बाल संरक्षण की दिशा में प्रभावी कार्य हों- कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा

जबलपुर, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष  प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता में बच्चों के संरक्षण के संबंध में कलेक्ट्रेट कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सलोनी सिडाना, अपर कलेक्टर  राजेश बाथम, महिला एवं बाल विकास अधिकारी  एमएल मेहरा सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान बाल स्वराज्य पोर्टल पर दर्ज स्ट्रीट चिल्ड्रन की जानकारी, उनके पुनर्वास के साथ विभाग के द्वारा अभी तक की गई कार्यवाहियों के बारे में समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण द्वारा दिये दिशा-निर्देशों के पालन पर भी चर्चा की गई। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर कहा गया कि अस्पतालों में एसएनसीयू में बेड बढ़ाने के निर्देश के साथ बच्चों में बढ़ रहे नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम करने के उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया। इसी तारतम्य में यह भी निर्देशित किया गया कि शिक्षण संस्थाओं के पास शराब या तंबाकू या नशा से संबंधित दुकानें न हों। श्री कानूनगो ने कहा कि मेडिकल स्टोर्स में रेंडमली, सीसीटीवी कैमरा चैक करना भी सुनिश्चित किया जाये। बाल भिक्षावृत्ति, स्ट्रीट चिल्ड्रन, उनके पुनर्वास, शिक्षा व नशा की प्रवृत्ति को रोकने के लिए संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर कार्यवाही करें, जिससे बचपन सुरक्षित रहे। इसके साथ ही बाल कोविड योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कोविड व नॉनकोविड से जिनके माता-पिता अब नहीं रहे उन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक उपाय करें, साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ उन्हें सुनिश्चित हो जाये। उन्होंने कहा कि निराश्रित बच्चों के वैधानिक संरक्षक भी सुनिश्चित की जाये और बाल मजदूरी को हतोत्साहित करें।
बाल मजदूरी के हॉट स्पॉट को चिन्हित कर बच्चों के भविष्य सुरक्षित करें और बच्चों को नशे के रूप में खाने, पीने व सूंघने की दवाईयां कहां से मिलती हैं यह पताकर नशा विक्रेताओं पर कार्यवाही करें। कलेक्टर  इलैयाराजा ने बाल संरक्षण की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।

शेयर करें: