डेंगू के नियंत्रण एवं रोकथाम को लेकर कलेक्टर ने जारी किये दिशा-निर्देश

जबलपुर, जिले में डेंगू के बढ़ते प्रकरणों के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने डेंगू के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिये स्वास्थ्य सहित सभी संबंधित विभागों के लिये दिशा-निर्देश जारी किया है। साथ ही इस पर अमल से संबंधित रिपोर्ट कलेक्ट्रेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक 9 में बने कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिये हैं।कलेक्टर श्री शर्मा ने जारी आदेश में समस्त शासकीय चिकित्सालयों में डेंगू के संदिग्ध मरीजों के शीघ्र जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने और डेंगू प्रभावित क्षेत्र में रैपिड फीवर सर्वे एवं वेक्टर कंट्रोल गतिविधि संचालित करने की हिदायत दी है। प्रभावित क्षेत्र में वाहक मच्छरों की वृद्धि के स्त्रोत में कमी लाने की दिशा में कार्य करने और सात दिनों से अधिक समय तक पानी के ठहराव न होने हेतु प्रयास करने के निर्देश दिये। प्रजनन स्त्रोत में मच्छर के लार्वा शून्य होने तक प्रभावित क्षेत्रों में एन्टीलार्वल गतिविधियाँ, लार्वा नियंत्रण गतिविधियों के लिए टेमेफोस, बीटीआई जैसे एन्टीलारवल रसायन का उपयोग किया जाये। प्रभावित क्षेत्र में रासायनिक साइफेनोथ्रिन 5 प्रतिशत द्वारा आउटडोर फॉगिंग कार्य की जाये। कीटनाशक पाइरेथ्रम, दो प्रतिशत स्पेश स्प्रे डेंगू पॉजिटिव रोगी के घर के आसपास के घरो में (400 मीटर के क्षेत्र में स्थित 50 घरों में स्पेस स्प्रे) करने के निर्देश दिये गये है।बुखार प्रभावित रोगियों को एलएलआईएन, और मच्छरदानी के प्रयोग करने की सलाह दी जाये। डेंगू नियंत्रण संबंधित गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैपिड रिस्पॉस टीमों का गठन। कलेक्टर श्री शर्मा ने सी.एच.सी. एवं सिविल अस्पतालों में 10 बिस्तरों का आइसोलेशन वार्ड, ग्रामीण स्तर पर आशा, आंगनबाडी, पंचायत तथा अन्य मैदानी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लार्वा सर्वे तथा फीवर सर्वे का कार्य कराने की हिदायत दी। डेंगू नियंत्रण हेतु विभिन्न विभागों से अंर्तविभागीय समन्वय करते हुये डेंगू नियंत्रण गतिविधियों को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाये। पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक, लार्वीसाइडल केमिकल की उपलब्धता हो।
जिला मलेरिया अधिकारी डेंगू से संबंधित रिपोटिंग कार्य और समन्वय करें। साथ ही नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय स्थापित करें। सभी नगरीय निकायों के वार्ड एवं ग्राम पंचायतों में एंटीलार्वा एवं एंटी मच्छर दवाईयों जैसे- हेमोफेस, पायराथियान आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे तथा इसका छिड़काव करने हेतु नामजद व्यक्तियों की ड्यूटी मय छिड़काव मशीन से किया जाना सुनिश्चित करें। नगर निगम में आयुक्त नगर निगम तथा ग्रामीण अनुभाग में अनुविभागीय दण्डाधिकारी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दवा छिड़काव का आदेश जारी करें। सभी वार्ड एवं ग्राम पंचायतों में फागिंग एवं छिड़काव के लिए मशीनें कोटेशन पर क्रय की जा सकती है। किन्तु अनुविभागीय अधिकारी यह अनिवार्यत: सुनिश्चित कर लें कि उनके नगर पंचायतों के सभी वार्ड में तथा उनके अधीन ग्राम पंचायतों में यह मशीन दवाई छिड़काव दलों के पास हो तथा यह छिड़काव अनिवार्य रूप से नियमित होता रहें।
