गांव में भ्रमण कर लोगों का सघन स्वास्थ्य परीक्षण करने के बीएमओ की टीम को जिला पंचायत सीईओ ने दिए निर्देश 

जबलपुर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रिजु बाफना ने कोरोना के नियंत्रण के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक पंचायत एवं नगरीय निकाय अपने मैदानी अमले सचिव-ग्राम रोजगार सहायक- नगरीय निकाय के माध्यम से समग्र डेटा में उपलब्ध मोबाइल नंबर से प्रत्येक परिवार के स्वास्थ्य की स्थिति फोन लगाकर प्राप्त कर लें। जिन ग्राम पंचायतों में एवं नगरीय निकायों में जिन परिवारों के मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है वहां व्यक्तिश: संपर्क किया जावे। अमले की कमी की स्थिति में शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अमले सहित अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी इस कार्य हेतु दायित्व सौंपा जावे। जिन परिवारों में स्वास्थ्य की स्थिति मोबाईल पर ठीक बताई जाती है वहां कोई भी कार्यवाही की आवश्यकता नहीं है।
जिन परिवारों के स्वास्थ्य की स्थिति मोबाइल पर खराब बताई जाती है, वहां उन परिवारों से विवरण प्राप्त किया जाये, जिसे ग्राम रोजगार सहायक-सचिव-नगरीय निकाय के कर्मचारी तत्काल गूगल फार्म में एंट्री कर दें। आप अवगत है कि तेज बुखार, सर्दी, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, सुंगध एवं स्वाद का जाना कोरोना के लक्षण हैं। अत: जैसे ही आपके अमले को किसी परिवार के सदस्य के अस्वस्थ्य होने की सूचना मिलती है तत्काल उस परिवार को अपने घर में क्वारंटाईन एवं आईसोलेट होने की सलाह देनी है। यथा संभव मरीज को अपने घर में ही क्वारांटाईन कराया जावे परन्तु यदि घर उपयुक्त नहीं हो तो उसे शासकीय क्वारंटाईन सेंटर में क्वारंटाईन कराया जावे।
आशा कार्यकर्ता के माध्यम से संबंधित बीमार व्यक्ति को लक्षण के आधार पर दवा की किट उपलब्ध करा दी जावे। 45 वर्ष से ऊपर या कोमोर्बिटी की स्थिति में ब्लाक मेडीकल आफीसर अविलंब टेस्टिंग सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य अमला किसी भी स्थिति में कोविड-19 रिपोर्ट की प्रतीक्षा न करें एवं समस्त लक्षण प्रदर्शित मरीजों का उपचार प्रारंभ करें।
प्रत्येक खंड चिकित्सा अधिकारी प्रतिदिवस एक घंटे का न्यूनतम समय वीडियो कॉल के माध्यम से मरीजों से संवाद के लिए अनिवार्यत: आरक्षित करें एवं आरक्षित समय का प्रचार-प्रसार स्वास्थ्य विभाग एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के माध्यम से कराना सुनिश्चित करें। इससे गंभीर मरीजों को चिकित्सीय परामर्श बिना जनपद मुख्यालय आये प्राप्त हो सकेगा। जिन ग्रामों में 10 से ज्यादा व्यक्ति गूगलफार्म के माध्यम से अस्वस्थ्य दिखते हैं वहां अनिवार्य रूप से बीएमओ की टीम गांव में भ्रमण कर लोगों का सघन स्वास्थ्य परीक्षण करें।
जनपद पंचायत-नगरीय निकाय स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम को और अधिक सशक्त किया जावे। कंट्रोल रूम गूगल फार्म के आधार पर जो व्यक्ति बीमार पाये गये हैं, उनसे फोन पर अनिवार्यत: बातचीत किया जावे। उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की जावे। साथ ही जितने भी कन्फर्म कोरोना पाजीटिव केस पाये गये हैं उन प्रधान-सचिव-ग्राम रोजगार सहायक एवं नगरीय निकाय के अमले से संपर्क कर उस पाजीटिव व्यक्ति के घर के आसपास कंटेन्मेन्ट जोन बनाया जाये तथा बीमार व्यक्ति से बातचीत भी सुनिश्चित की जावे।
जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम के अधिकारी-कर्मचारी यह सुनिश्चित करेंगे कि गूगल फार्म में जो बीमार व्यक्तियों के नाम दिख रहे हैं उनमें से कम से कम 20 प्रतिशत व्यक्तियों से जिला पंचायत से बातचीत की जावे। साथ ही जो कोरोना पाजीटिव केस प्राप्त हुए हैं उनके सचिवों-ग्राम रोजगार सहायकों-नगरीय निकाय के बीमार व्यक्तियों से भी बातचीत कर ली जावे। ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पाजीटिव पाये गये व्यक्तियों के घरों के आसपास कंटेन्मेन्ट जोन घोषित हो गया है तथा लोगों के आवागमन को सीमित कर दिया गया है यह भी पुष्टि कर ली जावे की पीडि़त व्यक्ति अपने घरों में ही क्वारंटाईन हो गये हैं।

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