धुंध से ग्रामीणों का जीना दूभर,ओभर वर्डन डालकर पूर दिया नाला

जबलपुर:यदि आप सिहोरा के पाराखेड़ा गांव जा रहे हैं तो सावधान हो जायें क्योंकि वहां पर स्तिथ पेसफिक कम्पनी की धूल आपको बीमार कर सकती है, यहाँ के डस्ट की धूल ग्रामीणों की स्वास में जहर घोलने का काम कर रही है,वैसे ग्रामीणों की इस समस्या से प्रशासन भी अनजान नहीँ है ,लेकिन जानकर भी अनजान बना हुआ है, जिसका नतीजा आज वहाँ के ग्रामीण भुगतने के लिए मजबूर है।कंपनी का एक नया कारनामा भी सामने आया है, कंपनी ने वर्षो पुराने नाले की पुराई कर दी ग्राम वासियों का कहना है कि बड़े और दबंग लोग हैं विरोध करने पर भी कुछ नहीँ होता ,ऐसे में सवाल उठना लाजमी हो होता हैं कि क्या यही सुशासन है ?

नाला पूर दिया बरसात में डूब में आ जायेगा गांव 

मामला सिहोरा तहसील के पाराखेड़ा गांव का है, जहाँ पर स्तिथ पेसफिक कम्पनी पर ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया है की कंपनी द्वारा  सैकड़ो वर्षो पुराने नाला के रास्ते में ओभर वर्डन डालकर नाले का रास्ता अवरुद्ध कर दिया है, ग्रामीणों ने यह भी बताया की पारा खेड़ा और विजैया गांव के समीप एक तालाब है उससे यह नाला जुड़ा था जिसे कम्पनी द्वारा ओभर वर्डन डालकर पूर दिया गया है।अब ऐसे में बरसात के समय गांव डूब में आ जायेगा।ग्रामीणों की मानें तो इसी नाला के रास्ते से जंगल सहित तालाब का ओभर पानी निकल जाता था ,

ग्रामीणों को बीमार कर रही धूल 

वहीँ सूत्रों की मानें तो किसान नेता अखिलेशानंद पटेल द्वारा आरटीआई लगाकर प्रसाशन से जबाब भी मांगा गया है की खसरा नंबर 461 में पेसफिक कम्पनी द्वारा खनिज बेस्ट डाला जा रहा है ,उसकी अनुमती और आदेश की प्रति उपलब्ध करवाई जाए लेकिन अभी तक इसका जबाब अभी तक नहीँ मिल सका है,ग्रामीणों ने तो यहां तक बताया कि इस कंपनी ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है,दिन रात धमाचौकड़ी मचाते कंपनी के हाइवा और डम्फर से उड़ती धूल ग्रामीणों को स्वास दमा जैसी गम्भीर बीमारी परोस रहीं हैं, तो वहीं किसानों के खेतों में लगी फसलों तक धूल पहुँच रही है।वहीँ कम्पनी के एचआर नितिन गिरी का कहना है कि ग्रामीण झूठ बोल रहे हैं

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