हनुमान जयंती पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप और पाएं स्वास्थ्य लाभ*

 

 

**ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी अनुसार——हनुमान जयंती के दिन बनने वाले शुभ संयोग और इस शुभ दिन राशि अनुसार अपनाए जाने वाले वो उपाय बताएँगे जिससे कोरोना महामारी के इस बुरे दौर में हनुमान जी की कृपा से आपके स्वास्थ्य को और भी बल मिल सके लेकिन उससे पहले हनुमान जयंती को लेकर कुछ खास जानकारी आपको दे देते हैं।**

संकट मोचन यानी कि तमाम संकटों को खत्म करने वाले। भगवान हनुमान के भक्त हनुमान जी को इसी की संज्ञा देते हैं। माना जाता है कि भगवान हनुमान की जिस पर कृपा हो जाए उसके सारे संकट और सारे दुख भगवान हनुमान खत्म कर देते हैं। तभी तो संत तुलसीदास ने हनुमान चालीसा में लिखा है :

संकट कटे मिटे सब पीड़ा।

जे सुमिरै हनुमत बलबीड़ा॥

**अर्थात भगवान हनुमान का स्मरण करने मात्र से ही सारे संकट और सारी पीड़ाओं का नाश हो जाता है। चूंकि देश इस समय कोरोना महामारी जैसे बड़े संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में भगवान हनुमान का महत्व और भी बढ़ जाता है।**

**हिन्दू पंचांग के अनुसार हनुमान जयंती**
वायु पुराण में हनुमान जी के जन्म से जुड़ा एक श्लोक मिलता है :

आश्विनस्या सितेपक्षे स्वात्यां भौमे च मारुतिः।

मेष लग्ने जनागर्भात स्वयं जातो हरः शिवः।।

इस श्लोक के अनुसार भगवान हनुमान का जन्म कृष्ण पक्ष चतुर्दशी मंगलवार को स्वाति नक्षत्र की मेष लग्न और तुला राशि में हुआ था। साल 2021 में हनुमान जयंती का पावन पर्व 27 मई को मंगलवार के दिन मनाया जाने वाला है। हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल यह पर्व चैत्र महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। चूंकि इस दिन को हनुमान जी के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाता है इस वजह से सनातन धर्म में इस पर्व का महत्व और भी बढ़ जाता है।

हनुमान जयंती 2021 पूजा मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 26 अप्रैल 2021 की दोपहर 12 बजकर 46 मिनट से

पूर्णिमा तिथि का समापन – 27 अप्रैल 2021 की रात्रि 9 बजकर 03 मिनट पर

**हनुमान जयंती पर बनने वाले शुभ योग और ग्रह नक्षत्रों के संयोग**
इस साल यानी कि साल 2021 में हनुमान जन्मोत्सव के दिन सिद्धि योग बन रहा है जिसकी वजह से इस पर्व की शुभता में और भी बढ़ोतरी हो गयी है। हनुमान जयंती के दिन सिद्धि योग रात 08 बजकर 03 मिनट तक रहेगी। ज्योतिष शास्त्र में सिद्धि योग को बेहद शुभ योग माना जाता है और इस दौरान सभी तरह के शुभ कार्य किए जा सकते हैं। लेकिन सिद्धि योग के बाद व्यतीपात योग शुरू हो जाएगा। व्यतीपात योग को ज्योतिष शास्त्र में शुभ योग नहीं माना गया है।

वहीं नक्षत्रों की बात करें तो हनुमान जयंती के दिन यानी कि 27 अप्रैल को स्वाति नक्षत्र रात के 08 बजकर 08 मिनट तक रहने वाला है। इसके तुरंत बाद विशाखा योग शुरू हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में विशाखा और स्वाति नक्षत्र के दौरान किसी भी तरह की सिद्धि प्राप्त करने और ईश्वर का नाम जपने के लिए सिद्धि योग बेहद उत्तम माना जाता है। आपको बता दें कि इस दिन चंद्रमा तुला और सूर्य मेष राशि में रहेंगे।

ऐसे में अगर कोई जातक अपनी कुंडली में शनि देवता के अशुभ प्रभावों को लेकर चिंतित है तो उसे हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की पूजा जरूर करनी चाहिए। इससे शनि देवता तो शांत होते ही होते हैं और साथ ही साथ हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी की पूजा से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा और उससे जुड़ी परेशानियाँ भी खत्म हो जाती हैं।

**हनुमान जयंती पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप और पाएं स्वास्थ्य लाभ**
आइये अब हम आपको आपकी राशि के अनुसार हनुमान जयंती के दिन जाप किए जाने वाले वो मंत्र बताते हैं जिसके जाप से कोरोना जैसी आपदा के बीच हनुमान जी की कृपा आपके स्वास्थ्य को और भी बल देगी।

मेष राशि – ऊॅं सर्वदुखहराय नम:
वृषभ राशि – ऊॅं कपिसेनानायक नम:
मिथुन राशि – ऊॅं मनोजवाय नम:
कर्क राशि – ऊॅं लक्ष्मणप्राणदात्रे नम:
सिंह राशि – ऊॅं परशौर्य विनाशन नम
कन्या राशि – ऊॅं पंत्रवक्त्र नम:
तुला राशि – ऊॅं सर्वग्रह विनाशिने नम:
वृश्चिक राशि – ऊॅं सर्वबंधविमोक्त्रे नम:
धनु राशि – ऊॅं चिरंजीविते नम:
मकर राशि – ऊॅं सुरार्चिते नम:
कुंभ राशि – ऊॅं वज्रकाय नम:
मीन राशि – ऊॅं कामरूपिणे नम:

मेरे बताएं यह उपाय हर किसी के ऊपर लागू नहीं होते हैं सबसे पहले कुंडली का निरीक्षण कर ले और जब आपकी कुंडली अनुकूल हो तो ही मेरे बताएं उपाय आप अपनाएं **लेकिन, यदि आपके मन में कोई और दुविधा है या इस संदर्भ में आप और ज्यादा विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं ज्योतिष व वास्तु के लिए सम्पर्क करे* **ज्योतिषचार्य निधिराज त्रिपाठी** अगर आपको ग्रह दशा के बारे में जानकारी चाहिए तो आप हमें +91-9302409892 पर कॉल करें। या आप हमें
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो हर व्यक्ति का जन्म होते ही वह अपने प्रारब्ध के चक्र से बंध जाता है और ज्योतिषशास्त्र द्वारा निर्मित जन्म कुंडली हमारे इसी प्रारब्ध को प्रकट करती है। हमारे जीवन में सभी घटनाएं बारह राशि व नवग्रह द्वारा ही संचालित होती हैं। इन ग्रहों का आपके जीवन पर आने वाले समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा इसके बारे में विस्तृत जवाब जानने के लिए अभी आप भी कर्ज़ की समस्या से परेशान हैं, और उससे जुड़ा कोई व्यक्तिगत उपाय, निवारण जानना चाहते हों या इससे जुड़े किसी सवाल का जवाब चाहिए हो तो
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