कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस,कानून व्यवस्था है सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 

 

जबलपुर, मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अच्छी-कानून व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चिन्हित अपराधों में अपराधियों को सख्त से सख्त और जल्द से जल्द सजा दिलवायी जाये। पुलिस द्वारा ऐसे मामलों की सतत् समीक्षा की जाये। मासिक समीक्षा के साथ ही योजनाओं के अमल और कानून-व्यवस्था की स्थिति की साप्ताहिक समीक्षा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर में प्रशासन द्वारा भू-माफिया के विरूद्ध उठाये गये कदमों की खुली प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा अन्य जिले इंदौर में की गई कार्रवाई को आदर्श मानकर अपना सकते हैं। यह जरूर सुनिश्चित किया जाये कि किसी निर्दोष पर कार्रवाई न हो।मुख्यमंत्री  चौहान ने आज मासिक कलेक्टर-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस में निर्देश दिए कि प्रशासनिक अधिकारी आम जन की पूरी चिंता करें, यह हमारा मंत्र होना चाहिए। इसलिए ही हम शासन-प्रशासन में हैं। कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि प्रदेश में रबी सीजन के लिए उपार्जन संबंधी आवश्यक तैयारियाँ पूरी हो गई हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में हुए निर्बाध धान उपार्जन कार्य की प्रशंसा की और अन्य फसलों के उपार्जन के लिए भी ऐसी ही व्यवस्थित कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के प्रथम सत्र में जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधिक्षकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर राज्य शासन द्वारा प्रारंभ किये गये विभिन्न अभियानों और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
बेटियों के अपहरण की रोकथाम के लिए पुख्ता कदम
कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में पुलिस मुख्यालय और अटल बिहारी वाजपेई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के मध्य अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए। यह अनुबंध प्रदेश में बालिकाओं के अपहरण और व्यपहरण के मामलों की रोकथाम का अध्ययन कर सुझाव के लिए किया गया है। संस्थान ऐसे प्रकरणों के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। पुलिस मुख्यालय की महिला अपराध शाखा की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव और अटल सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के निदेशक श्री गिरीश शर्मा ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जनवरी माह में ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत 2 हजार 444 और फरवरी माह में 885 बेटियाँ प्रदेश और प्रदेश के बाहर से दस्तयाब की गई हैं। इन अपहरण और व्यपहरण के लंबित मामलों में बालिकाओं के अभिभावकों को अधिकार-पत्र दिए जा रहे हैं। यह अधिकार-पत्र इन मामलों की विवेचना के बारे में संबंधित परिवार को अवगत करवाते रहेंगे। सुशासन संस्थान द्वारा अध्ययन के आधार पर बेटियों के अपहरण, व्यपहरण के कारणों, बालिकाओं के सामाजिक और आर्थिक परिवेश का अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए वर्तमान कानून-व्यवस्था में संशोधन के सुझाव और विभागों की सहभागिता पर भी सुझाव प्राप्त होंगे। यह संस्थान प्रथम प्रतिवेदन 4 माह में प्रस्तुत करेगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंस है सुशासन का अस्त्र, माफिया पर हुई प्रभावी कार्रवाई
मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि माफिया के विरूद्ध अभियान के अंतर्गत कुछ मामलों में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। वीडियो कॉन्फ्रेंस जो सुशासन देने का बड़ा हथियार है, उस वजह से भी यह कार्य संपन्न हो सका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य कुशल पुरस्कृत होंगे। सुशासन देना ही मूल उद्देश्य है। अच्छे कार्य की प्रतिस्पर्धा हो। इससे परफार्मेंस बेहतर होगा। वास्तव में इंदौर प्रशासन ने माफिया के विरुद्ध प्रभावी और बेहतरीन कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कल इंदौर में उन लोगों की खुशी देखी जिन्हें लम्बे इंतजार के बाद अपने प्लाट मिल गए। भू-माफिया भागता फिर रहा है। जिन्हें न्याय मिला उनकी आँखों में चमक दिखाई देती है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि और लोगों को प्राप्त हुई राहत के लिए इंदौर प्रशासन को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया के विरूद्ध अभियान का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। कॉन्फ्रेंस के दौरान कलेक्टर इंदौर श्री मनीष सिंह ने प्रेजेंटेशन द्वारा भू-माफिया के विरूद्ध की गई कार्रवाई का विवरण दिया।
भू-माफिया सहित किसी माफिया को न छोड़ें
कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि किसी माफिया को न छोड़ा जाये। मुख्यमंत्री ने इंदौर कलेक्टर के प्रेजेंटेशन की सराहना की और बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जरूरी है कि वास्तविक व्यक्ति को कब्जा दिलवाया जाए। जहाँ सरकार खड़ी हो जाती है तो किसी माफिया की यह हिम्मत नहीं होती कि कब्जा करे और जनता को धमकाए। उन्होंने इंदौर में प्रथम चरण में हुई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुक्त करवाई गई अन्य भूमि का उपयोग भी सुनिश्चित करें। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि फरवरी माह में प्रदेश में भू-माफिया से 2480 एकड़ जमीन मुक्त करवाई गई है, जिसकी अनुमानित लागत 563 करोड़ रूपये है। अतिक्रमण हटाने और अवैध निर्माण तोड़ने का कार्य हो रहा है। पुलिस ने अन्य जिलों में भी कार्यवाही की है।
चिटफंड कंपनियों पर शिकंजा
चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही में इस माह पुलिस द्वारा 14.28 करोड़ रूपये की राशि वापस करवाई गई है। प्रदेश में कुल 31 अपराध पंजीबद्ध किये गये। निवेशित राशि वापस करवाने में दमोह जिला प्रथम है। सिवनी, भोपाल, छिंदवाड़ा और अशोकनगर क्रमशः दूसरे से पाँचवें क्रम पर हैं। कुल 35 आरोपी गिरफ्तार किए गए। प्रदेश में फरवरी में 4,327 निवेशकों को चिट फंड कंपनियों से ठगे जाने के बाद राहत दिलवाने के प्रशासन के प्रयास सफल हुये हैं। नागरिकों को 16.41 करोड़ रूपये की राशि वापिस मिली हैं। छिंदवाड़ा में सहारा इंडिया के 303 निवेशकों को 1 करोड़ 14 लाख 82 हजार रूपये वापस मिले। पन्ना में 277 निवेशकों को 1 करोड़ 2 लाख 55 हजार रूपये वापिस मिले। उज्जैन में ग्लोरियो प्रॉपर्टी के 10 संचालकों की 3 करोड़ 50 लाख की सम्पत्ति कुर्क करने के लिए न्यायालय ने आदेश दिया है।
अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण
कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि इंदौर, बुरहानपुर, जबलपुर, बैतूल और छिंदवाड़ा को अवैध शराब के कारोबार विरुद्ध फरवरी माह में श्रेष्ठ कार्य करने वाले जिलों में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री  चौहान ने इन जिलों में किए गए श्रेष्ठ कार्य के लिए बधाई दी। इसी तरह अन्य अच्छा कार्य करने वाले जिलों में दमोह, धार, सतना, ग्वालियर, दतिया, नीमच, रतलाम, कटनी, टीकमगढ़ शामिल हैं।
रेत परिवहन पर नजर
मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि अवैध परिवहन में लगे वाहन अनिवार्य रूप से राजसात किए जाएं। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि रेत खनिज के अवैध परिवहन पर वाहन राजसात की कार्रवाई की जा रही है। फरवरी माह में भिंड जिले में सर्वाधिक 25 वाहन राजसात किये गये। इसके लिए कलेक्टर भिण्ड को मुख्यमंत्री से बधाई मिली। अन्य जिलों में ग्वालियर, सागर, छिंदवाड़ा और गुना में भी अच्छा कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अन्य जिलों में की गई कार्यवाही की भी जानकारी प्राप्त करते हुए अच्छे कार्य करने वालों को बधाई दी और अन्य जिलों में अवैध परिवहन करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए।