सभी ग्रामीण अनुविभागीय अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र की नगर पंचायतों के दरोगा एवं ग्राम पंचायतों के सचिवों की बैठक मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत की उपस्थिति में सुनिश्चित करेंगे तथा आवश्यकतानुसार अगर उचित समझें तो अपने स्तर से भी निर्देश जारी करें। नगर निगम क्षेत्र में सभी वार्डो में छिड़काव एवं फागिंग जहाँ, जिन वार्ड में अधिक संख्या में केसेस है वहाँ विशेष सावधानी बरतने हेतु आवश्यक निर्देश आयुक्त, नगर निगम स्तर से जारी किए जाए।फागिंग मशीनों में डीजल, पेट्रोल के साथ पायरोथियान या समकक्ष केमिकल का निर्धारण सम्पूर्ण जिले में किया जाये। ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव दल प्रमुख के रूप में रहेंगे तथा आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ पंचायत सचिव मिलकर कार्य करेंगे। पंचायत के दलों की विशेष ट्रेनिग अनुविभागीय अधिकारी सुनिश्चित करेंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुनिश्चित करेंगे कि सभी निर्देशों का पालन शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो। इस कार्य मे अगर आवश्यकता हो तो एन.आर.एल.एम. के एनजीओ, आर.ई.एस. की टीम तथा एपीओ को भी संलग्न किया जाय। सभी अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण व शहरी अपने-अपने क्षेत्रों में जन-स्वास्थ्य से जुड़े इस विषय में यह सुनिश्चित करें कि इन निर्देशों का पालन फील्ड में शत-प्रतिशत हो रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन मलेरिया की समस्त टीम मय मलेरिया अधिकारी के आयुक्त, नगर निगम के अधीन एवं मार्गदर्शन में कार्य करेगी तथा आयुक्त नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के इस दल की भी जोनवार अथवा वार्डवार ड्यूटी आर्डर जारी करें।
आमजन को जागरूक करें
कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि घरों के अंदर ताजे पानी के भराव से डेंगू लार्वा पनपता है अत: कूलर, गुलदस्ता, टायर, छत पर चढ़ी हुई पोलिथीन, मुड़ी हुई टीन चादर, अनुपयोगी डब्बे आदि में अगर जल जमाव हो तो उसे लोगों को हटाने की समझाइश दी जाये। डेंगू के मच्छर प्रात: काल 10-11 बजे तक अधिकतम दो से तीन फीट उंचाई तक उड़कर काटते है। अत: इस संबंध में आमजन से अनुरोध किया जाये कि वे ऐसे वस्त्र पहने जिससे मच्छर ना काटे अर्थात फुलपेंट, फुल स्लीव शर्ट आदि। बुखार आने पर तत्काल डेंगू टेस्ट कराए एवं डॉक्टर से संपर्क करें। डेंगू मरीजों को अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे नारियल पानी, ज्यूस आदि देना चाहिये, यह भी आमजन में जन– जागरूकता हेतु अवगत करायें। डेंगू मरीज अगर घर में हो तो उसे अनिवार्यत: मच्छरदानी के अंदर रखा जाये।
वार्डवार सर्वे दल गठित
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने नगर निगम क्षेत्र में डेंगू, चिकनगुनिया एवं मलेरिया की रोकथाम हेतु नगर निगम के जोनवार इंसीडेन्ट कमाण्डर के नेतृत्व में पटवारी, एम.पी.डब्ल्यू. ए.एन.एम., आशा कार्यकर्ता और नगर निगम के सी.एस.आई. को मिलाकर संयुक्त रूप से वार्डवार सर्वे दल गठित किया है। यह सर्वेदल कोविड नियंत्रण एवं उपचार सहित टीकाकरण का कार्य भी पूर्ववत करता रहेगा।

 

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