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संपादकीय

दिल के अरमा भोपाल की गलियों में बह गए,भैयाजी मंत्री बनते -बनते रह गए

(पवन यादव ):बड़े अरमानों से मंत्री बनने के ख्वाब सजाए दिल मे मंत्री बनने के अरमान लिए भैयाजी ने भोपाल में डेरा डाला लेकिन उनके दिल के अरमा भोपाल की गलियों में ही बह गए,जब पता

क्या शराब दुकानों में हो सकेगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ?या आफत को बुला रहे हैं सरकार

(पवन यादव ):कोरोना संकट काल के चलते देश में बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉक डाउन 3.0 लागू कर दिया,बढाया गया लॉक डाउन 14 दिनों यानी 17 मई तक के लिए

पीएम मोदी ने मार्च में बनाया अप्रैल फूल

वैसे तो 1 अप्रैल के दिन अप्रैल फूल मनाने की परंपरा रहती है ,लेकिन इस बार देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 मार्च को ही अप्रैल फूल बना दिया,उनके सोशल मीडिया छोड़ने के ट्वीट पर

इस धर्म या कर्तव्य को निभाने से किसने रोका है मिस्टर मीडिया?

पत्रकार यदुवंशी ननकू यादव सतना मध्य प्रदेश----------------------_------------ शहर एक। दृश्य दो। एक में दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के राष्ट्रपति तोपों की सलामी लेते

पत्रकारिता की आम स्थिति और चुनौतियां

पत्रकार यदुवंशी ननकू यादव ✍️……………………?लोकतंत्र के एक मजबूत स्तम्भ की साख आज दांव पर है. जी हां मैं बात कर रहा हूं पत्रकारिता की, जो एक महत्वपूर्ण कड़ी है सरकार और जनता के बीच. समाज

एससी-एसटी और भूमिहीनों को पट्टा वितरण के सहारे ,चुनावी नैया पार लगाने की तैयारी

(यदुवंशी ननकू यादव ,सतना )त्रिस्तरीय पंचायतराज एवं नगरीय निकायों के आरक्षण की प्रक्रिया के साथ ही चुनावी गतिविधियां अब शुरू हो चुकी हैं। कांग्रेस ने भी अपनी चुनावी तैयारियां शुरू

मुसलमानों की देशभक्ति?पत्रकार यदुवंशी ननकू यादव

बेबाक ,बेधड़क, बेमिसाल✍❓पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन शांतिपूर्ण आंदोलनों की तारीफ की है, जो नए नागरिकता कानून के विरोध में चल रहे हैं। उनका कहना है कि इससे भारत का

आधुनिक जमाने की पत्रकारिता का जीवन जोखिम भरा ?

_______________ *✍पत्रकार यदुवंशी ननकू यादव _______________ ✍..............❓ लोकतंत्र के चैथे स्तंभ के खिलाफ लगातार दुर्भावनापूर्ण अभियान चल रहा है ? समाज की अंतिम व्यक्ति की…

बाजारवाद बदलता, इसलिए नहीं बदलना चाहिए पत्रकार का जमीर

______________ (पत्रकार यदुवंशी ननकू यादव) सतना ______________ क्या बाजारवाद के दौर का मीडिया अपनी विश्वसनीयता खो रहा है या फिर वाकई मीडिया पर बाजारवाद हावी हो चुका है. क्या…

पूंजीवादी कलेवर में दम तोड़ती कलम

(पत्रकार यदुवंशी ननकू यादव) पूंजीपतियों, बिल्डरों, शराब सिण्डिकेटों के निवेश ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के मूल तेवर को जमकर प्रभावित किया है। कभी अखबार मालिक के खिलाफ ही लिखने…
ख़बर चुराते हो अभी पोलखोल दूंगा