मिलावट और अवैध शराब विक्रय
मुख्यमंत्री  चौहान ने मिलावटी खाद्य पदार्थ के प्रकरणों के दोषियों के विरुद्ध निरंतर कार्यवाही के निर्देश दिए। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि फरवरी माह में पुलिस और अन्य संबंघित विभागों द्वारा 1.15 करोड़ रूपये के मिलावटी पदार्थ जप्त किये गये। इनमें एनएसए के 7 प्रकरण शामिल हैं। जिन जिलों में अच्छा कार्य हुआ है उनमें मुरैना, विदिशा, इंदौर, जबलपुर, सिवनी, अशोकनगर, बालाघाट, भिण्ड, और बड़वानी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाही की जानकारी प्राप्त की। काँफ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में ऐसे कार्य में संलिप्त 143 वाहन राजसात हुए हैं। भोपाल में भी 33 वाहन राजसात हुये हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री ने बधाई दी। उन्होंने गुना, अलीराजपुर, इंदौर, बैतूल और ग्वालियर को भी अच्छे कार्य के लिए बधाई दी।
चिन्हित अपराधों के अपराधियों को सबक सिखायें
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चिन्हित अपराधों के अपराधियों को सबक सिखायें ताकि ऐसा कृत्य करने का दुस्साहस कोई न करें।कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में चिन्हित अपराध के अंतर्गत अपराधियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही में पन्ना जिला प्रथम है। पन्ना में 3 प्रकरण में दोष सिद्धि के साथ 100 प्रतिशत कार्य हुआ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसके लिए पन्ना जिला प्रशासन को बधाई दी। प्रदेश में गत माह 30 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है। जो जिले चिन्हित अपराधों पर कार्रवाई के लिए श्रेष्ठ कार्य कर रहे हैं उनमें सीधी, सतना, रतलाम, देवास और बुरहानपुर शामिल हैं। इन जिलो में 2-2 प्रकरण के साथ दोष सिद्धि 100 प्रतिशत हैं। फरवरी माह की प्रगति के आधार पर यह रैंकिंग की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित अपराधों के अपराधियों को बचना नहीं चाहिए। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि सीधी जिले में नाबलिग के साथ बलात्कार के आरोपियों को 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया है। इसी तरह देवास और बैतूल जिलों में आरोपी को आजीवन कारावास और अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
जिलों में हरियाली बढ़ायें
मुख्यमंत्री  चौहान ने जिलों में पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने हर शहर और कस्बे में एक स्थान तय कर रोज एक पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं खुद प्रतिदिन पौधा लगा रहा हूँ। यह पर्यावरण रक्षा और मानव अस्तित्व के लिए आवश्यक है। इंदौर स्वच्छता में प्रकाश स्तंभ है, यह नगर अन्य नगरों के लिए प्रेरणा का कार्य करता है। इंदौर सहित सभी नगरों और ग्रामों में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाये जाये।
उपार्जन और राशन वितरण में गड़बड़ियाँ न हों
मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि खाद्य उपार्जन में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की जाये। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश भर में इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत रीवा में 15, सिंगरौली में 12, दतिया, ग्वालियर में 5-5 और सीधी में 2 वाहन जप्त किये गये हैं। कुल 48 प्रकरणों में एफआईआर हुई है। इसी तरह पीडीएस में कालाबाजारी पर कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बालाघाट में अवैध कार्य में उपयोग वाहन को जप्त करने की कार्यवाही एवं मध्यप्रदेश चोर बजारी अधिनियम 1980 में 4 लोगों को निरूद्ध करने के लिए कलेक्टर बालाघाट को बधाई दी। प्रदेश में 10 जिलों में 15 अन्य एफआईआर दर्ज हुईं हैं और सामग्री जप्त की गई। मुख्यमंत्री ने जिलों में ऐसे प्रकरणों में कालाबाजारी एक्ट में कार्यवाही के निर्देश दिए।
