नीलामी की शीट पर हेरफेर कर शासन को लाखों रुपये की छती पहुँचाने वाले आईएफएस अधिकारी सहित 19 अधिकारियों और ठेकेदारों पर ईओडब्ल्यू ने किया मामला दर्ज 

जबलपुर :जल्दी मालदार होने के चक्कर में नीलामी की शीट पर हेरफेर कर शासन को लाखों रुपये का चूना  लगाने वाले आईएफएस अधिकारी सहित 19 अधिकारियों और ठेकेदारों पर ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज करते हुए मामले की जांच सुरु कर दी है,

ये है पूरा मामला,

मामला मध्यप्रदेश के मंडला का है जहां पर  पदस्थ वन मंडल अधिकारी (उत्पादन) शैलेन्द्र कुमार गुप्ता (आईएफएस) ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों व ठेकेदारों के साथ मिलकर नीलामी की शीट व ईएमडी पंजी में ओवर राइटिंग कर शासन को 13 लाख 80 हजार 100 रुपए के राजस्व की हानि पहुंचाई है. इस मामले की शिकायत होने पर राज्य अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने वन मंडल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार गुप्ता सहित 19 अधिकारी व ठेकेदारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय शैलेन्द्र कुमार गुप्ता (आईएफएस) ने मंडला में वन मंडल अधिकारी (उत्पादन) के पद पर रहते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मिलकर नीलामी के दौरान ठेकेदार द्वारा लगाई गई बोली की राशि को शीड में कम कर दी, बाद में बची राशि को हड़प लिया, यह किसी एक नीलामी में नहीं बल्कि कई नीलामी के दौरान किया गया है, जबकि नीलामी के दौरान हुई वीडियो रिकार्डिंग में साफ साफ यह बात सामने आ रही है कि नीलामी के दौरान कितनी बोली ठेकेदार के द्वारा बोली गई है, इसके बाद भी डीएफओ सहित 18 अधिकारियों ने बिड शीट व ईएमडी पंजी में ओवर राइटिंग कर नीलामी में प्राप्त वास्तविक बोली से कम राशि भर दी. इस तरह से अधिकारी व ठेकेदार की मिलीभगत से शासन को 13 लाख 80 हजार 100 रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है. खासबात तो यह है कि इस मामले में डीएफओ शैलेन्द्र कुमार गुप्ता के अलावा 18 अधिकारी व ठेकेदार भी शामिल रहे. नीलामी की शीट व ईएमडी पंजी में ओवर राइटिंग के लाखों रुपए हड़पने की शिकायत के बाद मुख्य वन संरक्षक मध्यप्रदेश शासन भोपाल से की गई, जिनके आदेश के बाद डीएफओ शैलेन्द्र कुमार गुप्ता (उत्पादन) के कार्यकाल में हुई समस्त नीलामी की प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया, समिति की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ कि 43 संदिग्ध नीलामी में 30 बिड शीट में तत्कालीन डीएफओ शैलेन्द्र कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से हेरफेर किया गया है, जिसकी शिकायत राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों से की गई, जांच के बाद इस मामले में डीएफओ शैलेन्द्र कुमार गुप्ता सहित दो अधिकारी व अन्य ठेकेदारों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, धोखाधड़ी, साजिश की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है.

डीएफओ सस्पेंड 

वहीँ आईएफएस वन मंडल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार गुप्ता को इस मामले में शासन द्वारा तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए है, निलम्ब अवधि में शैलेन्द्र कुमार गुप्ता को मुख्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक व वन बल प्रमुख कार्यालय भोपाल में रहेगें.

इनके खिलाफ मामला दर्ज 

-डॉ. शैलेन्द्र कुमार गुप्ता (आईएफएस) वन मंडल अधिकारी जिला मंडला (उत्पादन)
-इंद्रभान गुप्ता ईएमडी अधिकारी (कालपी व रसईयादौन)
-रंगीलाल परते ईएमडी अधिकारी (गाड़ासरई व करंजिया)
-कृष्णकुमार गुप्ता सागर
-ऋषि टिम्बर जबलपुर,
-राजस्थान टिम्बर गोदिया महाराष्ट्र
-नवीन कुमार गुप्ता सागर,
-मनमोहन सॉ मिल सागर
-एनसी शाह गोदिया महाराष्ट्र,
-संतोष टिम्बर अंबिकापुर
-मां नर्मदा ट्रेडर्स डिंडौरी
-परमार कंस्ट्रक्शन डिंडौरी
-शहजादा टिम्बर ट्रेडर्स जसपुर
-रामबली फर्नीचर मार्ट सतना
-तौशीफ हसन जसपुर
-गोयल टिम्बर सतना
-इलाही टिम्बर जसपुर
-रियाजुद्दीन टिम्बर जसपुर
-ईरम एंड कंपनी जसपुर

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