहित सिहोरा में इन दिनों मूंग और उड़द बेचने के लिए किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। उड़द और मूंग के समर्थन मूल्य में शासन द्वारा खरीदे जाने की प्रक्रिया अत्यंत धीमी होने के कारण 15 जून से प्रारंभ हुई खरीदी में अब तक लगभग 4000 किसान ही उपार्जन नीति का लाभ ले पाए है। स्थिति यह है कि किसानों की उपज कटकर तैयार है जिसे सरकार नहीं ले रही है। ऐसे में किसान औने-पौने दामों में व्यापारियों को बेचने मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें प्रति क्विंटल 15 सौ से 2 हजार रुपये कम दाम में व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है। अगर समय पर उपार्जन एवं भुगतान प्रक्रिया शुरू हो जाती तो यह समस्या पैदा नहीं होती।
    आधे किसानों को नहीं हुए एस एम एस
    प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के लगभग 31096 किसानों ने ग्रीष्मकालीन उड़द मूंग की उपार्जन हेतु पंजीयन कराया है विभागीय मंद गति के कारण अभी तक 17132 किसानों को ऐसे में किए गए हैं जबकि 17511 किसानों को अभी तक उपार्जन हेतु s.m.s. तक नहीं किए गए। किसानों ने आरोप लगाया है कि इस संदर्भ में जब किसान फूड विभाग से संपर्क करता है तो उसे नोडल एजेंसी कृषि विभाग का होने का हवाला देकर टरका दिया जाता है एवं जब कृषि विभाग से संपर्क करता है तो उसे खाद विभाग से संपर्क करने की सलाह दी जाती है जिसके चलते किसान दोनों विभाग के बीच में पेंडुलम की तरह घूम रहा है।
    *कुल 12200 मेट्रिक टन की हुई खरीदी
    उपार्जन प्रारंभ हुए लगभग 1 माह से अधिक समय बीत चुका है एवं जबलपुर जिले में अब तक कुल 4140 किसान ही मूंग का उपार्जन कर सके हैं बताया जाता है कि शासकीय खरीदी में अभी 12200 मेट्रिक टन मूंग की खरीदी की गई है वहीं मात्र 27 किसानों ने 72.5 टन उड़द का उपार्जन किया है।
    *कम दाम पर उपज बेचने मजबूर किसान*
    उपार्जन में हो रहे विलंब के चलते अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने किसान उड़द एवं मूग कृषि उपज मंडी मैं कम दामों पर बेचने विवस है। 19 जुलाई को क्षेत्र की 319 किसानो ने कृषि उपज मंडी में लगभग 4000 क्विंटल उड़द 4100 से 6000 रुपए प्रति कुंतल के भाव से विक्रय करने मजबूर रहे वहीं मुंग का भाव 5200 से 6200 प्रति क्विंटल रहा
    3 दिनों तक नहीं होगी उड़द मूंग की खरीदी
  2. वहीँ बताया जा रहा है की आज मंगलवार से लेकर तीन दिनों तक पोर्टल बंद होने के कारण सरकारी खरीदी बंद रहेगी ऐसे में जो किसान मूंग उड़द बेंच कर धान की फसल के लिए खाद बीज लेना चाहते है या तो वे कर्ज लेकर फसल की बुआई करेंगे या फिर कम दाम में व्यापारियों को बेचने मजबूर होंगे
  3. इनका कहना है,
    टेक्निकल समस्या के चलते भोपाल से पोर्टल बंद होने के कारण 3 दिनों तक खरीदी नहीं होगी। खरीदी प्रक्रिया 3 माह चलना है इसलिए कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सीमित संख्या में s.m.s. भेजे जा रहे हैं
    उपसंचालक कृषि
    एसके निगम
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