बाल श्रम पर प्रभावी रोकथाम के लिए बनायें कार्ययोजना, कलेक्टर

जबलपुर:कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने आज बाल श्रम टास्क फोर्स समिति की बैठक को संबोधित करते हुए झुग्गी झोपड़ी क्षेत्रों में शिविर लगाकर बालश्रम अधिनियम के प्रावधान का प्रचार-प्रसार करने और जन जागरूकता पैदा करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिये हैं।कलेक्टर ने बाल श्रम पर प्रभावी रोकथाम के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि बाल श्रम को पूरी तरह रोकना बड़ी चुनौती है और इसे स्वीकार करने के लिए न केवल सूक्ष्म कार्ययोजना बनानी होगी बल्कि मैदानी स्तर पर उस पर अमल भी करना होगा। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई इस बैठक में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री यशवेन्द्र ठगेले सहित श्रम विभाग, महिला बाल विकास विभाग एवं पुलिस के अधिकारी तथा चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने बैठक में कहा कि बाल श्रम को रोकने लोगों में जागरूकता पैदा करने की ज्यादा जरूरत है। उन्होंने उद्योगों, दुकानों एवं व्यावसायिक संस्थानों में कार्यरत बाल श्रमिकों को चिन्हित करने सर्वे का कार्य शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम की प्रभावी रोकथाम केवल दांडिक कार्यवाही से ही नहीं की जा सकती, बल्कि उन कारणों को भी दूर किया जाना ज्यादा जरूरी है जिनकी वजह से बच्चों को श्रम या काम करने मजबूर होना पड़ता है।
कलेक्टर ने बैठक में बाल श्रम अधिनियम के प्रावधानों का प्रचार-प्रसार और जागरूकता पैदा करने के कार्यों में जनप्रतिनिधियों एवं समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। इसी के साथ उन्होंने झुग्गी बस्तियों में शिविर लगाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में दुकानों, होटलों अथवा संस्थानों में काम करने वाले चिन्हित बच्चों के माता-पिता की काउंसलिंग की जाये तथा उन्हें शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाये ताकि परिवार की आमदनी में इजाफा हो सके। डॉ. इलैयाराजा ने बैठक में नशे की लत के शिकार बच्चों की काउंसलिंग की जरूरत भी बताई। उन्होंने बच्चों को नशे के सेवन से दूर रखने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार करने वालों पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने बताया कि नशे की लत के उपचार के लिए मेडीकल कॉलेज में अलग से वार्ड बनाये जाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

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