जेल महानिदेशक ने किया केन्द्रीय जेल का निरीक्षण

 

 

जबलपुर,आज शुक्रवार को महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाऐं अरविन्द कुमार ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस केन्द्रीय जेल का निरीक्षण किया। सर्वप्रथम परेड सलामी उपरांत नेताजी सुभाष चन्द्र बोस वार्ड में पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा शायिका में पुष्प अर्पित किया। तदोपरान्त पाकशाला में बंदियों के लिये तैयार किये जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जॉंच करने हेतु भोजन चख कर देखा इसके उपरांत उनके द्वारा जेल के पश्चिमी खण्ड, महिला खण्ड, आजाद हिन्द खण्ड एवं अन्य स्थानों का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर जेल के पुरूष महिला बंदियों की परेड का अवलोकन किया गया तथा बंदियों की समस्याऐं सुनकर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया।विदित है कि केन्द्रीय जेल जबलपुर में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली द्वारा बंदियों के अध्ययन हेतु वर्ष 2011 में निःशुल्क अध्ययन केन्द्र स्थापित किया गया था, जिसमें प्रतिवर्ष सैंकड़ो बंदी प्राथमिक कक्षाओं से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर तथा अन्य व्यवसायिक पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। जेल में वर्ष 2019 से राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा बंदियों के कौशल उन्नयन हेतु अचार निर्माण विधि, बहुव्यंजन पाककला, बेकरी टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, टी.व्ही. रिपेयरिंग का प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया गया है जहां महिला बंदियों सहित कुल 400 बंदियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया है। जेल में स्थापित इन व्यवस्थाओं को देखकर महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाऐं द्वारा कहा गया कि यह मेरे लिए एक नया सुखद अनुभव है। बंदियों की प्रतिभा निखारने, उनको स्वरोजगार उपलब्ध कराने के प्रशिक्षण कार्यक्रम व अपनी शैक्षिक योग्यता का जो अभिनव प्रयास वरिष्ठतम जेल अधीक्षक गोपाल प्रसाद ताम्रकार एवं प्रभारी जेल उप-महानिरीक्षक, जबलपुर रेंज द्वारा किया गया है उसे देखते हुए इसे आदर्श जेल का दर्जा दिया जाता है उनके द्वारा कहा गया कि जबलपुर जेल के इस मॉडल को प्रदेश की अन्य जेलों में भी लागू किया जाएगा।इस अवसर पर उनके द्वारा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा प्रशिक्षित तथा इन्दिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षित बंदियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये तथा यह शुभकामनाऐं भी व्यक्त की गई की बंदी भाई एवं बहनें अपने जेल में परिरूद्ध समय का बेहतर उपयोग कर समाज एवं राष्ट्र की मुख्य धारा में जुड़ सकेंगे तथा जेल से रिहा होने उपरांत अपनी आजीविका भी कमा सकेंगे साथ ही महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाऐं द्वारा इंडिया विजन फाउंडेशन द्वारा तनाव प्रबंधन में प्रशिक्षण प्राप्त प्रहरियों को भी प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया।जेल भ्रमण के दौरान उनके द्वारा जेल में संचालित कपड़ा उद्योग, पावरलूम काराखाना, कारपेंटर कारखाना आदि उद्योगों का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया। जेल की साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था, बंदी अनुशासन पर उनके द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गई एवं कहा गया कि प्रदेश के वरिष्ठतम जेल अधीक्षक श्री गोपाल प्रसाद ताम्रकार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में बंदियों को ई-मुलाकात व्यव्स्था, आर.ओ. प्लांट का शुद्ध पेयजल, वीडियो कांफ्रेंसिंग आदि सुविधाऐं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस अवसर पर विधि अधिकारी श्री अशोक सिंह सहित जेल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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