गरीबों को राशन से वंचित न होने दें
कॉन्फ्रेंस में अन्न उत्सव की भी समीक्षा की गई। जनवरी 2021 में प्रदेश में 22 हजार 532 उचित मूल्य दुकानों पर अन्न उत्सव सम्पन्न हुआ। जन-प्रतिनिधि भी आमंत्रित किये गये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को समय पर खाद्यान्न मिले, यह गरीब का राशन है। वो इससे वंचित न हों। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि राशन पहुँचाना शासन की प्राथमिकता है। यह कर्मकांड नहीं है। राशन के वितरण का कार्य ठीक से न होने पर मैं कोई तर्क नहीं सुनूंगा। राशन वितरण की विस्तृत समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची देने के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस कार्य में विलंब न हो। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में गत पाँच माह में जारी 9.43 लाख पात्रता पर्चियों में से 9.24 लाख (98 प्रतिशत) पात्रता पर्चियों का वितरण हो चुका है।
उपार्जन कार्य : अन्न का एक-एक दाना खरीदेंगे
मुख्‍यमंत्री श्री चौहान ने उपार्जन कार्य के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रबी उपार्जन में समिति/स्‍व-सहायता समूह तथा एफ.सी.ओ./ एफ.सी.सी. के साथ-साथ बड़े गोदाम मालिकों द्वारा भी किसानों से सीधे उपार्जन किया जाए। रबी उपार्जन 2021-22 में पंजीकृत कृषकों को निर्धारित समय में सत्‍यापन करवा कर सत्‍यापान रिपोर्ट दी जाए। गत वर्ष उपार्जन कार्य के दौरान जिन संस्‍थाओं/समितियों द्वारा गंभीर अनियमितताएँ की गई हैं, उनको ब्लैक लिस्टेड किया जाए। पूर्व वर्षों में जिन कृषकों को उपार्जन के बाद भुगतान नहीं किया गया है, उनका भुगतान कर, दोषियों पर प्रकरण दर्ज करवाएँ। संबंधित समिति के कर्मचारियों के निवास स्‍थान से उनकी सम्‍पत्ति की जानकारी प्राप्‍त कर उनके विरूद्ध वसूली/कुर्की कर राशि प्राप्‍त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। मुख्यमंत्री ने जिलों में स्व-सहायता समूह की भागीदारी की जानकारी प्राप्त की। पन्ना, सतना और जबलपुर कलेक्टर्स ने बताया कि स्व-सहायता समूह हमारे जिलों में भागीदारी कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से अनाज का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। एक भी किसान वंचित न हो। किसानों के पसीने को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
धान उपार्जन एक उपलब्धि रही
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में धान उपार्जन कार्य व्यवस्थित रूप से हुआ। यह एक उपलब्धि रही। इसके लिए उन्होंने खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रबी उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की। काँफ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में 15 मार्च से 15 मई तक चना, सरसों और 22 मार्च और एक अप्रैल से गेहूँ उपार्जन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी उचित व्यवस्थाएँ करने के निर्देश दिए। उपार्जित स्कंध को बारिश से बचाने तथा अधिक उपार्जन वाले केन्द्रों में मनरेगा योजना के अंतर्गत कैप तैयार किये जाएंगे। कॉन्फ्रेंस में सतना कलेक्टर ने बताया कि उपार्जित खाद्यान का भुगतान न होने पर लापरवाही के दोषी पाए जाने पर सहकारिता निरीक्षक एम.पी. शर्मा को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपार्जन पश्चात सभी किसानों को सौ प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक श्री विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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